साहित्य

अरे बहू…..निशा और युनुस दोनों को ही गाजर का हलवा बहुत पसंद है

Jagjit Singh – Aligarh
=========
#गाजर_का__हलवा…..
अम्मी जान जी…..ये आज इतनी सारी गाजरे क्यों मंगवाई है….
अरे बहू…..निशा और युनुस दोनों को ही गाजर का हलवा बहुत पसंद है सर्दियां शुरू होती नहीं की इनकी फरमाइश शुरू हो जाती है….
गाजर का हलवा…..वो तो मुझे भी बेहद पसंद है …नर्गिस ने मन ही मन मे मुस्कुराते हुए सोचा पर तो संकोचवश अपनी सासु मां जी से बोल नहीं पाई…
वैसे भी जब घर में हलवा बनेगा तो खाएंगे तो सभी ….यही सोचकर नर्गिस ने गाजरों को धो कर किसना शुरू कर दिया… सासूंमा ने अपने हाथों से गाजर का हलवा बनाया…
खुशबू इतनी अच्छी आ रही थी कि सब इंतजार कर रहे थे कब हलवा बनकर तैयार हो….
जैसे ही हलवा तैयार हुआ दस्तरख़ान पर लगाया….वहीं निशा और यूनुस किसी छोटे बच्चे की तरह हलवे पर टूट पड़े…
नर्गिस सब को खाना परोस रही थी सब ने जी भरकर खाया और हलवे का डोंगा भी धीरे धीरे खाली होता गया …
अंत में जब नर्गिस के खाने की बारी आई तो डोंगे में सिर्फ दो चम्मच हलवा ही बचा था…..

जब नर्गिस की अम्मी हलवा बनाती थी तब सबसे पहले नर्गिस हीं जी भरकर खाती थी बाद में किसी का नम्बर आता था….ये सोचते सोचते नर्गिस का गला भर आया और वो दो चम्मच हलवा भी नर्गिस के गले से नीचे नहीं उतरा… वो बिना खाए हीं दस्तरख़ान से उठ गई
अगले महीने जब नर्गिसअपने मायके गई तो अम्मी ने नर्गिस की भाभी मेहराज से कहा ….मेहराज..बहु आज अब्दुल से कह देना आते समय बाजार से गाजर ले आए…
नरगिसआई है इसलिए कल उसका मनपसंद गाजर का हलवा बनाऊंगी….
अगले दिन अम्मी ने बड़े चाव से नर्गिस के लिए हलवा बनाया…. अम्मीने सबसे पहले कटोरी भरकर नर्गिस की ओर बढ़ाया तो नर्गिस बोली…. नहीं अम्मी… पहले हलवा मेहराज भाभी को दो….
अम्मी अवाक सी नर्गिस का मुंह देखने लगी…लेकिन बेटा तुझे तो बहुत पसंद है ना मेरे हाथों का हलवा…
हां अम्मी….. मुझे बहुत पसंद है लेकिन क्या आपने कभी भाभी से पूछा है कि उन्हें क्या पसंद है….
ये क्या बोल रही है तूं बेटा….यदि उसे पसंद होता तो वो बोलती ना….
नहीं अम्मी….आज मैंने खुद बहु बनकर जाना की एक बहु से ना तो उसकी पसंद पूछी जाती है और ना हीं वो अपनी पसंद बता पाती है….आप प्लीज़ पहले हलवा भाभी को हीं दो क्योंकि वो भी शायद मेरी तरह ही अपनी पसंद नापसंद हमें नहीं बता पाती होगी….
ठीक है बेटा…मैं तुम दोनों को हीं पहले परोस देती हूं कहकर अम्मी ने दो कटोरियां भर दी और अपनी बहु मेहराज को आवाज लगाई…. बहु….आजा बेटा तेरा हलवा ठंडा हो रहा है….
आज दोनो बेटियों को एकसाथ हलवा खाते देखकर जहां सचमुच अम्मी के मन मे सुकून था वहीं दोनो ननद भाभी की भीगी हुई आँखें और चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान थी…
दोस्तों…. पोस्ट की साथर्कता आप अपने घरों में बेटी और बहुओं को समान प्यार और सम्मान दे ….
वहीं हर बेटी और बहु अपनी मां और सासूंमा मे कोई भेदभाव ना कर पूर्णतया आदर और सत्कार करे
खवाइश: – जैसे कि आप सभी दोस्तों को मालूम हैं मैंने नुमाईश में बारहद्वारी चौक पर icecream की दुकान लगाई है,आप जब आकर मिलते है बड़ा सकून और ख़ुशी होती है आप सब पोस्ट पढ़ने वालो से गुजारिश हैं दुकान पर मिलने और icecream कि खरीददारी के लिए बच्चों के साथ जरूर आये
शुक्रिया
आपका दोस्त
जगजीत सिंह
7417416060

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *