सेहत

दुनिया में सफ़लता पाने के लिए ‘खुशबू’ एक अनिवार्य विषय है

Dr.Abrar Multani
==========

_________________
खुशबू उन चंद खास उद्दीपनों में से एक है जिसका मस्तिष्क पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। जहां पर अच्छी खुशबू आती है हम उस स्थान के प्रति आकर्षित होते हैं और जहां पर बदबू होती है उन स्थानों से हम विकर्षित होते हैं, उनसे दूर होना चाहते हैं और फिर वापस वहां कभी नहीं जाना चाहते। हमारी यादों को बनाने में खुशबुओं का बहुत बड़ा योगदान होता है। खुशबुएं हमारी बरसों पुरानी यादों को फौरन ताजा कर देती हैं। किसी खास खुशबू को सूंघकर आपको किसी खास व्यक्ति की याद आ सकती है या किसी खास जगह की या किसी खास भोजन की याद आ सकती है। खुशबुओं से हम किसी के प्रेम में पड़ सकते हैं और बदबू से ही किसी से दूर हो सकते हैं।

खुशबुओं के बारे में हमारे पूर्वज भी बहुत बेहतर जानते थे। वे लोग इसमें और अधिक पारंगत थे जो कि पूजा-स्थलों या इबादतगाहों से ताल्लुक रखते थे। लोबान, अगरबत्ती, धूप और इत्र का प्रयोग हजारों सालों से इबादतगाहों में होता रहा है। इसके पीछे का कारण यही है कि खुशबू लोगों को मोहित करती है और उनके मन को शांति प्रदान करती है। जो लोग चाहते हैं कि उनके धर्म के इबादतगाहों पर ज़्यादा से ज़्यादा लोग आएं, वहां पर ज़्यादा से ज़्यादा समय तक रुकें और शांति का अनुभव करें तो, उन्हें चाहिए कि वे अपने इबादतगाहों में एक बेहतरीन खुशबू का इंतजाम करें। हल्की और भीनी-भीनी खुशबू बहुत ही बेहतर असर दिखाती है। इसके उलट तीक्ष्ण खुशबू बुरा सर दिखाती है। यदि हम चाहते हैं कि हमारे पूजा स्थलों या पवित्र स्थानों से लोग ज़्यादा से ज़्यादा जुड़ाव महसूस करें तो हमें वहां पर बहुत ही सोच समझ कर खुशबू का इंतजाम करना चाहिए। किसी को भी वहां पर घटिया खुशबू, इत्र या अगरबत्ती न लगाने दी जाए। आप चाहे तो यह नियम बना सकते हैं कि, “यहां पर किसी भी प्रकार की खुशबू लगाना मना है।” इससे यह होगा कि वहां पर केवल एक चयनित खुशबू ही उपयोग की जा सकेगी। मेरा भरोसा कीजिए इसका बहुत ही बेहतरीन असर होगा। अधिकांश लोगों को पसंद आने वाली खुशबू का चयन करें जैसे गुलाब की या फिर मेरी फेवरेट लेमन ग्रास की खुशबू।

इबादतगाहों की तरह ही हमें अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी खुशबुओं का ध्यान रखना चाहिए। यदि आप किसी रेस्टोरेंट के मालिक हैं तो वहां पर खाने की खुशबुएँ आती रहना चाहिए। यदि आप चाय या कॉफी की शॉप चलाते हैं तो वहां पर चाय या कॉफी की महकती हुई खुशबू आना चाहिए। आप देखिए इस बात का मैकडॉनल्ड, केएफसी और स्टारबक्स कितना ध्यान रखते हैं। उनमें प्रवेश करना तो दूर उनके पास से गुजरने से ही उनकी खुशबू ग्राहकों को आकर्षित कर लेती है और उनके अंदर उनके उत्पादों को लेने का एक एहसास जगाती है।

प्रेमियों के बीच में भी खुशबू का बहुत महत्व है। खुशबू प्रेम को बढ़ाती है और बदबू प्रेम को कम करती है। खुशबुओं ने कई प्रेम कहानियां शुरू की है तो बदबू ने कई प्रेम कहानियों को खत्म। खुशबू प्रेम को हमेशा जवान रखती है और इसके विपरीत बदबू उसे बूढ़ा कर देती है, कभी कभी तो मार भी देती है।
तो प्रिय पाठकों आप खुशबुओं से प्रेम कीजिए, लोग आपसे प्रेम करने लग जाएंगे…😊

~डॉ अबरार मुल्तानी
लेखक- मन के रहस्य, 5 पिल्स

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *