इतिहास

तस्वीर 1820 में बनारस की है, झुका हुआ रत्नेश्वर महादेव मंदिर है इसे मुग़ल सेनापति ने बनवाया था!

ये तस्वीर 1820 में बनारस की है और ये झुका हुआ मंदिर रत्नेश्वर महादेव मंदिर है इसे मुग़ल सेनापति मिर्ज़ा राजा जय सिंह ने बनवाया था यह मंदिर पंचगंगा घाट और मनकर्णिक घाट के दरमियान में है मनकर्णिका घाट के पीछे ज्ञानवापी मस्ज़िद है जबकि पंचगंगा घाट पे धनेड़ा मस्ज़िद जिसे आलमगीर मस्ज़िद भी कहते है।

ये मंदिर मनकर्णिका घाट की ओर झुका है इसलिए इस तस्वीर में जो मस्ज़िद दिख रही वो ज्ञानवापी मस्ज़िद हो सकती है। मुग़ल बादशाह अकबर के हुक़ूमत में कई बड़े मंदिर और घाट मान सिंह के देख रेख में बनवाये गए थे। जिसमे मान सरोवर घाट और मान मंदिर घाट आज भी उनके नाम पे है। अक़बर ने इन मंदिर और घाटों के लिए उस ज़माने में 10 लाख आवंटित किए थे।

इसका ज़िक्र जहांगीर ने अपनी किताब “तुज़क ऐ जहांगीरी” में किया है: राजा मानसिंह ने बनारस में एक आलीशान मंदिर और घाट बनवाया है इस वक़्त बनारस में इससे बड़ा दूसरा कोई मंदिर नही है मानसिंह ने इसके लिए शाही खजाने से 10 लाख ख़र्चा किये हैं। मैंने अपने वालिद से पूछा था आपने इसकी इजाज़त क्यो दी तो उन्होंने जवाब दिया।

“मैं बादशाह हु मुझे सबके साथ बराबर सुलूक करना चाहिए”

जहांगीर के शासनकाल में मुस्लिम यात्री अब्दुल लतीफ बनारस आये थे उन्होंने भी अपनी किताब में इन घाटों और मन्दिरो का ज़िक्र किया है: “काश इन इमारतों को इस्लाम मज़हब के लिए बनाया गया होता।

मुग़ल अगर हिंदू विरोधी होते तो शायद कभी इन सब कामो की इजाज़त नही देते हिंदुस्तान में कई बड़े मंदिर मुग़ल काल मे बनाए गए जो आज भी मौजूद है। लेकिन कुछ राजनैतिक दल अपने फायदे के लिए मुग़लो को लुटेरे और हिंदू विरोधी साबित करने में लगे हैं।
#mughal_saltanat

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