सेहत

छत्तीसगढ़ की 36 भाजियां

Shalini Awasthi
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छत्तीसगढ़ की 36 भाजियां:
भाजी नंबर-3- चरोटा भाजी
आज छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों की सीरीज में जो भाजी है वो मुंह के गुरतुर स्वाद को तो तृप्त करती ही है, साथ ही विदेशों में भी सिर्फ राज्य को नही बल्कि देश को भी पहचान दिलाती है। उस भाजी का नाम है चरोटा भाजी। प्याज, सूखी मिर्च और लहसुन के छौंक से बनने वाली इस भाजी के स्वाद के सिर्फ छत्तीसगढ़िया लोग ही आदि नहीं है बल्कि उसके औषधि गुणों के कारण इसकी मांग चीन मलेशिया और ताइवान में भी काफी हैै।

चरोटा भाजी पर गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के वनस्पति विभाग में रिसर्च भी चल रहा है। चरोटा भाजी के साथ ही छत्तीसगढ़ की 10 ऐसी भाजियां है जो अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण करोना और कैंसर जैसी बीमारियों से भी लड़ने में सक्षम है। चरोटा भाजी का वैज्ञानिक नाम “केशिय टोरा” है। चरोटा भाजी का उपयोग हर्बल प्रोडक्ट, चर्म रोग के लिए मलहम, फंगस और वात रोग की दवा बनाने के लिए भी किया जाता है।

इस भाजी के महत्व को हम इस तरह देख सकते हैं कि देशभर में पिछले साल 5000 टन चरोटा के बीजों का निर्यात हुआ था। जिसमें अकेले छत्तीसगढ़ राज्य ने ढाई हजार टन इसका निर्यात किया। मलेशिया, ताइवान और चीन चरोटा भाजी और इसके बीज के सबसे बड़े बाजार हैं। ये देश चरोटा भाजी के बीज का इस्तेमाल काफी पाउडर, आइसक्रीम, चाकलेट, ग्रीन टी समेत साबुन व सौंदर्य प्रसाधन बनाने में भी करते है।

तो अगली बार जब बारिश का मौसम आए और चरोटा भाजी आपको महज कुछ पैसों में अपने लोकल मार्केट में उपलब्ध हो तो इसका स्वाद जरुर लीजिएगा, यही सोच कर कि यह हमारे शरीर को प्रोटीन, आयरन, लिपिड भरपूर मात्रा में प्रदान करता है जो हमें बीमारियों से ढिशुम- ढिशुम करने के लिए स्ट्रांग बनाते है।

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