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अरब डायरी : ईरान की दो टूक : बौखलाए हुए हैं नेतनयाहू : इस्राईल को लगा ज़ोर का झटका : अमरीकी अख़बार ने किया ख़ुलासा!


अमरीकी अख़बार ने ख़ुलासा किया है कि बाइडन सरकार कुछ प्रतिबंधों को छोड़कर ईरान पर लगे सारे प्रतिबंध हटाने के बारे में सोच रही है।

अमरीका और ईरान के अधिकारी दोनों एक दूसरे पर ज़ोर डाल रहे हैं कि परमाणु समझौते की प्रतिबद्धताओं पर अमल की शुरुआत करें। इस बीच इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने बाइडन सरकार से कहा है कि वह ईरान के परमाणु समझौते में वापस लौटने से परहेज़ करे।

वाल स्ट्रीट जरनल ने गुरुवार को बाइडन सरकार के अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी कि अमरीकी सरकार ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों को बाक़ी रखना चाहती है जिनका संबंध मानवाधिकार और आतंकवाद के मुद्दों से है।

अमरीका में कुछ अधिकारी यह बयान तो दे रहे हैं कि ईरान को उसकी मिसाइल ताक़त और क्षेत्रीय प्रभाव के बारे में भी समझौता करने पर तैयार किया जाए मगर वाल स्ट्रीट जरनल का कहना है कि बाइडन की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टीम को अच्छी तरह मालूम है कि तेहरान अब अतिरिक्त समझौतों के लिए तैयार नहीं होगा।

ईरान ने कई बार एलान किया है कि मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव जैसे विषयों के बारे में वह अमरीका ही नहीं किसी से भी कोई वार्ता नहीं करेगा।

इस बीच अमरीकी विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने घोषणा की है कि बाराक ओबाम की सरकार में विदशी मामलों के सलाहकार रह चुके राबर्ट माली को ईरान के मामलों में विशेष दूत नियुक्त किया जा रहा है।

अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बुधवार को कहा था कि अमरीका परमाणु समझौते में लौटेगा मगर इससे पहले ईरान परमाणु समझौते की सारी प्रतिबद्धताओं का पालन शुरू करे। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि ब्लिंकन को ज़मीनी सच्चाई को ध्यान में रखना चाहिए कि अमरीका ने परमाणु समझौते का उल्लंघन किया था। ज़रीफ़ ने कहा कि चूंकि वाशिंग्टन ने परमाणु समझौते का उल्लंघन और ईरान के ख़िलाफ़ आर्थिक आतंकवाद किया है इसलिए अब उसकी ज़िम्मेदारी है कि पहला क़दम उठाए। उन्होंने कहा कि ब्लिंकन को यह भी याद रखना चाहिए कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प की अधिकतम दबाव की नीति नाकाम साबित हो चुकी है।

तेहरान और वाशिंग्टन के बीच चल रही बहस के दौरान संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि परमाणु मामले में तत्काल समाधान की तो आशा नहीं है मगर दोनों पक्षों के लिए ज़रूरी है कि अपनी प्रतिबद्धताओं पर अमल करें और कठिनाइयों का हल निकालें।

यूरोपीय संघ ने कहा कि वह हमेशा से परमाणु मामले में ईरान और अमरीका के सहयोग का स्वागत करता रहा है। यूरोपीय संघ के प्रवक्ता ने कहा कि एसा रास्ता अपनाया जाना चाहिए कि परमाणु समझौते में अमरीका की वापसी संभव हो और ईरान भी परमाणु समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करे।

इस बीच इस्राईल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू बुरी तरह बौखला गए हैं। ट्रम्प की हार से अपनी कई योजनाओं के बिखर जाने से परेशान नेतनयाहू ने अमरीका को सलाह दी कि वह ईरान के परमाणु समझौते में वापस लौटने से बचे।

