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कोरोना वायरस के समय देश के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी!

कोरोना वायरस के चलते देश के कई अस्पतालों को ऑक्सीजन की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। ऑक्सीन की कमी ना सिर्फ सरकारी बल्कि प्राइवेट अस्पतालों को भी झेलनी पड़ रही है। इस बात की जानकारी खुद सरकार के शीर्ष अधिकारी ने दी है। बता दें कि देश में कोरोना के मामले लगातार काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। शनिवार को लगातार दूसरे दिन कोरोना के मामलों में वृद्धि हुई और एक दिन में रिकॉर्ड 97570 कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए। देश में कोरोना के मामले तकरीबन 47 लाख पहुंच गए हैं।

कोरोना के सर्वाधिक मामलों के लिहाज से भारत अब दुनिया में दूसरा देश है जहां सबसे अधिक संक्रमण के मामले हैं। भारत से आगे अब सिर्फ अमेरिका है जहां कोरोना के कुल 64 लाख मामले हैं। भारत में कोरोना से 77472 लोगों की मौत हो चुकी है और कोरोना से मरने वालों के लिहाज से भारत दुनिया का तीसरा देश है। लेकिन जिस तेजी से भारत में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं वह किसी भी देश की तुलना में सबसे अधिक हैं।

महाराष्ट्र में कोरोना का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिला है। अकेले महाराष्ट्र में 10 लाख से अधिक कोरोना के मामले हैं। महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीन की कमी महसूस की जा रही है।

पनवेल में स्थित निर्मया अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर अमित थड़ानी ने बताया कि इस इलाके में ऑक्सीन की बहुत अधिक किल्लत है। हालत इतनी खराब है कि फिलिंग स्टेशन तक को गैस की सप्लाई नहीं मिल रही है, ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनियों के पास बहुत ही सीमित गैस का स्टॉक है। अगर हम 50 सिलेंडर की मांग करते हैं तो हमे सिर्फ 5-7 सिलेंडर ही मिलते हैं।

नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी ने बताया कि उनके पास अस्पतालों से इस तरह की रिपोर्ट आई है कि उन्हें ऑक्सीन की किल्लत है, हमने इस बाबत प्रशासन से अपील की है। पिछले कुछ दिनों में जिस तरह से मामले बढ़े हैं उसके चलते ऑक्सीजन की मांग में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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