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क्या उन्हें नींद आती होगी? जिनकी नौकरी गई है : अगस्त में 81 लाख लोगों की नौकरी गई

Shamsher Ali Khan
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मोदी और संघ को लगता है कि वे सवर्णों को पिछड़ों से लड़ाकर अनंतकाल तक सत्ता की मलाई चाटते रहेंगे..।।
पर अब सवर्णों को भी भी अच्छी तरह समझ में आ गया है कि मोदी ने सबसे अधिक नुकसान उन्हीं का किया है।।
सरकारी रिपोर्ट बताती है सवर्ण वर्ग आमतौर पर सरकारी नौकरी में ज्यादा है।। इस हिसाब से सवर्ण वर्ग सरकारी नौकरियों पर ज्यादा निर्भर है।।
और मोदी ने पिछले 6 सालों में सरकारी नौकरियों का सत्यानाश कर दिया…. इससे सबसे अधिक नुकसान सवर्णों को ही हुआ..।।
फिर मोदी ने लगभग सभी बड़ी PSU, अपने अंबानी, अडानी जैसे मित्रों को बेच दी ….जिनमें 80 से 90 प्रतिशत सवर्ण सी नौकरी करते थे।
यही हाल रेलवे , बैंक आदि सरकारी नौकरियों का है जिनमें लगभग 60 से 70 फीसदी सवर्ण ही नौकरियां करते थे…मोदी ने उनको भी नौकरियों से निकालने की योजना बना ली है।।

ऊपर से आज देश की इकोनॉमी की हालत इतनी खराब है कि देश के प्राईवेट सैक्टर की कमर टूट चुकी है….अब प्राईवेट सैक्टर में लाखों की नौकरी सपना ही बनकर रह गई है।।
सवर्णों को नौकरियां देने वाला प्राईवेट सैक्टर भी बर्बाद है।
पिछड़े तो खेती किसानी करके , छोटे मोटे धंधे करके अपना जीवन यापन कर लेंगे पर सामाजिक मर्यादा और लोकलाज से सवर्ण वर्ग न तो चाट का ठेला लगा सकता है न दूध बेच सकता है, न बाल काट सकता है , न सड़क किनारे सत्तू पराठा, लिट्टी चोखा बेच सकता है।।
व्यापार की हालत भी बहुत खराब है.।। ऊपर से व्यापारियों की लगातार आत्महत्याओं ने व्यापार जगत की पोल खोल दी है।।
मतलब सवर्णों को नौकरी नहीं मिली तो सवर्णों का तो जीवन ही खतरे में हैं।।
सवर्णों को ये सोचना चाहिए कि कहीं आरक्षण विरोध के नाम पर उनको नौकरियों से बेदखल करने का काम तो नहीं हो रहा है…. क्योंकि मोदी सरकार ने अबतक तो यही किया है।।

सवर्णों को इस आंकड़े पर जरूर विचार करना चाहिए कि मोदी सरकार ने अपने 6 साल के शासन में कितने सवर्णों को नौकरियां दी….और कितने सवर्णों को
नौकरियों से हटाया….. कहीं ऐसा तो नहीं कि पिछड़ों के विरोध में सवर्णों ने अपना ही नुकसान कर लिया हो..।।

सवर्ण समाज भी तभी खुश और सम्पन्न रह सकता है जब देश सम्पन्न हो..।।

और देश कभी भी ओबीसी, एससी, एसटी अल्पसंख्यक समाज की सम्पन्नता और सुख समृद्धि के बिना समपन्न हो नहीं सकता..।।

इसलिए अंबानी, अडानी और उनके चौकीदार की समृद्धि में देश की समृद्धि नहीं है बल्कि 137 करोड़ देशवासियों की समृद्धि में देश की समृद्धि है।।