नक़्ब इलाक़े के दौरे पर गए नेतनयाहू ने दावा किया कि प्रतिबंध हटे तो ईरान ने इसका फ़ायदा उठाकर यमन, सीरिया और इराक़ पर क़ब्ज़ा कर लिया। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार से दूर रखना ज़रूरी है क्योंकि ईरान अपनी यह इच्छा बार बार ज़ाहिर करता है कि वह इस्राईल को मिटा देना चाहता है।

जहां तक अरब देशों पर ईरान के क़ब्ज़े का सवाल है तो यह बेबुनियाद दावे हैं। राजनैतिक हल्क़ों में नेतनायहू झूठ के माहिर नेता की पहिचान रखते हैं।

ईरान के मामलों में बाइडन के विशेष दूत का नाम सुनकर इस्राईल और रिपब्लिकन नेताओं को लगा ज़ोर का झटका

ईरान के मामलों में बाइडन के विशेष दूत का नाम सुनकर इस्राईल और रिपब्लिकन नेताओं को लगा ज़ोर का झटका
अमरीका के नए राष्ट्रपति जो बाडन ने ओबामा प्रशासन के पूर्व सीनियर विदेश नीति सलाहकार रॉबर्ट मैले को ईरान के मामलों में अपना विशेष दूत बनाने का फ़ैसला किया है।

मैले एक अमरीकी थिंट टैंक हैं, जिन्होंने परमाणु वार्ता और 2015 में होने वाले ईरान परमाणु समझौते में अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें अमरीका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी शामिल थे। हालांकि 2018 में अमरीका इस समझौते से निकल गया था।

बाइडन प्रशासन द्वारा उनकी नियुक्ति की रिपब्लिकन सांसदों ने कड़ी आलोचना की है, क्योंकि वे समझते हैं कि इस तरह से बाइडन ने अपनी नर्म ईरान नीति का संकेत दे दिया है।

अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने फ़ॉरेन पॉलिसी से बात करते हुए कहाः विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन एक समर्पित टीम का गठन कर रहे हैं, जिसमें विभिन्न प्रकार के विचारों वाले लेकिन स्पष्ट-दृष्टि रखने वाले विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है। रॉब मैले ईरान के लिए हमारे विशेष दूत के रूप में इस टीम का नेतृत्व करेंगे, जिन्होंने ईरान परमाणु समझौते के मार्ग में आने वाली रुकावटों को दूर करते हुए सफलता का ट्रैक रिकॉर्ड बनाया था। ब्लिंकेन को विश्वास है कि वह और उनकी टीम एक बार फिर ऐसा करने में सक्षम होगी।

हालांकि कई अमरीकी और यूरोपीय अधिकारियों को इस बात पर संदेह है कि बाइडन प्रशासन, प्रतिबंधों के रहते हुए किस तरह से ईरान को परमाणु समझौते की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए तैयार करेगी।

ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि परमाणु समझौते पर अमल की ईरान से मांग करने से पहले अमरीका को आर्थिक प्रतिबंध ख़त्म करने होंगे।

ईरान ने जनवरी की शुरूआत से अपने वादों में कमी करते हुए यूरेनियम संवर्धन में वृद्धि करते हुए इसे 20 प्रतिशत के स्तर तक पहुंचा दया था।

अमरीका के नए विदेश मंत्री ब्लिंकेन ने हाल ही में कहा था कि बाइडन प्रशासन, ईरान के साथ संयुक्त राष्ट्र समर्थित समझौते की तुलना में लंबे और मज़बूत समझौते के नवीकरण की मांग करेगा।

उन्होंने यह भी कहा है कि अमरीका का नया प्रशासन यमन युद्ध को समाप्त कराना चाहता है

इराक़ में दाइश का एक बड़ा सरग़ना ढेर, ईरान ने भी एक दाइशी को फांसी पर चढ़ाया

इराक़ के प्रधानमंत्री ने आतंकी संगठन दाइश के एक बड़े सरग़ना और इस संगठन के स्वंयभू उप ख़लीफ़ा को मार गिराए जाने की सूचना दी है।

