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युरोपीय संघ को यह समझ लेना चाहिए कि तुर्की के विरुद्ध धमकी की भाषा का इस्तेमाल न करे : तुर्की के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता

तुर्की ने कहा है कि यूरोपीय संघ को धमकी की भाषा का प्रयोग करने से बचते हुए कोई समाधान पेश करना चाहिए।

तुर्की के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि युरोपीय संघ को यह समझ लेना चाहिए कि तुर्की के विरुद्ध धमकी की भाषा प्रभावहीन रहेगी।

अनातोली समाचार एजेन्सी के अनुसार हामी उस्कूई ने यह बात शनिवार को यूरोपीय संघ की शिखर बैठक की समाप्ति पर जारी होने वाले घोषणापत्र पर अपनी प्रतिक्रिया में कही। उनका कहना था कि तुर्की, यूरोपीय संघ के साथ तनाव कम करके वार्ता का पक्षधर है। तुर्की के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यूरोपीय संघ को चाहिए कि वह अपने एजेन्डे में तुर्की के अधिकारों और साइप्रस में तुर्की मूल के नागरिकों के हितों का सम्मान करे।तुर्की के अनुसार यूरोपीय संघ को समस्या के समाधान की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।उसे अकारण यूनान तथा साइप्रस के यूनानी मूल के लोगों की अनैतिक बातों को स्वीकार नहीं करना चाहिए।

ज्ञात रहे कि यूरोपीय परिषद के प्रमुख ने शनिवार को यूरोपीय संघ की शिखर बैठक में मेडिट्रेनियन सागर में तुर्की के क्रियाकलापों की आलोचना की है। तुर्की, साइप्रस के प्रशासन को स्वीकार नहीं करता और वह केवल वहां के तुर्की के मूल निवासियों वाले क्षेत्र को ही मानता है।

उल्लेखनीय है कि साइप्रस, मेडिट्रेनियम सागर के पूर्व में स्थित द्वीप है। सन 1974 में इस द्वीप को लेकर तुर्की और यूनान के बीच सैन्य झड़पें हुई थीं जिसके बाद साइप्रस दो भागों में विभाजित हो गया। एक यूनानी मूल के लोगों का और दूसरे तुर्की मूल के निवासियों का।

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