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असदुद्दीन ओवैसी ने भागवत के CAA-NRC पर दिये बयान पर कहा, ‘हम तब तक विरोध करते रहेंगे जब तक ऐसा एक भी क़ानून रहेगा’

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के सीएए वाले बयान (मुस्लिम समुदाय को भ्रमित करने कोशिश की गई) पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया है। 

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘हम बच्चे नहीं हैं कि कोई मुझे नागरिकता संशोधन कानून को लेकर गुमराह कर दे। भाजपा ने यह नहीं बताया कि एक साथ CAA+NRC का मतलब क्या है? अगर यह सिर्फ मुस्लिमों के लिए नहीं है तो सभी कानून से धर्म शब्द हटा दे।’ 

असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा, ‘हम तब तक विरोध करते रहेंगे जब तक ऐसा एक भी कानून रहेगा, जो हमें हमारी भारतीयता साबित करने को कहेगा। यह याद रखें।’ इतना ही नहीं असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस, राजद पर भी हमला बोला। 

उन्होंने कहा, ‘मैं कांग्रेस, राजद और उनके हमशक्लों से भी यह कहना चाहता हूं कि आंदोलन के दौरान आपकी चुप्पी भूले नहीं हैं। जब भाजपा नेता लोगों को सीमांचल घुसपैठिये कह रहे थे तो राजद और कांग्रेस ने एक बार अपना मुंह नहीं खोला।’
 

Asaduddin Owaisi
@asadowaisi

We’re not kids to be ‘misguided’. BJP didn’t mince words about what CAA+NRC were meant to do. If it’s not about Muslims, just remove all references to religion from the law? Know this: we’ll protest again & again till there are laws that require us to prove our Indianness…[1]

ANI
@ANI
CAA doesn’t oppose any specific religious community. Yet few protested against this law & misguided our Muslim brothers by their false propaganda that this law was brought for restricting the Muslim population. So, due to this, there were further protests: RSS Chief Mohan Bhagwat

Asaduddin Owaisi
@asadowaisi
We’ll protest against any law with religion as basis of citizenship. I also want to tell Congress, RJD & their clones: your silence during the agitation is not forgotten. While BJP leaders were calling people of Seemanchal ‘ghuspethiye’, RJD-INC didn’t open their mouths once

बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर कहा है कि इस कानून से किसी को खतरा नहीं है। देश में मुस्लिम समुदाय को भ्रमित करने की साजिश की गई है। 

उन्होंने कहा कि हमने देश में तनाव पैदा करने वाले सीएए विरोधों को देखा। इससे पहले कि इस पर आगे चर्चा की जा सके, इस साल कोरोना पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसलिए सांप्रदायिकता भड़कना केवल कुछ लोगों के दिमाग में ही रह गया। कोरोना अन्य सभी विषयों पर भारी पड़ गया।

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