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उसामा बिन लादिन मरा नहीं वह अब भी ज़िंदा है, जिसे मारा गया वह वास्तव में उसका डुप्लीकेट था : ओसामा की मां : रिपोर्ट

 

लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुल यौम ने अपने संपादकीय में उसामा बिन लादिन के मारे जाने के बारे में ट्रम्प के एक ट्वीट का जायज़ा लिया है।

अमरीकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर अपने बयान से अमरीका और दुनिया में तूफान खड़ा कर दिया है। दर उन्होंने उस ट्वीट को रीट्वीट कर दिया जिसमें दावा किया गया है कि अलकायदा का सरगना उसामा बिन लादिन मरा नहीं और वह अब भी ज़िंदा है और जिसे मारा गया वह वास्तव में उसका डुप्लीकेट था।

वैसे ट्रम्प झूठ बोलने के लिए काफी बदनाम हैं इसी तरह सब को मालूम है कि वह दूसरी बार अमरीका का राष्ट्रपति बनने के लिए कितना हाथ पैर मार रहे है लेकिन, ट्रम्प के समर्थकों की ” क्यू एनोन” नामक बेबसाइट के ट्वीट को रीट्वीट करना भूल तो नहीं हो सकती वह भी अमरीका जैसे देश के राष्ट्रपति की ओर से जिसके पास हर प्रकार की सूचना प्राप्त करने के पर्याप्त साधन हर वक्त मौजूद रहते हैं।

हमें इस बात में तो कोई शक नहीं कि ट्रम्प ने इस दावे को चुनावी अभियान के हिस्से के रूप में रीट्वीट किया है और इस तरह से अपने प्रतिस्पर्धी जो बाइडन की पोज़ीशन कमज़ोर करने की कोशिश की है जो उसामा बिन लादिन के मारे जाने के समय अमरीका के उप राष्ट्रपति थे और जिन्हें सर्वेक्षणों में ट्रम्प से आगे बताया जा रहा है लेकिन हमें यह नहीं लगता कि वह अपने इस तरह के बयानों से चुनावी फायदा उठा पाएंगे हां लेकिन इस से वह अपने देश की सेना और खुफिया व्यवस्था की बड़ी आसानी की मिट्टी पलीद ज़रूर कर देंगे।

उसामा बिन लादिन की हत्या के लिए जाने वाली टीम के हिस्सा रहे रार्बट ओनील ने एक डाक्यूमेंन्ट्री में कहा है कि उन्हों उसामा बिन लादिन पर गोली चलायी थी, अब ट्रम्प के बयान के बाद उन्होंने ट्रम्प का मज़ाक उड़ाते हुए कहा है कि उन्होंने जिसे मारा है वह खुद शेख उसामा बिन लादिन था कोई और नहीं।

यहां पर इस ट्वीट की सच्चाई और उसके झूठ होने के बारे में कुछ चीज़ें हैं जिन पर ध्यान देना चाहिएः

एक तो यह कि उसामा बिन लादिन के मारे जाने के लगभग 9 साल बाद भी आज तक हमने अलकायदा के इस सरगना की लाश का कोई फोटो नहीं देखा हालांकि हमने राष्ट्रपति ओबामा और उसने सहयोगियों को उसामा बिन लादिन की हत्या के आप्रेशन को मिनट मिनट पर देखते हुए देखा और यह भी कहा गया कि पूरे आप्रेशन के क्षण क्षण को रिकार्ड किया गया है, आरंभ से लेकर अंत तक।

दूसरी बात यह है कि समुद्र में इस्लामी तरीक़े से और एक इस्लामी मौलवी की उपस्थिति में उसामा को दफ्न करने का दावा बहुत से लोगों के गले से नहीं उतरा विशेष कर इस लिए कि अमरीका ने इसके लिए यह दावा किया कि वह उसामा बिन लादिन को ” शहीद” और उसकी क़ब्र को मज़ार नहीं बनाना चाहता था।