इराक़ के प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी ने बताया है कि आतंकी संगठन दाइश में इराक़ के शासक माने जाने वाले इस संगठन के स्वयंभू उप ख़लीफ़ा यासिर अलईसावी को मार दिया गया है।

उन्होंने एक ट्वीट करके कहा है कि इराक़ी राष्ट्र जब कोई वादा करता है तो उसे पूरा करता है, हमने दाइश के आतंकियों को तबाह करने और दहला देने वाला जवाब देने का वचन दिया है। उन्होंने आगे लिखा है कि इराक़ी जियालों की एक अद्भूत कार्यवाही में आतंकी गुट दाइश का सरग़ना यासिर अलईसावी मारा गया है, जिसे इस आतंकी गुट में ख़लीफ़ा का उत्तराधिकारी और इराक़ का शासक कहा जाता था।

इस बीच ईरान के ख़ूज़िस्तान प्रांत के न्याय विभाग ने एक बयान जारी करके बताया है कि आतंकी गुट दाइश के एक सदस्य को फ़ांसी दे दी गई है।

बयान में कहा गया है कि अली मतीरी नामक दाइश के इस आतंकी ने दो स्वयं सेवियों को शहीद किया था और इस अपराध के बदले में उसे गुरुवार को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया।

ज्ञात रहे कि 7 मई सन 2018 को आतंकी गुट दाइश के सदस्य अली मतीरी ने ख़ूज़िस्तान प्रांत के शीबान क्षेत्र में स्वयं सेवियों के एक केंद्र पर हमला कर दिया था जिसके परिणाम स्वरूप दो स्वयं सेवी शहीद हो गए थे।

हमारे परमाणु समझौते में सऊदी अरब का क्या काम? नहीं है रियाज़ के लिए कोई जगह, ईरान की दो टूक

ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि तेहरान, परमाणु समझौते में सऊदी अरब की भूमिका को नहीं मानता।

अबुलफ़ज़्ल अमूई ने परमाणु समझौते या जेसीपीओए के नए सदस्य के बारे में कहा कि इसके सदस्य स्पष्ट हैं जिसका उल्लेख, प्रस्ताव संख्या-2231 में है, एेसे में जेसीपीओए में सऊदी अरब के लिए कोई स्थान नहीं है।

ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रवक्ता ने कहा कि सऊदी अरब के परमाणु कार्यक्रम के बारे में बहुत सी अस्पष्टताएं पाई जाती हैं।

उन्होंने कहा कि ईरान ने इस बात की घोषणा कर दी है कि रेयाज़ के साथ तकनीकी वार्ता की जा सकती है और वह मुख्य मुद्दा जिसपर सऊदियों के साथ पटल पर रखा जा सकता है वह उनके द्वारा हथियारों की ख़रीद और यमन की जनता के विरूद्ध उनकी कार्यवाहियां हैं।

अबुलफ़ज़्ल अमूई का कहना था कि ्इस समय ईरान, प्रतिबंधों को निष्क्रय बनाने की नीति पर काम कर रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि परमाणु समझौते के बारे में यूरोपियों के क्रियाकलाप व्यर्थ रहे हैं। उन्होंने अपने वचनों को पूरा नहीं किया है। इस आधार पर वचनों को पूरा करने का मुद्दा, सामने है और दूसरी ओर यूरोपियन से पूछताछ की जाएगी।

ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रवक्ता अबुलफ़ज़्ल अमूई ने परमाणु समझौते के बारे में फ़्रांस के राष्ट्रपति के हालिया दावों की ओर संकेत करते हुए कहा कि फ़्रांसीसी अधिकारियों के यह दावे वास्तविकता पर आधारित नहीं हैं कि पहले ईरान, परमाणु समझौते में वापस आए।

याद रहे कि फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रां ने पत्रकारों से बात करते हुए इस्लामी गणतंत्र ईरान के साथ संभावित परमाणु वार्ता में सऊदी अरब सहित कुछ क्षेत्रीय देशों की उपस्थिति की मांग की थी

