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फ़्रांस का हमला : जब आप किसी को प्रताड़ित करेंगे, अपमानित करेंगे तो दूसरी तरफ़ से हमेशा ही जवाबी कार्यवाही होगी!

स्कूल में टीचर ने #चार्ली_हेब्डो का कार्टून एक सप्ताह पहले ‘सेमिनार’ में दिखाया था, उससे पहले उस टीचर ने सभी मुस्लिम छात्रों को क्लास से बाहर निकाल दिया था, एक मुस्लिम छात्र वहां बैठी रह गयी थी, उसने ये बात अपने परिवार को बताई, परिवार वालों ने स्कूल मैनजेमेंट से लिखित शिकायत की, बाकी जो हुआ वो ख़बर बन चुकी है,

कोई भी किसी के धर्म पर वे वजह या किसी भी वजह से हमले क्यों करता है, धर्म जीने के लिए सुविधा पैदा करते हैं, जबकि कुछ ख़ास, बीमार,सड़ी मानसिकता के लोग मज़हब के नाम पर दूसरे मज़हब के लोगों को निशाना बनाते हैं, जब आप किसी को प्रताड़ित करेंगे, अपमानित करेंगे तो दूसरी तरफ़ से हमेशा ही जवाबी कार्यवाही होगी, इसका ख्याल लोगों को ज़रूर रखना चाहिए

यूरोपीय देश जो आज खुद को सभ्य, विकसित, शिक्षित, शक्तिशाली होने का प्रदर्शन करते हैं असल में ये देश डकैत, लुटेरे, जंगली जानवरों की मानसिकता वाले हैं, इन्होने दुनियांभर में सदियों तक डकैतियां डाली हैं, कमज़ोर देशों पर कब्ज़े कर के वहां अत्याचार किये और उन देशों को लूटमार कर कंगाल बनाया और उनकी दौलतों से अपने ख़ज़ाने भरे, यूरोप के अधिकतर देशों ने अन्य देशों पर जबरन कब्ज़े किये, अकेले इंग्लैंड ने ही विश्व के 74 देशों पर कब्ज़ा कर राज किया और उन देशों में ज़बरदस्त लूटमार की, भारत में इंग्लैंड के आगमन से पहले ये देश सोने की चिड़िया हुआ करता था, यहाँ की तरक्की की रफ़्तार विश्व में सबसे ऊपर थी, उस समय भारत[ सुपर पावर की हैसियत रखता था लेकिन अंग्रेज़ों ने इस देश को इतना लूटा कि 70 साल बाद भी अभी तक यहाँ से ग़रीबी ख़तम नहीं हुई है

इटली ने लीबिया व अन्य देशों पर राज किया, फ्रांस, पुर्तगाल, स्पेन, चेक गणराज्य व् अन्य यूरोपीय देशों ने अरब, अफ्रीका के देशों को ग़ुलाम बना कर लूटमार की

इंग्लैंड ने जाते जाते समय भी मुक्त होने वाले देशों को समझौतों के तहत अपने अधीन ही रखा हुआ है, और इन देशों से बड़े साज़ोसामान आज तक सालाना मुफ्त में वसूल करता है

आज अगर देखें विश्व में जहाँ कहीं भी अशांति या युद्ध जैसे हालात हैं तो वो इंग्लैंड की वजह से हैं, इस एक देश ने अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अनेक देशों को जंगों में उलझा रखा है, भारत-पाकिस्तान, नार्थ कोरिया-साउथ कोरिया, ताइवान-चीन, हांगकांग-चीन, इंडोनेशिया-जापान, क़तर-सऊदी अरब, फ़िलस्तीन-इस्राईल मात्रा बानगी हैं

आज फ़िलस्तीन पर जो अत्याचार हो रहे हैं और एक अवैध अत्याचारी/आतंकवादी देश इस्राईल वजूद में है वो इंग्लैंड और यूरोपीय देशों के कारण है, सेकंड विश्व युद्ध के बाद इंग्लैंड/यूरोप की ही तरह अमेरिका ने भी व्यवाहार कर विश्व शांति को अशांति में बदलने का काम किया है, अनेक देशों में अमेरिका व् यूरोपीय गठजोड़ ने आतंकवाद फैलाया है, अनेक देशों को तबाह किया है, इराक, अफ़ग़ानिस्तान, सीरिया, यमन, लेबनानां, लीबिया, फिलस्तीन में लाखों मासूम की हत्याएं की हैं

ऐसे में लोग मामला कोई भी हो सीधे राशन पानी लेकर मुसलमानों और इस्लाम पर चढ़ बैठते हैं, कभी हक़ की बात भी कर लिया करें

दुनियां में कोई भी जुर्म नइंसाफ़ी से ज़ियादा हौलनाक नहीं, जब भी कहीं कोई भी नइंसाफ़ी करता है तो वहां टकराव ज़रूर होते हैं, अगर तकातवर पहलवान बेवजह किसी कमज़ोर को बार बार सताने लगे तो एक वक़्त वो कमज़ोर उस पहलवान की टाँगे उलटी ज़रूर करेगा ये हमेशा ख़याल रखना चाहिए,,,,अत्याचार कभी मत कर और हमेशा सच का साथ दो, सच बोलो

तुम्हारा, सबका किया धरा यहाँ रह जायेगा, अंत में इंसान के अच्छे काम ही काम आना हैं,,,,,जो माने उसका भला जो न माने उसका भी भला, अच्छे कामों की कहते रहना, बुराई से लोगों को रोकते रहना,,,,,परवेज़ ख़ान

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