विशेष

चतुर वित्त मंत्री और तनिष्क

जान अब्दुल्लाह
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ज़ेवर महंगा आइटम है और तनिष्क तो कुछ लेवल और ऊपर हैं। किसी के फेसबूक और ट्विटर से उसकी विचारधारा के बारे में जानना आसान है। तनिष्क टाटा का ब्रांड है जिसका एक ब्रांड TCS यानी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज भी है। यह दुनिया को कंसल्ट करती है। इसके लिए डाटा माइन करवाना कोई मुश्किल नहीं रह होगा। इसके पास यह डाटा आया होगा कि इसके ग्राहकों में कितने लेफ्ट विंग है, कितने सेक्युलर है, कितने अल्पसंख्यक है और कितने राइट विंग के है।

इतिहास में जोमाटो, सर्फ एक्सेल और उबर का भी सीन सामने है। हो सकता है इन्होंने इसी का लाभ उठाया हो। खुद एड बनाकर, खुद के ही बंदों से ट्रोल करवाया हो

फायदा : जो राइट विंग नही है, उनके दिलों में तनिष्क की पीड़ित वाली छवि, इसी छवि ने बाबाजी का ढाबा चलाया था। दूसरा यह कि अगर तनिष्क के ग्राहकों का बड़ा वर्ग NON RIGHT विंग है तो तनिष्क का धांसू प्रचार हो चुका है। जो राइट विंग भी होंगे उनमें से भी सभी कट्टर नही होंगे या उनमें ब्रांड की क्वालिटी की पसंद का फैक्टर दूसरे ब्रांड से ज़्यादा होगा।

कहने का मतलब है अगर तनिष्क के 100 में से 50 राइट विंग के ग्राहक है और बाकी 50 सेक्युलर, अल्पसंख्यक, लिबरल है तो बाकी के 50% तक तो धांसू मार्केटिंग जमा उनके अंदर का रिवेंज एमोशन जग चुका है। यह वर्ग तो अब तनिष्क से खरीदारी करने में “किला फतेह” वाली फील लेगा, यह तो अब कही जाने वाला नही। बाकी 50% में भी 10% ही इतना कट्टर होगा कि वापस इनके पास न जाये बाकी चला ही जायेगा।

टाटा वाला टपरी पर चने नही बेचता, वह बहुत दूर की सोचता है। उसने माहौल ही को अवसर में बदला है। जब हमारे धार्मिक और राजनीतिक पेशवा हमारे
साथ बड़े ब्लण्डर कर सकते है और एक्सपोज़ भी नही होते तो इतनी तो मार्केटिंग स्ट्रेटिजी यह भी कर सकता है।
( यह लेखक के निजी विचार है आप आम का अचार खाकर शिष्टाचार से इग्नोर मार सकते हो)
डॉ शिष्टाचारी

Mohd Ahmad
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चतुर वित्त मंत्री :
केंद्रीय कर्मचारियों को 10,000 /- त्योहार अग्रिम बगैर ब्याज के मिलेगा और उसे दस माह में चुकाना होगा।
बात यहाँ तक तो ठीक लगी लेकिन आगे का लोचा देखो…
1. 10000/- का रुपये प्रीपेड कार्ड मिलेगा जिससे दुकान से सामान 31 मार्च 2021 के पहले खरीदना होगा जिस पर 5% से 28% GST वसूल करेंगे। नकदी नहीं मिलेगी।
2. ब्याज रहित लोन पर दस माह के ब्याज की लागत 300/- और इस खरीदी पर GST वसूली औसतन 18% – 1800/- याने 1800-300=1500/- का सरकार को शुद्ध फायदा।
3… अब देखिए कर्मचारी भी खुश, सरकार, व्यापारी सब खुश।
चतुर नारी का उत्कृष्ट उदाहरण… श्रीमती निर्मला सीतारमण।

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