सेहत

महिलाओं में सेक्स को लेकर कई तरह के ख्याल होते हैं जो पुरुष नहीं जानते

सेक्स को लेकर अक्सर लोगों के दिमाग में यह रहता है कि यह सिर्फ एक तरह ही हो सकता है। कई शोधों में इस बात का खुलासा हुआ है कि महिलाओं में सेक्स को लेकर कई तरह के ख्याल होते हैं जो पुरुष नहीं जानते हैं। ओरल सेक्स को लेकर महिलाओं के दिमाग या मन में क्या रहता है इसे लेकर भी पुरुषों को पता नहीं रहता है।

2016 में हुए एक शोध मेें यह पाया गया कि 70 प्रतिशत महिलाओं को ओरल सेक्स बहुत ज्यादा पसंद होता है। महिलाओं ने इसके बारे में कहा कि यह चरम सुख से भी ज्यादा आनंद देने वाला होता है। जर्नल ऑफ सेक्स एंड मैरिटिकल थेरेपी में प्रकाशित शोध में पाया गया कि एक तिहाई महिलाएं सेक्स से पहले ओरल सेक्स का आनंद लेना पसंद करती हैं।

एक्सपर्ट्स की माने तो ओरल सेक्स से महिलाओं में अतिरिक्त गीलापन होता और उसके बाद सेक्स करना बहेद आराम दायक होता है। ओरल सेक्स अत्यधिक उत्तेजना के साथ अवर्णित आनंद भी प्रदान करता है। न्यू कपल्स के लिए तीन बेहतरीन सेक्स पोजीशन।

अगर आप भी अपने पार्टनर को ओरल सेक्स से सुखद एहसास देना चाहते हैं तो आपको इन 5 ओरल सेक्स पोजिशन को आजमाना चाहिए।

तकिया का करें प्रयोग

जब भी आप ओरल सेक्स करना चाहते हैं तो आपके फेस का वजाइना तक ठीक से पहुंचना बहुत जरूरी होता है। पार्टनर के बट के नीचे तकिया रखने से वजाइना और फेस का संपर्क आसानी से हो पाता है। वजाइना ऊपर हो जाने की वजह से क्लिटोरिस तक जीभ आसानी से पहुंचती है और पार्टनर को ज्यादा आनंद मिलता है।

घुटनों और हाथों के बल

यह एक तरह से डागी स्टाइल होता है लेकिन इसमें पार्टनर सेक्स करने बजाय आपके साथ ओरल सेक्स करता है। डागी स्टाइल में होने के बाद अपने चेहरे को थोड़ा ऊपर रखें और पैरों को थोड़ा फैला दें। जैसे-जैसे पार्टनर ओरल सेक्स करता है उसी के अनुसार सहयोग करते जाएं एक नया आनंद जरूर देगा।

क्लासिक 69

क्लासिक 69 के लिए किसी खास तकनीक की जरूरत नहीं होती है। इसमें दोनों लोग एक साथ, एक-दूसरे को ओरल सेक्स करते हैं। यह सबसे पुरानी तकनीक है और इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि पुरुष और महिला दोनों को एक साथ आनंद मिलता है। पहली बार सेक्स का अनुभव लेने जा रहे हैं

! रखें इन बातों का ख्याल।

 

दीवार के सहारे खड़े होकर

इस पोजिशन से महिलाओं को बहुत ज्यादा आनंद मिलता है। दीवार के सहारे खड़ी होने के बाद एक पैर को रखने के लिए कुर्सी या टेबल का उपयोग कर सकते हैं। इस पोजिशन की सबसे खास बात यह होती है कि महिला अपने पुरुष साथी को ओरल सेक्स करते हुए कंधों पर जोर देती हुए आनंद लेती है। पुरुष के कंधों पर महिला के हाथों का जोर बताता है कि उसे कितना प्लेजर मिल रहा है।

ओरल और एनल सेक्स करने से हो सकती हैं ये 6 खतरनाक बीमारियां

क्या आप जानते हैं कि ओरल या एनल सेक्स कई गंभीर बीमारियों को भी जन्म दे सकता है? जो लोग ओरल और एनल सेक्स करते हैं, उनमें ही सेक्सुअल  बीमारियों (Oral sex & STD) के होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। अगर आप भी ओरल सेक्स या एनल सेक्स करते हैं, तो जान लें किन बीमारियों (side effects of Oral Sex) के हो सकते हैं

