सेहत

बिना लक्षणों वाले कोरोना पॉज़िटिव लोगों से भी वायरस फैल सकता है, रहें होशियार!

दक्षिण कोरिया के जामा इंटरनल मेडिसिन में छपी एक स्टडी से साबित होता है कि बिना लक्षणों वाले कोरोना पॉज़िटिव लोगों से भी वायरस फैल सकता है। कोविड-19 के संक्रमण को लेकर अब तक स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसकी केवल संभावना जताते आए हैं। ऐसा तब होता है जब कोई व्यक्ति बिना किसी कोरोना मरीज़ के संपर्क में आए हुए ही संक्रमित पाया जाता है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, दक्षिण कोरिया के सूनचुंगह्यांग यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं की एक टीम का नेतृत्व करने वाली सिऑन्जे ली बताती हैं कि उन्होंने 6 मार्च से 26 मार्च के बीच एक आइसोलेशन सेंटर में रखे गए 303 लोगों से लिए गए स्वॉब के सैंपल का विश्लेषण किया। इसके पास के एक शहर में अचानक कोरोना के बहुत सारे मामले सामने आए थे। इस समूह में सभी लोग 22 से 36 साल की उम्र के बीच थे और दो-तिहाई महिलाएं थीं। इस समूह के सैंपलों की जांच से पता चला कि 193 में कोरोना के लक्षण दिख रहे थे जबकि बाकी 110 में बिल्कुल नहीं। स्टडी को आगे बढ़ाने पर देखा गया कि जिन लोगों में शुरु में कोई लक्षण नहीं दिखे थे, उनमें से 30 फीसदी यानि 89 लोगों में कभी भी कोई लक्षण नहीं आया। रिसर्चरों का कहना है कि इससे समझा जा सकता है कि असल में कितनी बड़ी आबादी में कोरोना का संक्रमण होते हुए भी कभी कोई लक्षण नहीं दिखेगा। अभी भी विश्व भर में इसे लेकर काफ़ी अनिश्चितता है कि जिन लोगों में पॉज़िटिव होने के बावजूद कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं, क्या वे ‘प्री-सिम्टमैटिक’ हैं या ‘ए-सिम्टमैटिक’।

इस स्टडी के लिए उन बिना लक्षण वाले लोगों के सैंपल आगे चलकर भी नियमित तौर पर लिए जाते रहे। आठ दिन आइसोलेशन में रहने के बाद के उनके सैंपलों में वायरस की उतनी ही मात्रा मिली, जितनी लक्षण वाले मरीज़ों में थी। खास कर नाक से लेकर गले और फेफड़ों में कोरोना वायरस के जेनेटिक पदार्थ की समान मात्रा थी। इन लोगों के टेस्ट निगेटिव आने में औसत रूप से थोड़ा कम समय लगा। जहां लक्षण वाले मरीज़ों को निगेटिव होने में औसतन 19.5 दिन लगे वहीं बिना लक्षण वालों का औसत क़रीब 17 दिन रहा। स्टडी के लेखक कहते हैं कि उनकी स्टडी से यह तो साबित होता है कि ‘ए-सिम्टमैटिक’ लोगों में कोरोना वायरस का जेनेटिक पदार्थ मौजूद है। लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि उन लोगों के कारण वायरस और लोगों में भी फैलता है। इसकी पुष्टि करने के लिए ऐसे लोगों पर और लंबे समय तक नज़र रखने और उनके संपर्क में आने वालों की भी जांच करने की ज़रूरत होगी।

पूरी दुनिया में 12 लाख 56 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत

स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रवक्ता ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में कोरोना के दो हज़ार से ज़्यादा नए मामले सामने आए हैं।

डाॅक्टर सीमा सादात लारी ने शनिवार को देश में कोरोना वायरस के ताज़ा आंकड़े पेश करते हुए बताया कि पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,125 नए मरीज़ों का पता चला जिनमें से लगभग 1 हज़ार 49 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया जबकि बाक़ी अन्य को आवश्यक उपचार व निर्देशों के साथ घर जाने की अनुमति दे दी गई। स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रवक्ता ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अब देश में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 3 लाख 24 हज़ार 692 हो गई है, बताया कि पिछले 24 घंटों में 132 लोग कोविड-19 के कारण अपनी जान से हाथ धो बैठे जिसके बाद इस बीमारी से मरने वालों की कुल संख्या 18,264 हो गई है।

डाॅक्टर सीमा सादात लारी ने बताया कि देश में अब तक कोरोना से संक्रमित होने वाले 2 लाख 82 हज़ार 122 लोगों का उपचार करके उन्हें घर भेजा चुका है। इस बीच पूरी दुनिया में कोरोना से संक्रमित होने वालों की संख्या एक करोड़ 95 लाख 72 हज़ार से अधिक हो गई है जबकि एक करोड़ 25 लाख 68 हज़ार से ज़्यादा लोग कोरोना वायरस को हराने में सफल रहे हैं। कोरोना वायरस अब तक पूरी दुनिया में 12 लाख 56 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान ले चुका है।

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