तीसरी बात यह कि बिन लादिन का परिवार, उसकी बीवी, बेटे और बेटियां, इस वक्त सऊदी अरब के जद्दा नगर में एक इमारत में सऊदी सुरक्षा कर्मियों के कड़े पहरे में रह रही हैं और उन्हें उसामा बिन लादिन की हत्या के बारे में किसी भी प्रकार की सूचना देने की अनुमति नहीं है विशेष कर किसी पत्रकार को, और अगर इस बारे में किसी से बात करना है तो उसकी सऊदी सरकार से पहले से अनुमति लेनी होगी और यह बातचीत सऊदी अधिकारियों की उपस्थिति में होगी इन सब के बावजूद आज तक गार्डियन के एक पत्रकार के अलावा कोई मिल नहीं सका और यह भेंट भी सऊदी सुरक्षा अधिकारियों की देख रेख में हुई थी।

चौथी बात यह कि हमने यह कभी नहीं सुना कि उसामा बिन लादिन का भी कोई डुप्लीकेट है। हां अमरीकी सरकार ने सद्दाम के बारे में यह हथकंडा अपनाया था और डुप्लीकेट की बात मशहूर की थी लेकिन सद्दाम को मृत्युदंड दिये जाने के बाद यह विचार भी गलत सिद्ध हो गया लेकिन ट्रम्प के पास सच्चाई जानने के पर्याप्त साधन मौजूद हैं।

पांचवी बात यह है कि अगर यह ड्रामा है तो स्वंय ट्रम्प सरकार भी इसी नाटक का मंचन कर चुकी है और ट्रम्प भी ओबामा की ही राह पर चले हैं क्योंकि ट्रम्प सरकार ने भी आतंकवादी संगठन दाइश के सरगना अबूबक्र अलबगदादी के मारे जाने की कहानी गढ़ी थी और दावा किया था कि अबूबक्र अलबगदादी, अमरीकी खुफिया एजेन्टों के चंगुल में एक गुफा में फंस गया था और उसके साथ उसकी कई बीवियां और बच्चे थे लेकिन आज तक उनका एक फोटो तक किसी को नज़र नहीं आया। हो सकता है ट्रम्प ने भी अमरीका में खुफिया तंत्रों के इस प्रकार के ड्रामों से पाठ लिया हो।

ओसामा बिन लादिन की मां

छठीं बात यह है कि सद्दाम को फांसी दिये जाने की आडियो वीडियो दोनों को सामने आने दिया इसी तरह सद्दाम के दोनों बेटों, उदय और कुसैय की लाशों को फोटोग्राफरों को दिखाया इसी तरह फ्रांस की खुफिया एजेन्सी ने गद्दाफी की लाश को भी सब को दिखाया तो फिर बिन लादिन और अलबगदादी की लाशों के साथ ऐसा क्यों नहीं किया?

सच्चाई तो यह है कि हमारे पास इतनी मालूमात नहीं है कि हमें इन सब सवालों के जवाब मिल जाएं लेकिन हमें यह ज़रूर और बहुत अच्छी तरह से पता है कि एक ट्रम्प ही अकेले झूठे नहीं हैं बल्कि उनका संबंध उस सरकार से है जो अपने भयानक युद्धों का औचित्य दर्शाने और अपने अपराध छुपाने के लिए पेशेवराना तौर पर झूठ बोलती है, सच्चाई को तोड़ मरोड़ देती है विशषकर मध्य एशिया में जिसकी एक मिसाल, इराक़ में सामूहिक विनाश के हथियार होने का दावा भी है।

अब पता नहीं उसामा बिन लादिन की हत्या के बारे में ट्रम्प का यह ट्वीट चुनाव में उनकी मदद करेगा या उनके पतन की गति तेज़ करेगा हां यह भी हो सकता है कि पिछले 4 बरसों में उन की ज़बान से निकलने वाली यही एकमात्र सच्चाई हो!