Oral sex causes Diseases

शारीरिक संबंध यानी सेक्स स्थापित करने के कई तरीके हैं। किसी को सेक्स से पहले फोर प्ले में मजा आता है, तो किसी को सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म तक पहुंच कर ही संतुष्टि महसूस होती है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो ओरल या एनल सेक्स (Oral and Anal Sex) करना पसंद करते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि ओरल या एनल सेक्स कई गंभीर बीमारियों को भी जन्म दे सकता है? ओरल या एनल सेक्स को ना ही सुरक्षित माना गया है और ना ही सेक्स का नेचुरल तरीका है। जो लोग ओरल और एनल सेक्स करते हैं, उनमें ही सेक्सुअल बीमारियों (Oral sex & STD) के होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। अगर आप भी ओरल सेक्स या एनल सेक्स (Oral and Anal Sex) करते हैं, तो जान लें किन बीमारियों (side effects of Oral Sex) के हो सकते हैं

ओरल सेक्स से संबंधित अध्ययन

ओरल सेक्स का मजा हर कोई लेना चाहता है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि यह कितना रिस्की हो सकता है। सेक्स के इस क्रिया को बिना सुरक्षा करने से आपके लिए खतरनाक (Oral sex ke nuksan) साबित हो सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, कई लोग ओरल सेक्स के दौरान सुरक्षा का ख्याल नहीं रखते हैं। बिना सुरक्षा के इस क्रिया को अंजाम देने से ऐसे लोगों को सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज या एसटीडी (sexual transmitted diseases) और कैंसर (Cancer) जैसी खतरनाक बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। जानें, कौन सी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं ओरल सेक्स करने से और इसके नुकसान क्या हैं (side effects of Oral Sex)… Also Read – शोध में खुलासा, ओरल सेक्स बढ़ाता है बैक्टीरियल वेजिनोसिस, जानें योनि में होने वाला यह इंफेक्शन कितना है खतरनाक

1 एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS)

ओरल सेक्स करने से आप एचआईवी के शिकार हो सकते हैं। एचआईवी और एड्स का खतरा (side effects of Oral Sex in hindi) ओरल और एनल सेक्स करने से कई गुना बढ़ जाता है।

2 एनल कैंसर (Anal Cancer)

एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग समलैंगिक संबंध बनाते हैं, उससे एचपीवी का खतरा बढ़ जाता है। इससे एनल यानी गुदे के कैंसर होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। अगर आप भी ओरल और एनल सेक्स (anal sex side effects) करते हैं, तो एनल कैंसर (anal Cancer) के खतरे को भी एक बार जरूर जान लें।

3 गोनोरिया (Gonorrhea)

गोनोरिया को सूजाक भी कहते हैं। यह निसेरिया गोनोरीए नाम के बैक्टीरिया के कारण होता है। यह वायरस बहुत खतरनाक होता है और काफी तेजी से फैलता है। इस वायरस के जरिए पेशाब की नली, गले, योनि (Vagina) और गुदा (Anus) को संक्रमित कर सकता है। गोनोरिया से बचने के लिए आप सेफ सेक्स करें। असुरक्षित यौन, गुदा या मुख मैथुन करना गोनोरिया के रिस्क को बढ़ाते हैं। जो लोग एक से अधिक पुरुष या महिलाओं के साथ सेक्स करते हैं, उनमें गोनोरिया होने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है।

Sex करने के पहले vagina के साथ ये चीजें न करें

एक रोमांटिक सेक्स प्लेज़र लेने से पहले थोड़ी तैयारी तो आप करते ही होंगे लेकिन अगर आपने वैजाइना के साथ कुछ नया ट्रायल करके उन्हें उत्तेजित करके उनको लुभाने का आइडिया बनाया है तो ऐसा करने से पहले ये समझ लें ।

वैजाइनल जेम्स और स्टोन का इस्तेमाल-

आजकल लोग इन चीजों का इस्तेमाल अपने पार्टनर को लुभाने के लिए करते हैं जो कि बिल्कुल सही नहीं है। यहां तक कि हो सकता है इससे आपके सेक्स प्ले में बाधा उत्पन्न हो जाय।

वैजाइना को साफ और सूखाने का प्रोसेसे-

अगर आप सेक्स मूवमेंट करने से पहले वैजाइना को वाश करके ड्राई करते हैं तो कभी भी पूरा सूखाकर न पोंछे क्योंकि एक्शन के वक्त लुब्रिकेशन की ज़रूरत होती है। ड्राई वैजाइना होने पर सेक्स बहुत दर्दनाक हो जाता है।

