उत्तर प्रदेश राज्य

उत्तर प्रदेश : अंकुल व वीरेन ने छह साल की बच्ची का सामूहिक दुष्कर्म कर बलि देकर उसका दिल खा लिया!

घाटमपुर के एक गांव में छह साल की बच्ची की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर अंग निकालने के मामले में पुलिस ने आरोपी दंपति को मंगलवार को जेल भेज दिया। दंपति ने संतान प्राप्ति के लिए तंत्रमंत्र के चक्कर में आकर बच्ची की बलि देकर उसका दिल खा लिया था।

पुलिस का दावा है कि दंपति ने रेलवे स्टेशन से काले जादू की किताब खरीदी। इसमें संतान प्राप्ति के लिए दिवाली की रात बच्ची का दिल खाने की बात लिखी हुई थी। इसी अंधविश्वास में आकर दंपति ने भतीजों के साथ मिलकर जघन्य वारदात को अंजाम दे डाला। पुलिस के मुताबिक अभी तक किसी तांत्रिक का नाम सामने नहीं आया है।

दिवाली की रात गांव की छह साल की बच्ची लापता हो गई थी। दूसरे दिन गांव बाहर काली मंदिर के पास उसका क्षतविक्षत शव पड़ा मिला था। गला कटा था, सिर फूटा था और दिल, गुर्दे, आंतें गायब थीं। पुलिस ने सोमवार को वारदात का खुलासा कर गांव के भाइयों वीरेन और अंकुल को जेल भेजा था।

इसके बाद पुलिस ने चाचा परशुराम और उसकी पत्नी सुनैना को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि संतान की चाहत में बच्ची की बलि दी गई और दिल को दंपति ने कच्चा खा लिया। अंकुल व वीरेन ने उसके साथ दुष्कर्म भी किया था।

एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में अभी तक किसी तांत्रिक के शामिल होने की जानकारी नहीं मिली है। परशुराम ने बताया कि रेलवे स्टेशन से उसने एक किताब काफी दिन पहले खरीदी थी। इसमें संतान प्राप्ति के उपाय लिखे थे। इसी अंधविश्वास में आकर उसने वारदात को अंजाम दे डाला।

सूचना देने वाली बच्ची के पिता को फंसाने का प्रयास
एसपी ग्रामीण ने बताया कि बच्ची के लापता होने के बाद जब पुलिस पहुंची थी तब वहां एक 13 वर्षीय किशोरी ने अहम जानकारी दी थी। उसने बताया था कि शाम को अंकुल बच्ची को लेकर गया था। यहीं से पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर अंकुल को दबोच लिया था और केस खुला। एसपी ने बताया कि इसी खुन्नस में आरोपी दंपति ने आरोप लगाया कि किशोरी के पिता उसके साथ शामिल थे। आधे अंग वह अपने साथ ले गया था। पुलिस ने उनसे पूछताछ भी की। हालांकि आरोप झूठे पाए गए।

कपड़ों और हाथों में मिले खून के धब्बे, घर में ही पैनी की चाकू
घाटमपुर सीओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। गवाह और वैज्ञानिक सुबूत भी हैं। सभी आरोपियों का बेंजाडीन टेस्ट कराया गया। इसमें अंकुल और वीरेन के कपड़ों व हाथों में खून के धब्बे मिले। परशुराम व सुनैना के हाथ में भी कुछ खून के धब्बे मिले। ये साक्ष्य बेहद अहम हैं। इसके अलावा जिस चाकू से बच्ची के शव से अंग निकाले गए, उसमें धार घर पर ही पत्थर पर रगड़ की गई थी। उस पर भी खून के धब्बे मिले हैं।

नामजद आरोपियों के नाम होंगे बाहर
वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने अंकुल, वंशलाल, कमल राज, बाबूराम, सुरेश व एक अज्ञात पर केस दर्ज किया था। एसपी ने बताया कि नामजद आरोपियों में अंकुल ही मुख्य था। अन्य किसी का कोई लेनादेना नहीं है। फिर भी उनकी भूमिका खंगाली जा रही है। साक्ष्य न मिलने पर उनका नाम केस से बाहर किया जाएगा। वहीं पूछताछ के बाद अंकुल के भाई वीरेन, चाचा परशुराम और चाची सुनैना का नाम सामने आया था। इन चारों को जेल भेज दिया गया है।

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