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‘जानू’….’खुशबू’ ने ‘हाथ’ छोड़ दिया….

Sagar PaRvez
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कौन हैं खुशबू सुंदर, कांग्रेस पार्टी ने खुशबू को तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद से हटाया- आखिर क्यों उन्होंने कांग्रेस छोड़ भाजपा का किया रुख….
तमिलनाडु की कांग्रेस नेता खुशबू सुंदर ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। खुशबू ने अपने पत्र में कहा कि पार्टी के भीतर उच्च स्तर पर बैठे कुछ लोगों की जमीनी हकीकत और सार्वजनिक मान्यता से कोई जुड़ाव नहीं है, उन्होंने कहा कि जो पार्टी के लिए ईमानदारी से काम करना चाहते थे, उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।

खुशबू के इस पत्र के साथ ही कांग्रेस ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी के प्रवक्ता पद से हटा दिया है। जानकारी के मुताबिक खुशबू दिल्ली पहुंच चुकी हैं और आज बीजेपी दफ्तर में उनके पार्टी में शामिल होने की संभावना है। इससे पहले 2014 में डीएमके छोड़ खुशबू ने कांग्रेस का दामन थामा था।

बाल कलाकार से हुई थी शुरूआत
खुशबू का जन्म 29 सितंबर 1970 को हुआ था। उन्होंने हिंदी फिल्म ‘द बर्निंग ट्रेन’ (1980) से एक बाल कलाकार के रूप में अपना फ़िल्मी करियर शुरू किया था। खुशबू ने एक बाल कलाकार के रूप में कई हिंदी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों में ‘नसीब’, ‘लावारिस’, ‘कालिया’, ‘दर्द का रिश्ता’ और बेमिसाल जैसी हिट फिल्मों का नाम शामिल है।

खुशबू ने 1985 में, जैकी श्रॉफ के साथ फिल्म ‘जानू’ में अभिनय किया। इसके अलावा, उन्होंने 1990 में ‘दीवाना मुझ सा नहीं’ में भी काम किया जिसमें आमिर खान और माधुरी दीक्षित ने भी काम किया था।

तमिल फिल्मों में नाम कमाया
खुशबू ने बॉलीवुड से ज्यादा तमिल फिल्मों से नाम कमाया। उन्होंने मलयालम, कन्नड़ और तेलुगु फिल्मों में भी अभिनय किया है। खुशबू ने अपने पूरे फ़िल्मी करियर में 200 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है। अपनी फिल्मों में उन्होंने रजनीकांत, कमल हसन, चिरंजीवी और जैसे कई सीनियर और दिग्गज अभिनेताओं के साथ काम किया है। सबसे खास बात यह है कि साउथ में उनकी लोकप्रियता ऐसी है कि उनके समर्थकों ने उन्हें एक मंदिर समर्पित किया हुआ है।

2014 में कांग्रेस से जुड़ी
खुशबू ने जब 2014 में कांग्रेस पार्टी को जॉइन किया तब उन्होंने कांग्रेस में जाने के बाद कहा था कि ‘आखिरकार मैं अपने घर आ गई हूं। कांग्रेस एकमात्र ऐसी पार्टी है जो भारत के लोगों के लिए अच्छा और देश को एकजुट कर सकती है।’ लेकिन कांग्रेस के बारे में ऐसा कहने और विचार रखने वाली खुशबू को न तो कांग्रेस ने 2014 में उन्हें उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाया और न ही लोकसभा का टिकट दिया था।

कांग्रेस से हुआ मोह भंग
वहीँ, 2014 से कांग्रेस में रही खुशबू ने अब कांग्रेस को अलविदा कह दिया है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष को इस बारे में पत्र लिखा और अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ‘कुछ तत्व पार्टी के भीतर उच्च स्तर पर बैठे हैं, जिनका जमीनी हकीकत या सार्वजनिक मान्यता से कोई जुड़ाव नहीं है, वे आदेश दे रहे हैं।’

उन्होंने इस बारे में ट्वीट भी किया है। जिसमें उन्होंने लिखा,’कई लोग मुझमें बदलाव देखते हैं। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आप विकसित होते हैं, सीखते भी हैं और नहीं भी, धारणाएं बदलती हैं, पसंद-नापसंद भी आती हैं, विचार एक नया आकार लेते हैं, सपने नए होते हैं, आप सही और गलत के बीच, प्यार और पसंद के बीच के अंतर को समझते हैं। परिवर्तन अपरिहार्य है।

कांग्रेस का दावा
वहीँ, कांग्रेस ने खुशबू के पार्टी छोड़ने को लेकर दावा किया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिली इसलिए वो नाराज चल रही थीं। पिछले कुछ दिनों में वह कुछ मुद्दों पर कांग्रेस के आधिकारिक रुख से अलग राय जाहिर कर रही थीं। वहीँ, उन्होंने पार्टी के रुख से इतर नयी शिक्षा नीति का समर्थन भी किया था।

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