साभार, रायुलयौम, लंदन

Hamida al-Attas

Hamida al-Attas is the mother of Osama bin Laden. She came from a Syrian family of citrus farmers, with two brothers and another sister, living in two small coastal villages, Omraneya and Babryon, outside the port of Latakia. She grew up in a family of Alawites, an offshoot of Shia Islam

Born: 1934 (age 86 years), Syria

Spouse: Mohammed bin Awad bin Laden (m. 1956–1967), Mohammed al-Attas

Children: Osama bin Laden, Ahmad Mohammed

Grandchildren: Hamza bin Laden, Abdallah bin Laden, MORE

Great grandchild: Osama bin Hamza bin Laden

Siblings: Naji Ghanem

अल-क़ायदा के नेता ओसामा-बिन-लादेन की मौत के सात साल बाद उनकी मां ने पहली बार अपने बेटे के बारे में सार्वजनिक तौर पर बात की है.

आलिया ग़ानेम ने ब्रितानी अख़बार ‘द गार्डियन’ को सऊदी अरब के जेद्दा में स्थित अपने ख़ानदानी घर पर इंटरव्यू दिया.

आलिया ने अख़बार को बताया कि उनका बेटा बचपन में शर्मिला और ‘अच्छा बच्चा’ था मगर यूनिवर्सिटी में ‘ब्रेनवॉश’ करके जबरन उसके विचार बदल दिए गए.

परिवार का कहना है कि उन्होंने आख़िरी बार साल 1999 में बिन लादेन को अफ़ग़ानिस्तान में देखा था. यह 9/11 की घटना से दो साल पहले की बात है.

शुरू में वह सोवियत सेनाओं से लड़ने के लिए अफ़ग़ानिस्तान में आए थे मगर साल 1999 तक तक उनकी पहचान पूरी दुनिया में संदिग्ध चरमपंथी की बन गई थी.

क्या कहती हैं मां

आलिया से पूछा गया कि जब उन्हें अपने बेटे के जिहादी लड़ाका बनने का पता चला तो उन्हें कैसा लगा. इसके जवाब में उन्होंने अख़बार को बताया, “हम बहुत ज़्यादा परेशान थे. मैं ऐसा कतई नहीं होने देना चाहती थी. वो कैसे सब बर्बाद कर सकता था?”

उन्होंने यह भी कहा कि पढ़ाई करते समय उनका बेटा ‘मुस्लिम ब्रदरहुड संगठन’ के संपर्क में आ गया था जो कि उस समय एक तरह का पंथ बन गया था.

बिन लादेन का परिवार सऊदी अरब के सबसे प्रभावशाली परिवारों में से एक है. इस परिवार ने निर्माण के कारोबार से संपत्ति जोड़ी है.

बिन लादेन के पिता मोहम्मद बिन अवाद बिन लादेन ने आलिया ग़ानेम को ओसामा के जन्म के तीन साल बाद तलाक़ दे दिया था. अवाद बिन लादेन के 50 से ज़्यादा बच्चे हैं.

अब्दुल्ला आजम से मुलाकात और ओसामा बना कट्टरवादी घानेम बताती है कि ओसामा अपने स्कूल के दिनों में बहुत ही शर्मिला, लेकिन पढ़ाई में बहुत होशियार था। ओसामा जब सऊदी के जेदाह शहर में किंग अब्दुल्लाजिज यूनिवर्सिटी में पढ़ने गया, तब उसकी मुलाकात अब्दुल्ला आजम से हुई। अब्दुल्ला आजम मुस्लिम ब्रदरहुड (सुन्नी इस्लामिक संगठन) का मेंबर था। ओसामा की आजम के साथ खूब बनती थी। ओसामा की मां ने कई बार उसे आजम से दूर रहने के लिए कहा था। लेकिन, ओसामा ने कभी अपनी मां को नहीं बताया कि वह क्या कर रहा है और किस ओर जा रहा है। आजम ने ओसामा का बहुत ब्रेन वॉश किया। ब्रदरहुड का मेंबर होने की वजह से आजम को सऊदी ने देश निकाल दिया, लेकिन तब तक वह ओसामा का धार्मिक सलाहकार बन चुका था।