तेल को लुब्रिकेंट के रूप में इस्तेमाल न करें-

अगर सेक्स का मूड बन गया है और वैजाइनल ड्राइनेस के कारण बात नहीं बन रही है तो किचन से कोई भी तेल लाकर लुब्रिकेंट लगाकर एक्शन शुरू करने की कोशिश न करें। इससे सेक्स के चरम अवस्था में कंडोम के फट जाने का खतरा रहता है। और फिर क्या होगा ये तो आप समझ ही सकते हैं।

स्टीम लेने का प्रोसेसे है गलत-

अक्सर लोग सेक्स करने के बाद दर्द होने पर आराम पाने के लिए स्टीम लेते हैं ये सोचकर कि इससे फिमेल हार्मोन बैंलेस रहेगा और यूटेरस भी साफ हो जायेगा। लेकिन गायनाकॉलोजिस्ट का कहना है कि स्टीम लेने का आइडिया वैजाइना और यूटेरस दोनों के लिए बूरा है।

शेव करने की नहीं है सही-

वैजाइना के आस-पास के अवांछित बालों को साफ करना तो सही है लेकिन सेक्स करने के पहले ऐसा करना बिल्कुल गलत है। क्योंकि इससे सेक्स करते वक्त पूरा प्लेज़र नहीं मिलेगा। या तो शेव करने के बाद सूजन को कम करने के लिए आप वैजाइनल क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मसालेदार खाना-

क्या आपको आश्चर्य हो रहा है? हां, ऐसा होता है। मसालेदार खाना खाने से पीएच बैंलेस बिगड़ जाता है जिससे इंफेक्शन का होने का खतरा होता है और सेक्चुअल डिजायर में भी कमी आ सकता है।

सेक्स करते समय क्या चाहती हैं महिलाएं, जानिए

सेक्स संबंध बनाते वक्त महिलाएं किसी पुरुष से क्या चाहती हैं, यह हमेशा से ही शोध का विषय रहा है। इसी मुद्दे पर ताजातरीन रिसर्च के नतीजे सामने आए हैं। किंसले इंस्टिट्यूट के शोध में सेक्स से जुड़े विषय के एक्सपर्ट्स के अलावा 700 से ज्यादा महिलाओं ने खुलकर अपने विचार व्यक्त किए हैं। महिलाएं बिस्तर पर क्या चाहती हैं मर्द से, जानिए वो 9 राज

1. कुछ इस तरह प्यार करें पुरूष
महिलाएं चाहती हैं कि पुरुष कुछ अलग हटकर उन्हें प्यार करे। जैसे मुंह से की गईं ‘शरारतें’. आंखों में आंखें डालकर प्यार जताना, होठों को संवेदनशील अंगों पर फिराना, किसी और तरीके से देह को छूना महिलाओं को भाता है। जीभ के अगले भाग से नाजुक अंगों का स्पर्श भी महिलाओं का मन मचलने के लिए काफी होता है सर्वे में शामिल करीब 42 फीसदी महिलाओं ने यह बात स्वीकार की है।

2. फोरप्ले लाता है सेक्स में ‘क्रिएटिविटी’
फोरप्ले सेक्स का अहम पार्ट है, जिसका अपना मजा है। सर्वे में शामिल महिलाओं ने माना कि फोरप्ले के दौरान होने वाली उत्तेजना एकदम अलग तरह की होती है. महिलाओं ने कहा कि पुरुषों को सेक्स के मामले में थोड़ा ‘क्रिएटिव’ होना चाहिए। कुछ नया और एकदम अलग अंदाज में किया जाना महिलाओं को खूब भाता है।

3. कंडोम के बिना यौन संबंध
पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी यह माना कि उन्हें कंडोम के बिना यौन संबंध ज्यादा अच्छा लगता है। सर्वे में शामिल महिलाओं ने कहा कि कंडोम यौन रोगों से बचाव का यह कारगर तरीका है। इसके इस्तेमाल से महिलाएं खुलकर सेक्स का भरपूर मजा ले पाती हैं।

4. सेंसिटिव अंगों के साथ संवेदनशीलता
महिलाएं यही चाहती हैं कि उसके बेहद कोमल अंगों को शुरुआती दौर में ज्यादा तकलीफ न दी जाए। महिलाएं पुरुषों से चाहती हैं कि वे उसके सेंसिटिव अंगों के साथ संवेदनशीलता से ही पेश आएं।

