इतिहास

राजपूताना इतिहास और विरासत : बीकानेर महाराजा गंगासिंह राठौड़ और कुख्यात ‘छप्पनिया अकाल’

बीकानेर महाराजा गंगासिंह जी राठौड़ ने 1899-1900 ई. में पड़े कुख्यात ‘छप्पनिया अकाल’ की हृदय-विदारक विभीषिका देखी थी और अपनी रियासत के लिए पानी का इंतजाम एक स्थाई समाधान के रूप में करने का संकल्प लिया था और इसीलिये सबसे क्रांतिकारी और दूरदृष्टिवान काम, जो उनके द्वारा अपने राज्य के लिए किया गया वह था पंजाब की सतलुज नदी का पानी ‘गंग-केनाल’ के ज़रिये बीकानेर जैसे सूखे प्रदेश तक लाना और नहरी सिंचित-क्षेत्र में किसानों को खेती करने और बसने के लिए मुफ्त ज़मीनें देना

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