ईरान के मामलों में बाइडन के विशेष दूत का नाम सुनकर इस्राईल और रिपब्लिकन नेताओं को लगा ज़ोर का झटका

अमरीका के नए राष्ट्रपति जो बाडन ने ओबामा प्रशासन के पूर्व सीनियर विदेश नीति सलाहकार रॉबर्ट मैले को ईरान के मामलों में अपना विशेष दूत बनाने का फ़ैसला किया है।

मैले एक अमरीकी थिंट टैंक हैं, जिन्होंने परमाणु वार्ता और 2015 में होने वाले ईरान परमाणु समझौते में अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें अमरीका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी शामिल थे। हालांकि 2018 में अमरीका इस समझौते से निकल गया था।

बाइडन प्रशासन द्वारा उनकी नियुक्ति की रिपब्लिकन सांसदों ने कड़ी आलोचना की है, क्योंकि वे समझते हैं कि इस तरह से बाइडन ने अपनी नर्म ईरान नीति का संकेत दे दिया है।

अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने फ़ॉरेन पॉलिसी से बात करते हुए कहाः विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन एक समर्पित टीम का गठन कर रहे हैं, जिसमें विभिन्न प्रकार के विचारों वाले लेकिन स्पष्ट-दृष्टि रखने वाले विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है। रॉब मैले ईरान के लिए हमारे विशेष दूत के रूप में इस टीम का नेतृत्व करेंगे, जिन्होंने ईरान परमाणु समझौते के मार्ग में आने वाली रुकावटों को दूर करते हुए सफलता का ट्रैक रिकॉर्ड बनाया था। ब्लिंकेन को विश्वास है कि वह और उनकी टीम एक बार फिर ऐसा करने में सक्षम होगी।

हालांकि कई अमरीकी और यूरोपीय अधिकारियों को इस बात पर संदेह है कि बाइडन प्रशासन, प्रतिबंधों के रहते हुए किस तरह से ईरान को परमाणु समझौते की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए तैयार करेगी।

ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि परमाणु समझौते पर अमल की ईरान से मांग करने से पहले अमरीका को आर्थिक प्रतिबंध ख़त्म करने होंगे।

ईरान ने जनवरी की शुरूआत से अपने वादों में कमी करते हुए यूरेनियम संवर्धन में वृद्धि करते हुए इसे 20 प्रतिशत के स्तर तक पहुंचा दया था।

अमरीका के नए विदेश मंत्री ब्लिंकेन ने हाल ही में कहा था कि बाइडन प्रशासन, ईरान के साथ संयुक्त राष्ट्र समर्थित समझौते की तुलना में लंबे और मज़बूत समझौते के नवीकरण की मांग करेगा।

उन्होंने यह भी कहा है कि अमरीका का नया प्रशासन यमन युद्ध को समाप्त कराना चाहता है।

पेंटागन के प्रवक्ता ने अपनी पहली ही प्रेस काॅन्फ़्रेंस में ईरान के ख़िलाफ़ ज़हर उगला

अमरीकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपने पहले ही पत्रकार सम्मेलन में ईरान के ख़िलाफ़ कई आरोप लगाए हैं।

जाॅन कर्बी ने अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की सरकार की ओर से ईरान पर लगाए जाने वाले आरोपों को दोहराते हुए, तेहरान के बैलिस्टिक मीज़ाइलों और ईरान में सेंट्रीफ़्यूज मशीनें लगाए जाने की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री की नज़र में मध्यपूर्व और फ़ार्स की खाड़ी के क्षेत्र में अब भी हमारे हित हैं और इस क्षेत्र में हमारे कुछ घटक व मित्र हैं जिनके लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि अब भी ईरान की ओर से पूरे क्षेत्र में फैलाए जा रहे आतंकवाद को नियंत्रित करने में हमारे हित हैं। कर्बी ने दावा किया कि ईरान अब भी हिंसक गतिविधियों में लिप्त है और हम इस प्रकार की गतिविधियों को नियंत्रित करने की हर संभव कोशिश करेंगे।