5. मौसम व वातावरण का पड़ता है सेक्स पर असर
डॉ. होल्सटेज ने कहा कि सेक्स के दौरान वातावरण भी काफी मायने रखता है। अगर कमरे का तापमान अनुकूल रहता है, तो यह सेक्स का मजा बढ़ा देता है। शोध के दौरान 50 फीसदी महिलाओं ने स्वीकार किया कि संभोग के दौरान अनुकूल मौसम व वातावरण न होने की वजह से वे चरम तक न पहुंच सकीं।

6. सेक्स के दौरान पोजिशन का भी रखें खयाल
सेक्स संबंध बनाने के दौरान पोजिशन का भी खयाल रखना बेहद जरूरी होता है। स्त्री के निचले भाग को अगर दो-तीन तकियों के सहारे थोड़ा-सा और ऊपर उठाकर संभोग किया जाए, तो इससे संसर्ग ठीक से हो पाता है। वह स्थिति भी बेहतर होती है, जब स्त्री लेटे हुए पुरुष के ऊपर आकर संभोग करती है। इससे स्त्रियां ‘उन’ अंगों में ज्यादा उत्तेजना महसूस करती हैं।

7. युवा महिलाओं ने कहा कुछ ऐसा
ऑस्ट्रेलियन सेक्स रिसर्चर जूलियट रिचटर्स कहती हैं कि सर्वे में शामिल पांच में से केवल एक महिला ने माना कि वे केवल एकदम नॉर्मल तरीके से किए गए संभोग से ही चरम तक पहुंच जाती हैं। ज्यादातर युवा महिलाओं का मानना था कि वे अपने पार्टनर से चाहती है कि वे सेक्स के दौरान अपने हाथ और मुंह का भी ज्यादा इस्तेमाल करें। उन्हें अपनी किताब के लिए 19 हजार लोगों पर किए गए सर्वे के दौरान इस तथ्य का पता चला।

8. जल्दबाजी की, तो गए ‘काम’ से
सेक्स मेडिसिन के एक जर्नल में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, सेक्स में जल्दबाजी दिखलाने पर पुरुष तो संतुष्ट हो जाते हैं, पर महिलाएं चरम तक नहीं पहुंच पाती हैं। ऐसे में पुरुषों की जिम्मेदारी होती है कि वे बिना हड़बड़ी दिखलाए अपनी पार्टनर को लंबे गेम में साथ लेकर चलें।

9. जरूरी नहीं कि हर बार चरम तक पहुंचा ही जाए
महिला हर बार चरम तक पहुंच ही जाए, यह कोई जरूरी नहीं है। कई बार तनाव व थकान की वजह से ऐसा नहीं हो पाता। ऐसे में जबरन आधे घंटे तक ‘खेल’ जारी रखने की बजाए इसे खत्म करना बेहतर रहता है। चरम तक न ले जाने के लिए हर बार पुरुष ही जिम्मेदार नहीं होता। कुल मिलाकर इस क्रीड़ा का आनंद ही मायने रखता है।

जानें सेक्‍स के ये 12 राज

सेक्‍स से जुड़े विषय के एक्‍सपर्ट्स के अलावा 700 से ज्‍यादा महिलाओं ने खुलकर अपने विचार व्‍यक्‍त किए हैं. महिलाएं बिस्‍तर पर क्‍या चाहती हैं मर्द से, जानिए वो 12 राज…

सेक्‍स संबंध बनाते वक्‍त महिलाएं किसी पुरुष से क्‍या चाहती हैं, यह हमेशा से ही शोध का विषय रहा है. इस पर पहले भी काफी कुछ लिखा जा चुका है. इसी मुद्दे पर ताजातरीन रिसर्च के नतीजे सामने आए हैं. सेक्‍स से जुड़े विषय के एक्‍सपर्ट्स के अलावा 700 से ज्‍यादा महिलाओं ने खुलकर अपने विचार व्‍यक्‍त किए हैं.