इतने लंबे समय से लोगों को विभाजित किया गया है 

जाति, धर्म, कामुकता
लेकिन यह वह नहीं है जो निर्माता चाहता है कि निर्माता परवाह नहीं करता है कि रंग की त्वचा क्या है या आप इसे किस नाम से पुकारते हैं कि निर्माता क्या चाहता है वह हमेशा से चाहता है ।
हमारे लिए एक और दूसरे से प्यार करने के लिए ।
गरीबों को खिलाने में मदद करने के लिए संकट में उनकी देखभाल करने के लिए ।
पूजा का सबसे बड़ा रूप है कि अपने आस-पास के लोगों को उन्हें प्यार करने में मदद करना क्योंकि आप अपने आप को फाड़ नहीं बल्कि निर्माण करने के लिए प्यार करते हैं ।
यहाँ पर उत्परिवर्तन धर्मों से है क्योंकि निर्माता ने सभी को कई शिक्षकों को भेजा है ।
प्रेम और शांति के संदेश के साथ । यह मनुष्य प्रकार के लालच और शक्ति के लिए वासना द्वारा है और मूल उद्देश्य खो गया है और इसे अपने मूल तक ले जाना चाहिए । निर्माता हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार जीवन था और सुनने और प्यार और शांति फैलाने के बजाय हम युद्ध करते हैं यह एक व्यक्तिगत आधार पर समय है हम जीवन की जिम्मेदारी लेते हैं और केवल आप ही अपने विकल्पों के लिए जिम्मेदार हैं और केवल आप ही होंगे उनके लिए जवाबदेह । इसलिए प्यार करें और प्यार उन लोगों की मदद करें जो जरूरत में असहायों की रक्षा करें, इस दुनिया में भगवान की रोशनी हो क्योंकि हम में से हर एक भगवान के मंदिर हैं ।
बाइबल
गलेटियन 5.14: 5.14
क्योंकि सारी व्यवस्था एक शब्द में पूरी होती है, इसमें भी; तू अपने पड़ोसी से अपने जैसा प्रेम करेगा
सुट्टा सेंट्रल
जैसे जीवन के जोखिम में एक माँ
अपने बच्चे, उसके एकमात्र बच्चे को प्यार और रक्षा करता है,
तो किसी को इस असीम प्रेम की खेती करनी चाहिए
पूरे ब्रह्मांड में रहने वाले सभी लोगों के लिए ।
कुरआन
क्षमा दिखाएं, दयालुता का आदेश दें और अज्ञानता से बचें.” (कुरान 7:199)
बुद्ध
पूरी दुनिया के प्रति असीम प्रेम को उजागर करें ।
Bhagavad-Gita./Krishna
सब कुछ करो जो आपको करना है, लेकिन लालच से नहीं, अहंकार से नहीं, वासना से नहीं, ईर्ष्या से नहीं, प्रेम, करुणा, विनम्रता और भक्ति से करो ।
बाइबल
मार्क 12.31
और दूसरा ऐसा है, अर्थात, आप अपने पड़ोसी से अपने जैसा प्यार करेंगे । इनसे बड़ी और कोई आज्ञा नहीं है ।
कृष्णा कृष्णा
प्यार के माध्यम से आप मुझे जीत सकते हैं और वहाँ मैं खुशी से जीत रहा हूँ ।
बाइबल
रोमियो 13.10
प्यार किसी पड़ोसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता इसलिए प्रेम कानून की पूर्ति है.”
कुरान आप कोमल होंगे । वास्तव में, नम्रता किसी भी चीज में नहीं है, सिवाय इसके कि वह उसे सुंदर बनाती है, और उसे किसी चीज से हटाया नहीं जाता है, सिवाय इसके कि वह उसे अपमानित करता है ।
स्रोत: मुस्नाद अहमद 24417,
कुरआन
38:32 (असद) वह कहेगा, ′′ वास्तव में, मैं उन सभी के प्यार को प्यार करने आया हूँ जो अच्छी है, खुशी तब आती है जब आपके काम और शब्द अपने और दूसरों के लिए लाभ के होते हैं ।
बुद्ध
नफरत कभी भी नफरत से खत्म नहीं होती । प्यार से नफरत खत्म हो जाती है । यह एक अयोग्य कानून है ।
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Ravish Kumar
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कब तक चलेगा पेंशन फंड भी, 2 करोड़ लोगों की गई नौकरी
सेंटर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी ने अपने सर्वे में पाया है कि तालाबंदी के दौरान 2 करोड़ लोगों की नौकरी चली गई है। सिर्फ़ जुलाई और अगस्त में 81 लाख लोगों की नौकरी गई है। ये सभी नियमित सैलरी पर काम करने वाले लोग हैं।

हमें पता नहीं कि इन दो करोड़ लोगों का जीवन कैसे चल रहा है? क्या किसी ने किराया न दे पाने के कारण शहर बदला या मकान बदला है? क्या कोई है जिसे कुछ बेचना पड़ा है? क्या कोई ऐसा है जो बच्चों की फ़ीस नहीं दे पा रहा हो? कोई अंदाज़ा नहीं है। 2 करोड़ लिखने से लगता है कि इस संख्या का कोई चेहरा नहीं है। क्या ऐसे लोग अपने अनुभवों को सोशल मीडिया पर लिखते होंगे? क्या उन्हें नींद आती होगी? जिनकी नौकरी गई है वे टीवी पर क्या देखते होंगे? मीडिया से बारे में क्या सोचते होंगे ?

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