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पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान के बीच चमन सीमा पर दूसरे दिन भी तनाव : झड़पों के दौरान मरने वालों की संख्या 22 तक पहुंची

पाकिस्तान अफगानिस्तन के बीच चमन सीमा पर दूसरे दिन भी तनाव और झड़पों के दौरान मरने वालों की संख्या 15 हो गयी है और दोस्ती के दरवाज़े को सेना के नियंत्रण में दे दिया गया है।

अफगानिस्तान के अधिकारियों ने कहा है कि पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी के दौरान, 9 लोग मारे गये और 150 नागरिक घायल हुए हैं, अफगान रक्षा मंत्रालय ने धमकी दी है कि अगर अगर सीमा पार से हमलों का सिलसिला रोका न गया तो अफगान सुरक्षा बल भी भरपूर जवाब देंगे।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान की चमन सीमा पर आवाजाही बहाल करने के लिए प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प भी हुई जिसमें कई लोग मारे गये।

पाकिस्तानी सूत्रों के अनुसार नगर के भीतर भी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें जारी हैं।

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार चमन बार्डर को खोले जाने के लिए प्रदर्शन करने वालों ने शुक्रवार की सुबह आइसोलेशन सेंटर पर हमला किया और कई कार्यालयों को आग लगा दी जिसके बाद सुरक्षा बलों ने हवाई फायरिंग की जिसमें कई लोग घायल हो गये।

पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अफगान सुरक्षा बलों की फायरिंग में पाकिस्तान के 7 नागरिक मारे गये हैं जबकि कम से कम 31 घायल हुए हैं लेकिन अफगानिस्तान के कंधार राज्य के गर्वनर ने कहा है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की फायरिंग में अफगानिस्तान के 15 नागरिक मारे गये और 80 घायल हुए हैं।

पाकिस्तानी विदेशमंत्रालय ने अफगान सीमा सुरक्षा बल पर आरोप लगाया है कि उसने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की लेकिन प्रदर्शनकारियों ने रायर्टज़ न्यूज़ एजेन्सी को बताया कि पहले पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने उन पर फायरिंग की।


अफ़ग़ान फ़ौजी पाकिस्तान की सरहद के पास हुए हाई अलर्ट, ब्रिटेन ने बोया है दोनों देशों के बीच झगड़े का बीज

अफ़ग़ान फ़ौजी ड्यूरेंड लाइन से मिली पाकिस्तान की सीमा के पास हाई अलर्ट हो गए हैं।

काबुल से संवाददाता के मुताबिक़, पाकिस्तानी फ़ौजियों की ओर से अफ़ग़ानिस्तान के क़न्धार प्रांत पर रॉकेट हमले के बाद, अफ़ग़ान फ़ौजियों को पाकिस्तान से मिली सरहद पर हाई अलर्ट कर दिया गया है।

गुरूवार को हुए इस हमले में 9 लोग मारे गए और 50 अन्य घायल हुए।

अफ़ग़ान रक्षा मंत्रालय ने भी चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तानी फ़ौजियों के हमले जारी रहे तो अफ़ग़ान सीमा सुरक्षा बल के जवान भी जवाबी हमला करेंगे।

ग़ौरतलब है कि ड्यूरंड लाइन 1893 में ब्रिटिश साम्राज्य के दौर में खैंची गयी, जिसे अफ़ग़ानिस्तान पाकिस्तान से मिली आधिकारिक सीमा नहीं मानता और पिछले कुछ साल के दौरान दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बल के जवानों के बीच कई बार झड़प हो चुकी है।

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