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चीन, अमरीका को पछाड़ते हुए अब दुनिया में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है : रिपोर्ट

चीन, अमरीका को पछाड़ते हुए अब दुनिया में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आईएमएफ़ और सीआईए दोनों अर्थव्यवस्थाओं की तुलना करते हुए इसी नतीजे पर पहुंचे हैं।

आईएमएफ़ की रिपोर्ट के मुताबिक़, चीन की अर्थव्यवस्था 24.2 ट्रिलियन हो चुकी है, जो अमरीकी अर्थव्यवस्था 20.8 ट्रिलियन डॉलर के मुक़ाबले में एक-छठा हिस्सा बड़ी है। लेकिन क्या अमरीकी इस वास्तविकता को स्वीकार कर सकेंगे?

आईएमएफ़ ने अपने विश्व आर्थिक आउटलुक 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर एक नज़र डाली है और आगे की चुनौतियों का उल्लेख किया है।

इस रिपोर्ट में सबसे बड़ी सच्चाई वह है, जिसे कोई अमरीकी सुनना नहीं चाहता है, यहां तक कि जब अमरीकी अधिकारी इसे पढ़ते हैं, तो उसे स्वीकार करने से इनकार कर देते हैं। और वह यह है कि चीन ने दुनिया में एक बड़ा उलट फेर करते हुए विश्व की नम्बर वन अर्थव्यवस्था अमरीका को पछाड़ दिया है।

दो सबसे भरोसेमंद स्रोतों की पुष्टि के बावजूद, मुख्य धारा का अधिकांश अमरीकी मीडिया, द इकोनॉमिस्ट को छोड़कर, इस रिपोर्ट को प्रकाशित करने का साहस नहीं दिखा पा रहा है कि अब अमरीका, अर्थव्यवस्था नंबर 1 नहीं है। बल्कि इसके विपरीत मीडिया अभी भी अमरीका को ही नम्बर 1 बता रहा है।

ज़ाहिर है, किसी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था का आकार मापना एक बहुत ही जटिल प्रक्रिया है। डेटा एकत्रित करने के अलावा, उचित मापदंड का चयन करने की ज़रूरत होती है। परंपरिक रूप से अर्थशास्त्री जीडीपी मापने के लिए एमईआर (बाज़ार विनिमय दर) नामक एक मेट्रिक का उपयोग करते हैं। अमरीकी अर्थव्यवस्था को इसके लिए आधार बनाया जाता है। इस तथ्य को दर्शाते हुए कि जब दूसरे विश्व युद्ध के बाद के वर्षों में इस पद्धति का विकास हुआ था, तो अमरीका की जीडीपी, कुल वैश्विक जीडीपी की लगभग 50 फ़ीसद थी।

अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए, इस पद्धति में उनकी अर्थव्यवस्था द्वारा उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं को उनकी स्थानीय मुद्रा में जोड़ा जाता है, फिर उसे विनिमय दर के अनुसार, अमरीकी डॉलर में बदला जाता है। 2020 में चीन में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य 102 ट्रिलियन युआन होने का अनुमान है। अमरीकी डॉलर में 7 युआन 1 अमरीकी डॉलर की दर पर परिवर्तित होता है, इस प्रकार चीन की 14.6 डॉलर ट्रिलियन बनाम अमरीकी जीडीपी 20.8 ट्रिलियन हुई।

इस तुलना से यह अनुमान लगाया जाता है कि 7 युआन से चीन में वही चीज़ ख़रीदी जा सकती है, जो अमरीका में 1 डॉलर से। हालांकि ज़ाहिर है कि ऐसा नहीं है। इसे आसानी से समझने के लिए द इकोनॉमिस्ट पत्रिका ने एक “बिग मैक इंडेक्स” बनाया। जैसा कि यह ग्राफ़ दिखाता है कि 21 युआन से एक चीनी उपभोक्ता बीजिंग में एक पूरा बिग मैक (मैक बर्गर) ख़रीद सकता है। अब अगर उन युआन को वर्तमान विनिमय दर पर बदला जाए तो उसके पास 3 डॉलर होंगे, जिससे अमरीका में सिर्फ़ आधा बिग मैक ख़रीद सकते हैं।

इसके अलावा, 2020 में चीन एकमात्र ऐसी प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जो सकारात्मक वृद्धि दर्ज कर रही है। अमरीकी अर्थव्यवस्था के लिए परिणामों की भविष्यवाणी करना मुश्किल नहीं है।

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