1. सिर्फ कामक्रीड़ा पर ही हो पूरा ध्‍यान
बिस्‍तर पर महिला पार्टनर की यौन-इच्‍छा को तृप्‍त करने के लिए सबसे जरूरी चीज है- ‘जज्‍बा’. सर्वे में शामिल करीब 42 फीसदी महिलाओं ने यह बात स्‍वीकार की है. महिलाएं कई तरीके से पुरुषों के प्‍यार को महसूस करती हैं, जिनमें सबसे ज्‍यादा इनका ध्‍यान खींचता है आपके मुंह से की गईं ‘शरारतें’. आंखों में आंखें डालकर प्‍यार जताना, होठों को संवेदनशील अंगों पर फिराना, किसी और तरीके से देह को छूना महिलाओं को भाता है. जीभ के अगले भाग से नाजुक अंगों का स्‍पर्श भी महिलाओं का मन मचलने के लिए काफी होता है.

2. फोरप्‍ले की अहमियत सबसे ज्‍यादा
कामक्रीड़ा का असली मजा सिर्फ चरम तक पहुंचने पर ही नहीं है, बल्कि इसके हर पल का भरपूर आनंद लेना चाहिए. फोरप्‍ले भी इसका अहम पार्ट है, जिसका अपना मजा है. सर्वे में शामिल महिलाओं ने माना कि फोरप्‍ले के दौरान होने वाली उत्तेजना एकदम अलग तरह की होती है. महिलाओं ने कहा कि पुरुषों को सेक्‍स के मामले में थोड़ा ‘क्रिएटिव’ होना चाहिए. कुछ नया और एकदम अलग अंदाज में किया जाना महिलाओं को खूब भाता है.

3. ‘आनंद’ व ‘संतुष्टि’ में फर्क है
किंसले इंस्टिट्यूट के शोध में यह पाया गया कि पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी यह माना कि उन्‍हें कंडोम के बिना यौन संबंध ज्‍यादा अच्‍छा लगता है. पर महिलाओं ने यह भी माना कि दरअसल संभोग के दौरान कंडोम का इस्‍तेमाल किए जाने पर उन्‍हें ज्‍यादा सुकून मिलता है. यह सुकून ‘प्रोटेक्‍शन’ को लेकर होता है. सर्वे में शामिल महिलाओं ने कहा कि कंडोम यौन रोगों से बचाव का यह कारगर तरीका है. इसके इस्‍तेमाल से महिलाएं खुलकर सेक्‍स का भरपूर मजा ले पाती हैं.

4. धीरे-धीरे, आराम से…
सभी महिलाएं यही चाहती हैं कि उसके बेहद कोमल अंगों को शुरुआती दौर में ज्‍यादा तकलीफ न दी जाए. महिलाएं पुरुषों से चाहती हैं कि वे उसके सेंसिटिव अंगों के साथ संवेदनशीलता से ही पेश आएं. मतलब यह कि संभोग के दौरान वे चाहे तो जीभ व उंगलियों का इस्‍तेमाल करके जरूरी उत्तेजना पैदा करें, पर कष्‍ट देने से बाज आएं.

5. वातावरण का भी पड़ता है असर
शोध के दौरान 50 फीसदी महिलाओं ने स्‍वीकार किया कि संभोग के दौरान अनुकूल मौसम व वातावरण न होने की वजह से वे चरम तक न पहुंच सकीं. महिलाओं ने माना कि दरअसल पुरुषों के ठंडे पांव की वजह से उन्‍हें ज्‍यादा तकलीफ होती है. डॉ. होल्‍सटेज ने कहा कि सेक्‍स के दौरान वातावरण भी काफी मायने रखता है. अगर कमरे का तापमान अनुकूल रहता है, तो यह सेक्‍स का मजा बढ़ा देता है.

6. सेक्‍स के दौरान पोजिशन का भी रखें खयाल
सेक्‍स संबंध बनाने के दौरान पोजिशन का भी खयाल रखना बेहद जरूरी होता है. स्‍त्री के निचले भाग को अगर दो-तीन तकियों के सहारे थोड़ा-सा और ऊपर उठाकर संभोग किया जाए, तो इससे संसर्ग ठीक से हो पाता है. वह स्थिति भी बेहतर होती है, जब स्‍त्री लेटे हुए पुरुष के ऊपर आकर संभोग करती है. इससे स्त्रियां ‘उन’ अंगों में ज्‍यादा उत्तेजना महसूस करती हैं.

एक और पोजिशन महिलाओं व पुरुषों को अच्‍छा लगता है, वह है ‘डॉगी स्‍टाइल’. मतलब, जिसमें स्‍त्री घुटनों और हाथों के बल खुद को संतुलित किए रहती है और पुरुष उसके ठीक पीछे जाकर संभोग करता है.