रूस से लड़ने अफगानिस्तान रवाना शीत युद्ध जब अपने चरम पर था, तब रूस ने अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए अस्सी के दशक में अफगानिस्तान में घुसपैठ किया। 1980 की शुरुआत में ओसामा रूसी लड़ाकों को खदेड़ने के लिए सऊदी से अफगानिस्तान पहुंच गया। शुरू में तो ओसामा और यहां तक कि सऊदी सरकार ने भी इसका समर्थन किया, लोग उसे क्रांतिकारी मानने लगे। लेकिन, बाद में ओसामा मुजाहिद बन गया। उसके परिवार ने ओसामा को आखिरी बार 1999 में देखा था, जब सभी लोग उससे मिलने के लिए अफगानिस्तान पहुंचे थे। अफगानिस्तान में कुछ साल रहने के बाद ओसामा सुडान चला गया और 1990 के दशक में उसकी एक राजीनिक विचारधारा भी बनी। यही कारण है कि उसने उस दौरान यमन से मार्क्सवादियों को खदेड़ने का भी मन बनाया था।

1996 में तालिबान के सरगना से मुलाकात ओसामा बिन लादेन 1996 में अफगानिस्तान वापस आ गया और इस बार कंधार में उसकी मुलाकात तालिबान के सरगना मुल्ला उमर से हुई। लेकिन, उस दौरान सऊदी चाहता था कि ओसामा बिन लादेन को कैसे भी करके अपने देश में वापस लाया जाए। उस वक्त तुर्की-अल-फैजल सऊदी अरब खुफिया एजेंसी के चीफ थे और वह ओसामा को हर हालत में बंधक बनाना चाहते थे। सितंबर 1998 में तुर्की अफगानिस्तान गए और मुल्ला उमर से मुलाकात की। उमर ने तुर्की से कहा, ‘आप इस योग्य व्यक्ति को कैसे सता सकते हैं, जिसने मुसलमानों की मदद करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। तुर्कि ने कहा कि उन्होंने उमर को चेतावनी दी कि वह जो कर रहा है, वह अफगानिस्तान के लोगों को नुकसान पहुंचाएगा।

अमेरिका का ओसामा के ठिकाने पर अटैक और फिर 9/11 1998 में तंजानिया और केन्या में अमेरिकी दूतावासों को तालिबान ने निशाना बनाया और इसका बदला लेने के लिए अमेरिका के अफगानिस्तान में ओसामा के ठिकानों पर पहला अटैक कर दिया। इस घटना के बाद सऊदी, अमेरिका और ब्रिटेन के लिए ओसामा को जिंदा या मुर्दा पकड़ना एक लक्ष्य बन गया। उधर ओसामा की टीम ने अमेरिका पर बदलना के लिए योजना बनाई थी। लेकिन 9/11 से एक महीने ही पहले सऊदी खुफिया एजेंसी को पता चला गया था कि ओसामा ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस या अरब में कुछ बड़ा करने के लिए योजना बना चुका है, लेकिन कहां, क्या होगा, इसकी कोई जानकारी नहीं थी।

अल-क़ायदा के पूर्व सरग़ना बिन लादेन का एनकाउंटर फ़ेक था और वह अभी भी ज़िंदा है, ट्रम्प

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि आतंकवादी गुट अल-क़ायदा के पूर्व सरग़ना ओसामा बिन लादेन अभी भी ज़िंदा हैं और 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में उनकी हत्या का ऑप्रेशन सिर्फ़ एक ड्रामा था।

ट्रम्प ने दक्षिणपंथी QAnon षड्यंत्र सिद्धांत से जुड़े एक ट्वीट को रीट्वीट किया है, जिसमें यह आरोप दोहराया गया है कि ख़ूंख़ार आतंकवादी सरग़ना लादेन की मौत नहीं हुई है।

