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74वां स्वतंत्रता दिवस : मोदी का डेढ़ घंटे लम्बा संबोधन : प्रधानमंत्री मोदी ने नेश्नल डिजिटल हेल्थ मिशन की शुरूआत का एलान किया!

भारत आज अपना 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परम्परा के अनुसार, लाल क़िले की दीवार से तिरंगा फहराने के बाद, राष्ट्र को संबोधित किया।

मोदी का यह संबोधन डेढ़ घंटे लम्बा रहा, जिसमें आत्मनिर्भरता, महिला शक्तिकरण और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे लिए विश्व एक परिवार है। आर्थिक विकास हो लेकिन मानवता के लिए जगह होनी चाहिए।

प्रधान मंत्री मोदी ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में डेढ़ लाख गांवों को ऑप्टिकल फ़ाइबर से जोड़ा गया है और आने वाले 1,000 दिनों में देश के हर गांव को ऑप्टिकल फ़ाइबर से जोड़ दिया जाएगा।

मोदी का कहना था कि जब कोरोना महामारी की शुरूआत हुई थी, उस वक़्त देश में कोरोना टेस्टिंग के लिए सिर्फ़ एक लैब थी, लेकिन आज 1,400 से ज़्यादा लैब हैं। आज भारत में कोराना की एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन वैक्सीन विकसित कर रहा है।

कोरोना के दौरान देश में स्वास्थ्य सेवाओं के संकट को नज़र अंदाज़ करके उन्होंने देश में नेश्नल डिजिटल हेल्थ मिशन की शुरूआत की बात की।

2014 में मोदी के सत्ता संभालने के बाद से नागरिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर लगातार जो प्रहार हो रहे हैं उससे देश में राजनीतिक और सामाजिक संकट पैदा होता जा रहा है। हालात यह हैं कि दुविधा और दुख में फंसा व्यक्ति अगर अपने जनप्रतिनिधि, राज्य के मुखिया और मंत्री या न्यायाधीश की आलोचना कर देता है, तो उसे अपराधी क़रार दे दिया जाता है।

विकास के नाम पर ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं, जिनसे पहले से ही हाशिए पर धकेल दिए गए मुसलमानों और दलितों को और गहरी खाई की तरफ़ धकेला जा रहा है। जबकि उन नीतियों का नैतिक-राजनीतिक विरोध करने का अधिकार भी भारत के नागरिकों को या उनके संगठनों को नहीं है।

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