7. तरीके तो और भी हैं…
ऑस्‍ट्रेलियन सेक्‍स रिसर्चर जूलियट रिचटर्स कहती हैं कि सर्वे में शामिल पांच में से केवल एक महिला ने माना कि वे केवल एकदम नॉर्मल तरीके से किए गए संभोग से ही चरम तक पहुंच जाती हैं. ज्‍यादातर युवा महिलाओं का मानना था कि वे अपने पार्टनर से चाहती है कि वे सेक्‍स के दौरान अपने हाथ और मुंह का भी ज्‍यादा इस्‍तेमाल करें. उन्‍हें अपनी किताब के लिए 19 हजार लोगों पर किए गए सर्वे के दौरान इस तथ्‍य का पता चला.

90 फीसदी से ज्‍यादा महिलाओं ने माना कि वे केवल सेक्‍स के दौरान अपने पार्टनर द्वारा मुख का भी इस्‍तेमाल किए जाने के बाद चरम तक पहुंचती हैं.
रिसर्च में पाया गया कि जब कामक्रीड़ा आरामदायक तरीके से, धीरे-धीरे, पर लगातार किया जाता है, तो जोड़े चरम तक जल्‍दी पहुंच जाते हैं.

8. जल्‍दबाजी की, तो गए ‘काम’ से
सर्वे में शामिल महिलाओं में से केवल पचास फीसदी ने कहा कि वे 10 मिनट या इससे कम वक्‍त में ही चरम तक पहुंच जाती हैं. सेक्‍स मेडिसिन के एक जर्नल में प्रकाशित स्‍टडी के मुताबिक, सेक्‍स में जल्‍दबाजी दिखलाने पर पुरुष तो संतुष्‍ट हो जाते हैं, पर महिलाएं चरम तक नहीं पहुंच पाती हैं. ऐसे में पुरुषों की जिम्‍मेदारी होती है कि वे बिना हड़बड़ी दिखलाए अपनी पार्टनर को लंबे गेम में साथ लेकर चलें.

9. संवेदनशील अन्‍य अंगों को पहचानें
सेक्‍स पर शोध करने वालों ने पाया है कि केवल G-स्‍पॉट ही आनंद देने के लिए पर्याप्‍त नहीं है, बल्कि महिलाओं के शरीर में और भी ऐसे भाग हैं, जहां संवेदना ज्‍यादा होती है. इसमें A- स्‍पॉट भी शामिल है, जहां सहलाने से महिलाओं का शरीर यौन क्रिया के लिए शारीरिक रूप से तैयार हो पाता है. इस काम में उंगलियों की कारस्‍तानी काम आती है.

10. तैयारी को ठीक से परखें
कोई स्‍त्री संभोग के लिए तैयार है या नहीं, यह परखने में भी कई बार भूल हो जाती है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में लेक्‍चरर बरबरा कीसलिंग का मानना है कि सिर्फ बाहरी लक्षण से ही इसकी पहचान संभव नहीं है. इनकी नजर में ‘बटरफ्लाई पोजिशन’ सबसे ज्‍यादा बेहतर है.

11. ‘कीमत’ तो अदा करनी ही पड़ती है…
अगर महिला अपने थकाऊ काम या नींद की कमी की वजह से परेशान है, तो इसक स्थिति में वह मुश्किल से उत्तेजित होती है. ऐसे में पुरुषों की जिम्‍मेदारी बढ़ जाती है. पुरुषों को चाहिए कि वे व्‍यंजन पकाने या कपड़े धोने आदि काम में इनकी मदद करें. सर्वे में शामिल महिलाओं ने माना कि ऐसी स्थिति में जब पुरुष उनके काम में मदद करते हैं कि उन्‍हें बेहतर एहसास होता है.

12. जरूरी नहीं कि हर बार चरम तक पहुंचा ही जाए
महिला हर बार चरम तक पहुंच ही जाए, यह कोई जरूरी नहीं है. कई बार तनाव व थकान की वजह से ऐसा नहीं हो पाता. ऐसे में जबरन आधे घंटे तक ‘खेल’ जारी रखने की बजाए इसे खत्‍म करना बेहतर रहता है. चरम तक न ले जाने के लिए हर बार पुरुष ही जिम्‍मेदार नहीं होता. फिर भी अगर महिला चाहे, तो आप अपने हाथों और उंगलियों से उसे संतुष्‍ट कर सकते हैं. कुल मिलाकर इस क्रीड़ा का आनंद ही मायने रखता है.

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