विशेष

गुजरात में अनुसुचित जाति के मृत को शमशान में जगह नहीं : फ़्रांस के आतंकवाद का हम समर्थन करते हैं!

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Wasim Akram Tyagi
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राफेल फ्रांस से आया, उसकी खरीदारी में भ्रष्टाचार का मामले सामने भी आया, विपक्षी दल विशेषकर कांग्रेस के राहुल गांधी ने राफेल के मामले को ज़ोर शोर से उठाया। चौकीदार ‘चोर’ है का नारा भी राफेल की बदौलत ही दिया गया। यह अलग बात है कि राफेल का मुद्दा चुनाव को प्रभावित नहीं कर पाया और मौजूदा सत्ताधारी दल पहले से भी अधिक ताक़तवर बनकर सत्ता में वापस आ गया। लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि राफेल का सौदा पाक साफ था। राहुल गांधी अभी तक अपने सवालों पर डटे हुए हैं। फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांद ने भी इस मामले पर सवाल उठाए थे। यह दिलचस्प है कि राफेल विवाद पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति बयान दे रहे थे लेकिन मौजूदा राष्ट्रपति खामोश थे। अब जब तमाम मुस्लिम जगत पैगंबर ए इस्लाम के अपमान के नाम पर फ्रांस के खिलाफ खड़ा है, तब अपने देश की लगभग 15% आबादी की धार्मिक भावनाओं से बेपरवाह भारत सरकार ने फ्रांस का समर्थन किया है। भारत सरकार ने ऐसा क्यों किया? किस विदेशनीति के तहत किया? क्या इसका जवाब राफेल के ‘सौदे’ में छिपा हुआ है? फिर बिहार चुनाव में हताश हुए बैठे भक्तो एंव आई.टी. सेल की सामूहिक भावनाओं को भी शांत करना है। क्योंकि भावनाएं तो तभी शांत होतीं हैं जब मौजूदा सरकार अपने ‘मास्टर स्ट्राॅक’ से मुसलमानों को ‘टाईट’ करती है।

JAGDISH आम्बेडकर
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बाबा साहब ने क्यों कहा था यह ब्राह्मण ओर बौद्धों की लड़ाई है?
आखिर क्यों करते हैं ब्राह्मण भारतीय बहुजन मूलनिवासियों के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार?
गुजरात में कल एक अनुसुचित जाती के मृत शरीर को स्मशान में जगह देने से इनकार कर दिया
क्या यह देश किसी युरेशियन के बाप का है?

Suryakant
@suryakantvsnl

बसपा प्रमुख मायावती का एलान, यूपी में आगमी एमएलसी के चुनाव में भाजपा का सपोर्ट करेगी हमारी और विधायक पार्टी,
लगी पनौती बीजेपी के साथ Face with tears of joy

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