ज्ञात रहे कि ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की उच्च परिषद ने 8 मई 2019 को, परमाणु समझौते से अमरीका के बाहर निकल जाने की वर्षगांठ के अवसर पर घोषणा की थी कि ईरान, इस समझौते के 26वें और 36वें अनुच्छेदों के आधार पर अपनी प्रतिबद्धताओं को धीरे धीरे कम करेगा ताकि उसके अधिकारों और उसकी प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन स्थापित हो सके। तेहरान ने इसी तरह स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह परमाणु समझौते में अमरीका के लौटने के संबंध में किसी तरह की शर्त स्वीकार नहीं करेगा।

फ़ार्स की खाड़ी की अस्थिरता में फ़्रांसीसी हथियारों की भी भूमिका को अनेदखा नहीं किया जा सकताः ख़तीबज़ादे

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि फ़ार्स की खाड़ी में अस्थिरता और अशांति में फ़्रांसीसी हथियारों की भी बड़ी भूमिका है।

सईद ख़तीबज़ादे ने फ़्रांस की ओर से फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों को बेहिसाब हथियार बेचे जाने के बारे में कहा है कि फ़्रांसीसी अधिकारी, फ़ार्स की खाड़ी के अरब देशों को बहुत बड़ी मात्रा में हथियार बेचे जाने से अगर बहुत चिंतित हैं तो उचित यह होगा कि वे इस बारे में अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करें।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना था कि पश्चिमी हथियारों के साथ फ्रांसीसी हथियार भी हज़ारों यमनियों के जनसंहार का कारण रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह हथियार, फ़ार्सं की खाड़ी के क्षेत्र की अस्थिरता में भी भूमिका निभा रहे हैं। ख़तीबज़ादे के अनुसार फ़्रांस, ब्रिटेन, अमरीका और दूसरे देशों की ओर से हथियारों का निर्यात रोके बिना मध्यपूर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता की आशा रखना निरर्थ है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद ख़तीबज़ादे ने परमाणु समझौते या जेसीपीओए को बहुपक्षीय अन्तर्राष्ट्रीय समझौता बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव-2231 ने इसकी पुष्टि की है। ख़तीबज़ादे का कहना है कि इसके जितने भी पक्ष हैं वे स्पष्ट हैं और उनको परिवर्तित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने परमाणु समझौते के संदर्भ में कहा कि अमरीका तो इससे निकल गया तथा यूरोप इसकी सुरक्षा में अक्षम रहा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि इसको पुनर्जीवित करके सुरक्षित करने का रास्ता बहुत ही सीधा है। ख़तीबज़ादे के अनुसार अमरीका इसमें पुनः वापस आ जाए और ईरान पर जो प्रतिबंध लगाए गए हैं उनको हटाया जाए।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के इस बयान को फ़्रांसीसी राष्ट्रापति मैक्रां के उस बयान की प्रतिक्रिया में देखा जा रहा है जिसमें उन्होंने मांग की है कि ईरान के साथ संभावित आगामी परमाणु वार्ता में सऊदी अरब को भी उपस्थित रहने की अनुमति मिले।

अमरीका पूर्वोत्तरी सीरिया में एक और फ़ौजी छावनी बनाने में लगा, सीरिया की संप्रभुता का खुला उल्लंघन

2 अप्रैल 2018 को ली गयी यह तस्वीर, सीरिया के अलेप्पो और उत्तरी क़स्बे मम्बिज के बीच में स्थित अलअसालिया गांव में अमरीकी फ़ौजी छावनी नज़र आ रही है
अमरीका पूर्वोत्तरी सीरिया के अलहस्का इलाक़े में एक और फ़ौजी छावनी बना रहा है।

न्यूज़ एजेन्सी साना के मुताबिक़, अमरीकी फ़ौजी हस्का के उपनगरीय भाग अलयारबिया में नयी छावनी बना रहे हैं।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि अमरीकी फ़ौजियों ने हथियार सहित लॉजिस्टिक साज़ो सामान इस अड्डे में पहुंचा दिए हैं।

