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दलित युवक को जूते में पानी पिलाते हुए ऊंचीज़ात के लोग, सर पर मारे जुते : फ़्रांस की घटना पर संघियों का मातम : वीडियो

Dhruv Rathee
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Yesterday, a school teacher in France was beheaded in public for showing cartoons of Prophet Mohammed
French President Macron is now bringing a new law to control religious extremism. Extra funding will be given to educational institutions, heads of religious institutions will be trained and certified so foreign extremist influence can be stopped. Any association which will promote ideas against secularism and liberalism will be ordered to disband.

Bharat Prabhat Party
@sarchana1016
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एक उच्च जाति का हिन्दू भाई
एक दलित को प्यार से जूते में पानी पिलाते हुए …. Pouting facePouting face
देश मे जात पात की यही खूबसूरती है !
दलित अपना हक चाहते हैं तो बढ़ चढ़ कर राजनीति में हिस्सा ले और ऐसे जाहिलो को सबक सिखाये ??


Wasim Akram Tyagi
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एक यादव जी हैं, ‘सहारा’ के पत्रकार रहे हैं। पेरिस की घटना पर भारत में एनआरसी कराने की चाहत रखते हैं। लेकिन सवाल कि यूरोप में घटी घटना के लिये एशिया के एक टुकड़े पर रहने वाले मुसलमानों के लिये एनआरसी की चाहत रखना क्या दिमाग़ी दिवालियेपन से भी ज्यादा कुछ और है? मान लीजिए उनकी एनआरसी की चाहत पूरी हो गई, दो चार करोड़ मुसलमान अपनी नागिरकता साबित नहीं कर पाए, तब उनका क्या किया जाएगा? उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखेंगे? या कैमिकल छिड़ककर उनका संहार करेंगे? या फिर उन्हें ग़ुलाम बनाकर उन्हें बंधुआ मजदूर बनाएंगे? इनमें से कौनसा कार्य किया जाएगा? जो भी किया जाएगा उससे मानवता शर्मशार नहीं होगी? तब पेरिस में युवक की हत्या करने वाले शख्स में और आपमें क्या फर्क है? जबकि आपकी चाहत तो उससे भी बड़ा आतंकवादी बनने की है।


पेरिस में ‘शिक्षक’ की हत्या करने वाला धार्मिक कट्टरपंथ से ग्रस्त था, लेकिन उन्हें क्या कहा जाए जो भारत में गाय के नाम पर इंसान की लिंचिंग कर देते हैं? पहलू ख़ान के हत्यारोपी यादव समाज से थे। उनका कट्टरपंथ दूर करने के लिये कौनसा फार्मूला लाया जाएगा? क्योंकि आपको लगता है कि मुसलमानों के कट्टरपंथ का इलाज तो एनआरसी से कर देंगे, मगर ‘पहलू’ की हत्या करने वाले दूसरे धार्मिक कट्टरपंथियों के लिये कौनसा फार्मूला है? या कोई और योजना है? अखलाक की हत्या में ज्यादातर आरोपी ठाकुर समाज से थे इन धार्मिक कट्टरपंथियों के लिये कौनसा फार्मूला है? या कोई और योजना है? अलीमुद्दीन के हत्यारों को माला पहनाने वाले जयंत सिन्हा लिये कौनसा फार्मूला है? या कोई और योजना है? ऐसी कितनी ही घटनाएं हैं, ऐसे कितने ही लोगों के मुंहज़ुबानी याद हैं, जो धार्किमक कट्टरपंथ का निशाना बने हैं। लेकिन जिन्हें उन कट्टरपंथियों का नाम लेने से भी ‘डर’ लगता हो वे पेरिस की घटना पर भारत के मुसलमानों की जवाबदेही तय करना चाहते हैं। जाईए पहले ‘अपने’ कट्टरपंथियों के लिये अपनी जवाबदेही तय कीजिए. मुसलमानों को उनके हाल पर छोड़ दीजिए…

साल 1976 में 42वे संशोधन के ज़रिए भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द को जोड़ा गया था। ये केवल एक शब्द नहीं विविधताओं से भरे भारत की पहचान है, देश में जो न्यायसंगत स्वरुप होना चाहिए उसका प्रतिबिंब है।

लेकिन आजकल कुछ ख़ास लोगों को धर्मनिरपेक्षता ही अपराध लगने लगी है। हाल ही में, तनिष्क ज्वेलर के एक विज्ञापन पर बहस छिड़ गयी जिसमें मुस्लिम परिवार में एक हिंदू बहु को दिखाया गया है। इस विज्ञापन में हिंदू लड़की की मुस्लिम सास उसे गहने पहनते हुए दिखती है, वो सभी रीती रिवाज़ निभाते हुए दिखती है जो हिंदुओं में निभाए जाते हैं।

हालाँकि, सोशल मीडिया पर कईं लोगों ने तनिष्क को इस विज्ञापन के लिए जमकर ट्रोल किया। कुछ लोगों ने तो वीडियो में ये तक कह दिया कि विज्ञापन के ज़रिए ये बताया जा रहा है कि मुस्लिम परिवार सेक्युलर होते हैं और हिन्दू महिलाओ को मुस्लमान से शादी करनी चाहिए। इस सबका असर ये हुआ की तनिष्क इस विज्ञापन को हटाने के लिए मजबूर हो गया।

ट्रोल्स को क्या चाहिए? क्या उन्हें तब अच्छा लगता जब हिंदू महिला को अपने ससुराल में सम्मान न मिलता? ये कैसे समाज की परिकल्पना है? अंतर-धर्म विवाह भी कानूनी है, तो गुस्सा किस बात का?

– Tanya Yadav


मुसलमान कलाम जैसा चाहिए, हिंदू गोडसे जैसा आतंकी भी हो तो चलेगा क्यों भाई ऐसा क्यों? अगर हर मुसलमान कलाम जैसा होना चाहिए तो हर हिंदू भी गांधी जैसा होना चाहिए गांधी विरोधी नही।
एक हिंदुस्तानी कैसा होना चाहिये, गांधी और कलाम से बेहतर उदाहरण मौजूद नही है अभी तक। आज मिसाइल मैन अब्दुल कलाम की जयंती है आज ही के दिन 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम में पैदा हुए। ग़रीबी के ग़ुबार से इसरो तक का सफर तय किया हिंदुस्तान को जितना कलाम ने दिया है शायद ही किसी आम इंसान ने दिया है।
चंद्रयान
पहला सेटेलाइट लान्च व्हीकल बनाया,
अग्नि मिसाइल बनाया।
शहरी सुविधाओं को गाँव तक पहुंचाने के लिए ‘प्रोवाइडिंग अर्बन एमेनिटीज़ टू रूरल एरियाज़’ की शुरुआत की।
सुपर कंप्यूटर में योगदान दिया,
हार्ट की कोरोनरी स्टेन को बनाया।
ब्रेन ट्युमर में लगने वाला सस्ता शंट बनाया।
नकली पैरों में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक बनाई जिससे जो लोग पैर खो चुके वो कम पैसो में खरीद सके।
और सबसे बड़ी बात गांधी के बाद हिंदुस्तान मे एक आदर्श नागरिक की मिसाल क़ायम की।

डिस्क्लेमर : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. लेख सोशल मीडिया फेसबुक पर वायरल है, इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति तीसरी जंग हिंदी उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार तीसरी जंग हिंदी के नहीं हैं, तथा तीसरी जंग हिंदी उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है

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