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मुसलमान डूबेंगे तो अपनी जहालत और ग़रीबी की वजह से, हिन्दू लोग मुसलमानों का कुछ नहीं बिगाड़ सकते!

Himanshu Kumar
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हिन्दुओं में फैले हुए अंधविश्वासो और कुरीतियों के बारे में लिखो तो तुरंत कुछ लोग आकर कहते हैं कि दम है तो मुसलमानों के बारे में लिख कर दिखाओ
मेरे कुछ मुस्लिम दोस्त मुसलमानों की कुरीतियों के बारे में लिखते हैं तो उन्हें मुसलमान आकर इसी तरह से बुरा भला कहते हैं
देखिये आपको सिर्फ अपने समुदाय की कमियों और कुरीतियों पर ही बोलने का अधिकार है
दुसरे धर्म या समुदाय के खिलाफ लिखने बोलने का आपको कोई अधिकार नहीं है
हांलाकि आपको यही अच्छा लगता है कि आप दुसरे धर्म की बुराई खोजें और उन्हें बुरा भला कहें
इससे आपका झूठा घमंड और ज्यादा फूल जाता है कि देखो मैं कितना महान हूँ
मान लीजिये जब आपके समुदाय का ही व्यक्ति आपके समुदाय की कुरीतियों के बारे में कहता है तो वह आपका सबसे बड़ा दोस्त है
आपके दुश्मन दुसरे धर्म के लोग नहीं है
आपका अज्ञान गरीबी और पिछड़ापन आपका सबसे बड़ा दुश्मन है
अगर हिन्दू ख़त्म होंगे तो वह गरीबी अज्ञान और अंधविश्वास की वजह से खत्म होंगे
मुसलमान हिन्दुओं का कुछ नहीं बिगाड़ सकते
मुसलमान डूबेंगे तो अपनी ज़हालत और गरीबी की वजह से,
हिन्दू लोग मुसलमानों का कुछ नहीं बिगाड़ सकते,
डार्विन का सिद्धांत है कि दुनिया में वही प्रजातियाँ बची जिन्होनें बदलते वख्त के साथ अपने को ढाल लिया
जो नहीं बदल पाए वह जीव मिट गये
आप अगर आज के हिसाब से नहीं बदलते तो आप मिट जायेंगे
संसार रोज़ बदल रहा है
आपको बदलना ही पड़ेगा
आपकी जिद है कि आप और भी ज़्यादा पीछे जाकर पुराना धर्म निकाल कर उस पर चलेंगे
आप पुराने ढंग का खाना, पुराने ढंग के कपडे, पुराने रीति रिवाज़, औरतों की गुलामी और बच्चों को दबा कर रखने की जिद पर अड़े हुए हैं,
जो पार्टी आपकी इन मूर्खता से भरी ज़िद का समर्थन करती है आप उसे सत्ता दे देते हैं
इसलिए आपकी गरीबी, ज़हालत बीमारी मिट ही नहीं रही है
आपका मजहबी पिछड़ापन आपका दुश्मन बन चूका है
आपको कुछ कहो तो आपको लगता है कि अगर आपने यह मान लिया कि आपके समुदाय में कोई कमजोरी है तो इससे आपका दुश्मन धर्म जीत जाएगा,
हिन्दू सोचता है कि मैं क्यों मानूं कि मुझमें कोई कमी है
मुसलमान सोचता है कि मैं खुद को क्यों गलत मानूं ?
इस डर के कारण दोनों अपनी बेवकूफियों की जी जान से हिफाजत कर रहे हैं,

डिस्क्लेमर : इस आलेख/post/twites में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. लेख सोशल मीडिया फेसबुक पर वायरल है, इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति तीसरी जंग हिंदी उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार तीसरी जंग हिंदी के नहीं हैं, तथा तीसरी जंग हिंदी उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है

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