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मोदी-योगी तानाशाह हैं : उमर ख़ालिद समेत अन्य को क़ानूनी सहायत उपलब्ध कराएंगे : UPSSF अल्पसंखयकों, दलितों के लिए है : भारत प्रभात पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चना सिंह

सारी दुनियां कोरोना महामारी से जूझ रही है, भारत में कोरोना की वजह से अब तक 80 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है, चीन देश की सीमा के अंदर बड़े भाग पर कब्ज़ा कर के बैठा है, नौजवान नौकरियों के लिए भटक रहे हैं, किसान बदहाली के कगार पर हैं, पुलिस उनकी लाठियों से पिटाई कर रही है, बीस करोड़ लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं, हर तरह के कारोबार/धंधे बंद पड़े हैं, सुरक्षा, कानून व्यवस्था का कहीं नाम-ओ-निशान नहीं है, अपराध चरम पर हैं, ऐसे खतरनाक समय में जबकि मोदी की सरकार हर तरह से असफल हो चुकी है, केंद्र व् राज्यों की बीजेपी सरकारें आम जन का दमन करने पर उतर आयी हैं, ये तमाम बातें भारत प्रभात पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चना सिंह ने कहीं

भारत प्रभात पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चना सिंह ने कहा कि देश में पिछले 6 वर्षों से अराजकता का माहौल है, देश का व्यापारी आज मंदी की वजह से बर्बाद हो गया है, मोदी की सरकार की जनविरोधी नीतियों का नुक्सान आज पूरा देश भुगत रहा है, नोटबंदी, GST से तबाह अर्थव्यवस्था आज ऐतिहासिक गिरावट के साथ -23 फीसद पर है

भारत प्रभात पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चना सिंह ने कहा कि मोदी की सरकार और प्रदेशों की बीजेपी सरकारें अल्पसंखयकों, दलितों, पिछड़ों, ग़रीबों, किसानों, छात्रों, महिलों पर अत्याचार कर रही हैं, उन्होंने उत्तर प्रदेश में यूपीएसएसएफ़ नाम से जो पुलिस को बेलगाम बनाया जा रहा है यह मुख्यतः अल्पसंखयकों, दलितों व् सरकार के विरोधियों के खिलाफ प्रयोग में ला कर उन्हें कुचलने, दबाने के लिए इस्तेमाल किया जायेगा, अर्चना सिंह ने कहा कि भारत प्रभात पार्टी मोदी-योगी की तानाशाही पर खामोश नहीं बैठेगी,

भारत प्रभात पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चना सिंह ने कहा कि दिल्ली दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस पीएमओ के निर्देशों पर मुसलिम समुदाय व् अन्य सामाजिक कार्यकर्तों को फंसा रही है, उन्होंने कहाकि उमर ख़ालिद एक देश प्रेमी नागरिक है जिसे झूठे आरोपों के ज़रिये दिल्ली पुलिस ने फंसाया है, उन्होंने कहा कि भारत प्रभात पार्टी अपने देश के नागरिकों का जीवन बर्बाद नहीं करने देगी, साथ ही उमर ख़ालिद समेत सभी अन्य को हर संभव कानूनी सहायत उपलब्ध कराएगी, उनकी लड़ाई लड़ेगी वो अदालत में लड़ना पड़े या सड़कों पर

रिपोर्ट देखें
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उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यूपीएसएसएफ़ में एडीजी स्तर के आईपीएस अधिकारी को इस बल का मुखिया नियुक्त किया जाएगा।

अधिसूचना में कहा गया है कि विशेष परिस्थितियों में बल को बिना वारेंट के तलाशी लेने और गिरफ़्तारी करने का भी अधिकार दिया गया है।

राज्य सरकार ने डीजीपी से इसके विधिवत गठन का रोडमैप तैयार करने को कहा है। इसका मुख्यालय लखनऊ में होगा। अधिसूचना में बल के कार्यों, अधिकार क्षेत्र, और संगठनात्मक ढांचे का निर्धारण कर दिया गया है। बल में एडीजी के अलावा आईजी, डीआईजी, समादेष्टा उप समादेष्टा व अन्य अधीनस्थ अधिकारियों की तैनाती होगी।

 

शुरुआत में पीएसी से बल की पांच बटालियनों का गठन किया जाएगा। गृह विभाग के अनुसार शुरुआत में बल में 9919 जवान होंगे। इन पर एक वर्ष में 1747 करोड़ रुपये ख़र्च होने का अनुमान लगाया गया है।

यूपीएसएसएफ़ के जवानों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी और वे प्रदेश में मेट्रो रेल, एयरपोर्ट, औद्योगिक संस्थानों, बैंकों, वित्तीय संस्थानों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, ऐतिहासिक, धार्मिक व तीर्थ स्थलों एवं अन्य संस्थानों व जिला न्यायालयों आदि की सुरक्षा में तैनात किए जाएंगे। निजी औद्योगिक प्रतिष्ठान भी निर्धारित शुल्क जमा करके इस बल की सुरक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

इन विशेष परिस्थितियों में बल का कोई सदस्य किसी मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना तथा किसी वारेंट के बिना किसी भी व्यक्ति को गिरफ़्तार कर सकता है। बल के सदस्य हमेशा ड्यूटी पर माने जाएंगे और प्रदेश के अंदर किसी स्थान पर किसी भी समय तैनाती किए जाने के योग्य होंगे

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