हालांकि इस अकाउंट को बंद कर दिया गया है, लेकिन उसके एक दिन बाद अमरीकी राष्ट्रपति ने एक वीडियो को रीट्वीट किया, जिसमें बिन लादेन के बारे में निराधार दावा किया गया है।

ट्रम्प ने एनबीसी पर अपने इस रीट्वीट के बारे में कहाः वह किसी की राय थी, जिसे मैंने रीट्वीट कर दिया। मैंने सिर्फ़ इतना किया है अब लोग ख़ुद उसके बारे में फ़ैसला कर सकते हैं।

एनबीसी ने ट्रम्प पर जब QAnon षड्यंत्र सिद्धांत को लेकर दबाव डाला तो उन्होंने इसे ख़ारिज करने इनकार कर दिया और यह कहते हुए अपने इस क़दम का बचाव किया कि यह एक रीट्वीट था, और मैं बहुत सारे रीट्वीट करता हूं।

ट्रम्प का यह दावा कि लादेन अभी भी ज़िंदा है और अल-क़ायदा के पूर्व प्रमुख को पकड़ने और मारने के लिए जो ऑपरेशन किया गया था, वह केवल एक दिखावा था, अमरीकी सेना के उन पूर्व अधिकारियों के बयानों से मेल नहीं खाता है, जो चुनाव में उनका समर्थन कर चुके हैं।

अमरीका के पूर्व नौसेनिक रॉबर्ट ओ-नील ने कि जिन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि उन्होंने 2011 में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के आदेश पर एक ऑप्रेशन के दौरान, बिन लादेन को मार डाला था, ट्रम्प पर निराधार दावा करने का आरोप लगाते हुए जमकर फटकार लगाई है।

पूर्व में ट्रम्प का समर्थन करने वाले ओ-नील ने ट्वीट करके कहाः बिन लादेन को मारने के लिए हमें राष्ट्रपति ओबामा ने आदेश दिया था। यह कोई स्टंट या फ़िल्मी सीन नहीं था। मुझे पता है कि मैंने किसे मारा, हर बार तुम ऐसे ही शुरू हो जाते हो यार।

अल-क़ायदा सरग़ना को 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अमरीकी सैनिकों ने मौत के घाट उतार दिया था, लेकिन लादेन की लाश उनके परिजनों को सौंपने या दफ़्न करने के बजाए समुद्र में बहाने का दावा किया था।

Man says he told US where Bin Laden was hiding, seeks $25 million reward

02 November 2013

A US businessman says he told federal investigators the location of Osama bin Laden’s compound in Pakistan years before his killing and is seeking a $25 million reward.

A letter obtained Friday by The Associated Press from a Chicago-based law firm representing Tom Lee says the 63-year-old gem merchant reported the location of bin Laden’s compound in Abbottabad in 2003.

The letter sent by the Loevy & Loevy law firm to FBI Director James Comey in August says a Pakistani intelligence agent told Lee that he escorted bin Laden and his family from Peshawar to Abbottabad.

According to the letter, Lee shared the information with customs and FBI agents. Lee reported that the Pakistani agent “was a member of a family that Mr. Lee had done business with for decades,” the letter said, and the agent and his family opposed bin Laden.

A request to speak with Lee and Michael Kanovitz, the attorney who signed the letter, was made to the law firm. The FBI didn’t immediately comment.

Bin Laden was killed in May 2011 during a Navy SEAL raid. US

officials have said the Abbottabad house wasn’t built until 2005, and Pakistani officials have said they believe he moved there in the summer of that year.

The letter said Lee made “numerous attempts” to claim his reward but received no responses.

“Mr. Lee precisely identified the whereabouts of the most notorious terrorist of our era, a man responsible for the World Trade Center attacks, the most devastating act of terror committed on American soil, and numerous other assaults on Americans,” the letter said.

