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एलएसी पर बड़ी संख्या में हथियारों से लैस चीनी सैनिकों की मौजूदगी बहुत गंभीर चुनौती है : विदेश मंत्री एस जयशंकर

भारत ने स्वीकार किया है कि सीमा पर हमें गंभीर सुरक्षा चुनौती का सामना है।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा “एलएसी” पर बड़ी संख्या में हथियारों से लैस चीनी सैनिकों की मौजूदगी भारत के समक्ष बहुत गंभीर सुरक्षा चुनौती है।

भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार जयशंकर ने कहा कि जून में लद्दाख सेक्टर में भारत-चीन सीमा पर हिंसक झड़पों का बहुत गहरा सार्वजनिक और राजनीतिक प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि इससे भारत और चीन के बीच रिश्तों में गंभीर रूप से उथल-पुथल की स्थिति बनी है। एशिया सोसाइटी की ओर से आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा कि सीमा के उस हिस्से में आज बड़ी संख्या में सैनिक मौजूद हैं जो हथियारों से लैस हैं। यह हमारे समक्ष बहुत ही गंभीर सुरक्षा चुनौती है।

जयशंकर ने कहा कि इस नृशंसता को ऐसे समझा जा सकता है कि 1975 के बाद जवानों की मौत की यह पहली घटना थी। इसने बहुत गहरा सार्वजनिक राजनीतिक प्रभाव डाला है और रिश्तों में गंभीर रूप से उथल-पुथल मची है।उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून 2020 को हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान मारे गए थे जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया था। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के जवान भी हताहत हुए थे लेकिन उसने उनकी स्पष्ट संख्या नहीं बताई।भारतीय विदेशमंत्री जयशंकर ने कहा कि इस साल जो हुआ वह वाकई बड़ा विचलन था। यह न केवल बातचीत से बहुत अलग रुख था बल्कि 30 साल में रहे संबंधों से भी बड़ा विचलन था।

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