पिछले महीनों में अमरीका के सैकड़ों ट्रक जिसमें लॉजिस्टिक साज़ो सामान लदे थे, इराक़ से सीरिया के अलहस्का शहर पहुंचे।

अमरीकी फ़ौज और उसका समर्थन प्राप्त सीरियन डेमोक्रेटिक फ़ोर्स नामी गुट सीरिया के अलजज़ीरा, हस्का और दैरुज़्ज़ूर प्रांतों में तेल के कुओं पर क़ब्ज़ा किए हुए है।

सीरिया की एक जेल में दाइश ने किया विद्रोह, सहायता को पहुंचे अमरीकी हैलिकाप्टर

पूर्वोत्तरी सीरिया में स्थित एक जेल में दाइश के आंतकवादियों ने विद्रोह कर दिया जिसके बाद आसमान में अमरीकी हैलिकाप्टर मंडराने लगे।

सीरिया के सरकारी टेलिविज़न के अनुसार शनिवार को देश के हस्का प्रांत में दक्षिण में स्थित अश्शदादी नगर की जेल में, जहां पर अधिकांश दाइश के आतंकवादी कैंद हैं, दाइशी आतंकवादियों ने जमकर तोड़फोड़ की।

दाइश के आतंकवादियों ने जेल में मौजूद सारी चीज़ों को तोड़ दिया। सीरिया की इस जेल पर नियंत्रण, सीरिया डेमोक्रेटिक दल के सैन्य बदों का है। इस दल को अमरीका का आशीर्वाद प्राप्त रहा है। इस जेल के भीतर दाइश के लगभग 5000 आतंकवादी बंद हैं। जिस समय सुरक्षाबलों ने जेल पर नियंत्रण करने के प्रयास किये उसी समय आसमान में अमरीकी हैलिकाप्टर मंडराने लगे।

हाल ही में अलमयादीन टीवी चैनेल ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि पिछले तीन महीनों के दौरान अमरीकी सैनिकों ने सीरिया की कुछ जेलों से दाइश के आतंकवादियों को हैलिकाप्टर के माध्यम से निकाल कर सीरिया की सेना पर हमला करने के उद्देश्य से अलग-अलग स्थानों पर पहुंचा दिया।

इससे पहले यह ही सूचना मिली थी कि अमरीकी सैनिक, दाइश के आतंकवादियों को हैलिकाप्टर के माध्यम से सीरिया से मिलने वाली इराक़ की सीमा पर लेजाकर छोड़ आते हैं जहां से वे इराक़ में भीतर घुसकर आतंकवादी कार्यवाहियां करते हैं।

सीरिया के अफ़रीन में विस्फोट 6 हताहत, 15 घायल

उत्तरी सीरिया के इफ़रीन नगर में होने वाले कार बम विस्फोट में अबतक कई लोग हताहत और घायल हुए हैं।

सीरिया की सरकारी समाचार एजेन्सी साना के अनुसार यह विस्फोट अफ़रीन नगर के “अस्सनाआ” क्षेत्र में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस कार बम विस्फोट में कम से कम 6 लोग मारे गए और 15 अन्य घायल हो गए।

पिछले महीने इफ़रीन के मानवाधिकार संस्था ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि पिछले तीन वर्षों से जबसे यह नगर तुर्की का समर्थन प्राप्त आतंकवादियों के नियंत्रण में है तबसे अबतक होने वाले विभिन्न विस्फोटों और हमलों में यहां के 600 से अधिक निवासी मारे जा चुके हैं। इसी दौरान वहां पर 7343 से अधिक अपहरण के केस हुए हैं।

तुर्की की सेना ने दो अभियानों के अन्तर्गत उत्तरी सीरिया के लगभग 4000 किलोमीटर के भाग पर क़ब्ज़ा कर रखा है।

सीरिया की सरकार इस काम को अवैध बताते हुए अपने भूभाग से तुर्की के सैनिकों की वापसी की मांग करती आ रही है।

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