Lee told The Grand Rapids Press in an email Friday that he couldn’t understand why the government waited to act.

“It disturbs me, and it should disturb every American, that I told them exactly where bin Laden was in 2003, and they let him live another eight years,” he said in the email.

Bin Laden had slipped away from US forces in the Afghan mountains of Tora Bora in 2001, and the CIA believed he had taken shelter in the lawless tribal areas of Pakistan. The US was eventually able to find bin Laden by tracing his courier, Ibrahim al-Kuwaiti.

One of bin Laden’s wives told Pakistani investigators that she moved to the Abbottabad home in 2006 and never left the top floors.

Osama bin Laden is still alive, claims Snowden

NNI
May 23, 2017

MOSCOW – United States’ National Security Agency whistleblower Edward Snowden while rejecting CIA claims of killing Osama bin Laden has said that he is still alive and well. Snowden has claimed that he has documents pertaining to Osama bin Laden who is living in Bahamas along with his family. “I have documents showing that Bin Laden is still on the CIA’s payroll. He is still receiving more than $100,000 a month, which are being transferred through some front businesses and organisations, directly to his Nassau bank account. I am not certain where he is now, but in 2013 he was living quietly in his villa with five of his wives and many children,” reported Moscow Tribune.

OSAMA BIN LADEN IS STILL ALIVE – EDWARD SNOWDEN (EX-CIA)

January 5, 2016

Former CIA employee, Edward Snowden has said that he has evidence showing that Osama bin Laden, who was supposedly killed in Pakistan in 2011 by U.S. special forces, is still alive and well. In an interview with the Moscow Tribune, Snowden said Osama wasliving in the Bahamas, on the payroll of the CIA. He told the newspaper, “I have documents showing that Bin Laden is still on the CIA’s payroll. He is still receiving more than $100,000 a month, which is being transferred through some front businesses and organizations, directly to his Nassau bank account. I am not certain where he is now, but in 2013, he was living quietly in his villa with five of his wives and many children.”Snowden, who now lives as a fugitive in Russia, fled the U.S. after leaking documents about the NSA’s mass surveillance programs to the media in 2013. The report also said that Snowden previously too made some unreported allegations about Osama bin Laden.

Snowden goes on to say that the CIA orchestrated the fake death of the former leader of Al-Qaeda.He claims that Osama was transported with his family to an undisclosed location in the Bahamas. The report further quotes him as follows – “Osama bin Laden was one of the CIA’s most efficient operatives for a long time. What kind of message would it send their other operatives if they were to let the SEALs kill him? They organized his fake death with the collaboration of the Pakistani Secret Services.

Cuomo Prime Time
@CuomoPrimeTime

A former Navy Seal who was there when American forces killed Osama Bin Laden debunks the false conspiracy theory about the raid which was pushed by Pres. Trump.

“You are really trampling on the graves of some of the best heroes I have ever personally worked with.”

POLITICO
@politico
Trump, during his town hall appearance on NBC Thursday night, passed up the chance to disavow a bizarre conspiracy theory he amplified on Twitter that Osama bin Laden is still alive and that Joe Biden secretly had members of SEAL Team Six killed

Brett McGurk
@brett_mcgurk
With Bin Laden’s niece on FoxNews last week backing Trump and Trump questioning whether Bin Laden is dead (what?) here’s the UN expert on al Qaeda concluding that Trump got totally played by the Taliban

tim russ
@timruss2

Whack-a-doodle Conspiracy theories retweeted by Trump: That Joe Biden gave orders to shoot down a US Military helicopter and that the Bin Laden raid was just a body double. That the raid was staged. We had better get a handle on this conspiracy phenomenon… seriously.

Daniel Dale
@ddale8

Trump challenged on his retweet of the bonkers conspiracy theory about Obama, Seal Team Six and Osama bin Laden: “That was a RETWEET. That was an opinion of somebody. And that was a retweet. I’ll put it out there. People can decide.”

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