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कोविड महामारी अगर ख़त्म नहीं हुई तो कोविड केयर सेंटर बंद क्यों कर दिए गए?

Naughty Chowdhary
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क्या कोरोना महामारी की आड़ में फर्जीवाड़ा किया गया : नॉटी चौधरी
कोविड महामारी ने हमारे देश ही नहीं बल्कि पुरे विश्व को अपनी चपेट में लिया है जो आम जनजीवन से लेकर हर वर्ग के लोगों को प्रभावित कर रहा है। फिर भले ही वो आर्थिक हालात हो या फिर इस आपदा के दौरान अपना कारोबार, नौकरी पेशे, दिहाड़ी मजदूरी गवां चुके लोगों की मानसिक अवस्था ही भला क्यों न हो। कोरोना के असर से कोई भी नहीं बच सका। लेकिन अब जबकि सरकार की और से यह फैसला लिया गया है की कोरोना केयर सेंटर बंद किये जाएँ तो इसका क्या यह अर्थ निकाला जाये की कोरोना महामारी खत्म हो चुकी है। सरकार का कहना है की अगर किसी को अब कोरोना होता है तो वो होम क्वारंटाइन हो सकता है। लेकिन सरकार के इस फैसले के सन्दर्भ में मेरा यह सवाल सीधे सरकार और हमारे जन प्रतिनिधियों से है की अभी तक देश में कोरोना बीमारी के इलाज के लिए कोई दवाई नहीं बनी तो फिर ऐसे हालातों में covid केयर सेंटर बंद करने का फैसला कहां तक उचित है ? अगर 6 महीनों के बंद के बाद भी हम कोरोना से बचाव को लेकर असमजंस की स्थिति में है तो फिर मुझे नहीं लगता की कोविड केयर सेंटर बंद करना एक सही फैसला साबित हो सकता है। अब जब की सिनेमाघर, मल्टीप्लेक्स खोले जा रहे हैं वो भी तब जब त्यौहारों का सीजन चल रहा हो तो ऐसे में कोरोना से बचने के नियमों की पालना क्या हो भी सकेगी ? आखिर में बस यही कहना चाहूंगा की कोरोना के नाम पर क्या सरकार द्वारा फर्जीवाड़ा चलाया जा रहा था जिसने देश को आर्थिक बदहाली में डाल दिया है और अब सब कुछ अचानक से खोल दिया गया है। अब कोरोना बिहार के चुनाव आते ही कहीं छूमंत्र होकर उड़ गया है। जबावदेही तो सरकार की बनती है और जबाव देने से अब सरकार बच नहीं सकती।

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