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किसानों के विरोध-प्रदर्शन का 81वां दिन :….अँधेरा क़ायम है, अँधेरा क़याम रहे!

कृषि क़ानूनों के खिलाफ़  पेट्रोल 100 रुपये हो या रसोई गैस के दाम 50 रुपये बढ़े पर देश परेशान नहीं है

ANI_HindiNews
@AHindinews
गाज़ीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन आज 81वें दिन भी जारी है।

NDTV India
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Prime Time With Ravish Kumar
February 15, 2021
अच्छी बात है कि 98 से 100 रुपये में पेट्रोल (Petrol) बिकने या रसोई गैस के दाम 50 रुपये बढ़ने से देश परेशान नहीं है.देश को इस बात से परेशान किया जा रहा है कि दिशा रवि (Disha Ravi) गिरफ्तार हुई है, उस पर राजद्रोह, दो संप्रदायों के बीच वैमनस्य फैलाने और भारत की छवि खराब करने के आरोप हैं. भारत की छवि खराब करना एक नए किस्म का आरोप है. एक कानूनी तौर पर कहां परिभाषित किया गया है, यह बताना मेरे बस की बात नहीं है. टूल किट (Tool Kit) और डिजिटल स्टार्म (Digital Storm) नए शब्द सामने आए हैं, जिसका अर्थ है, ट्विटर, फेसबुक पर किसी चीज को वायरल कर देना. पिछले साल 17 सितंबर को सरकारी भर्ती के सताए नौजवानों ने पोस्टर, मीम्स के जरिये ऐसा ही तूफान खड़ा किया था, जिसे आप टूल किट कह रहे हैं. इसमें क्या हैशटैग करना है, किस मंत्री को टैग करना है जैसी सारी सूचना थी, इसे आराम से टूल किट (Tool Kit)कहा जा सकता है. तब इस योजना को साजिश को नहीं माना गया, लेकिन आगे ऐसा नहीं होगा, यह कहा नहीं जा सकता.

Wasim Akram Tyagi
@WasimAkramTyagi
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पत्रकारों को जेल, एक्टिविस्टों को जेल, किसानों पर लाठियां, उन्हे नए नए नाम देना। यह सब सरकार ही तो कर रही है! या सरकार की मर्ज़ी के खिलाफ यह सब तमाशा हो रहा है? इस खुशफहमी में मत रहिए कि ये ख़बरें देश से बाहर नही जातीं, ख़बरें बाहर जातीं हैं, देश की बदनामी होती है। जिम्मेदार कौन?

NDTV India
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Des Ki Baat
February 15, 2021
दिल्ली पुलिस टूलकिट मामले (Tool Kit Case) में निकिता जैकब (Nikita Jacob) और शांतनु की तलाश में जुटी है, जिन्होंने दिशा रवि (Disha Ravi Arrest)के साथ मिलकर टूल किट बनाई थी. दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट है. बीड के रहने वाले सोशल वर्कर शांतनु की मां का कहना है कि किसान आंदोलन का समर्थन करने में क्या गलत है. शांतनु को किसानों और पर्यावरण से सहानुभूति है. वकील निकिता जैकब दिल्ली पुलिस से मुंबई के गोरेगांव में बातचीत करने के अगले दिन फरार हो गई थी.दिल्ली पुलिस का कहना है कि निकिता खालिस्तानी संगठन पोएटिक फॉर जस्टिस फाउंडेशन के संपर्क में रही थी. दिल्ली पुलिस साइबर सेल के जॉइंट कमिश्नर प्रेमनाथ ने कहा कि ये टूल किट (Twitter Tool Kit) खालिस्तान संगठनों की मदद से बनाई गई थी. 4 फरवरी को टूलकिट की भनक दिल्ली पुलिस को लगी. 9 फरवरी को निकिता के खिलाफ सर्च वारंट जारी हुआ, 11 फरवरी को मुंबई में तलाशी के दौरान सबूत मिले, लेकिन अगले दिन वह फरार हो गई. पुलिस का कहना है कि 11 जनवरी को जो ज़ूम मीटिंग हुई जिसमें खालिस्तानी ग्रुप (Khalistani Group) में शामिल कनाडाई महिला पुनीत के जरिये दिशा, निकिता, शांतनु और दूसरे लोगों को जोड़ा गया.

Mayawati
@Mayawati
देश में पेट्रोल, डीजल की कीमत अनियंत्रित होकर आसमान छू रही है तथा करोड़ों मध्यम वर्ग व मेहनतकश जनता में त्राहि-त्राहि मची हुई है लेकिन जनहित के इस खास मुद्दे पर भी सरकार का खामोश दर्शक बने रहना अतिदुखद। महंगाई बढ़ाने वाले इस मुद्दे पर सरकार से तुरन्त ध्यान देने की बीएसपी की माँग।

Alka
@indian_girl447
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यहाँ “हिंदुत्व” खतरे में है,

और तुम्हें पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामो की पड़ी है
Angry face

“देशद्रोही” कहींके!
जय “हिन्दू राष्ट्र”

Manoj KAKA
@ManojSinghKAKA
देश मे पेट्रोल और डीज़ल के दाम आसमान छू रहे हैं पिछले 10 महीने मे डीज़ल के दाम 16 रूपये बढ़े है पेट्रोल 100 तक पहुँच गया है रसोई गैस
Fuel pump
के दाम भी हर हप्ते बढ़ रहे हैं जबकि अन्तर्राष्ट्रीय बाज़ार मे कच्चे तेल की क़ीमत आधी हो गयी है ये सब जनता से लूट किसलिए हो रही है !!”’

NDTV India
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दिल्ली पुलिस (Delhi Police) टूल किट मामले (Tool Kit) में आरोपियों के बीच की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. केस में दिशा रवि, शांतनु और निकिता जैकब के अलावा पीटर फ्रेडरिक और भजन सिंह भिंडर, एमओ धालीवाल समेत कई किरदार सामने आए हैं. सुप्रीम कोर्ट की वकील करुणा नंदी का कहना है कि हर केस में अपनी पुलिस थ्योरी पेश करती है. इस केस में बातें बहुत की जा रही हैं, सबूत काफी कम है. हमें जांच परखकर दर्शकों के सामने बातें रखना अहम है. इतने बड़े आंदोलन में कुछ खालिस्तानी के साथ सहानुभूति करने वाले जुड़ जाएं तो पूरा मूवमेंट उनका नहीं हो जाता. सुप्रीम कोर्ट के वकील विकास सिंह का कहना है कि इस तरह की गिरफ्तारी दहशत कायम करने की कोशिश है. किसानों के समर्थन या विरोध में ट्वीट करने की जांच कराना केंद्र या महाराष्ट्र सरकार की कोशिशें गलत हैं.किसी ट्वीट को खालिस्तान समर्थन से जोड़ने की यह कोशिश बड़ी अराजकता पैदा कर देगी. इससे हर व्यक्ति ट्वीट करने के पहले सौ बार सोचेगा. ट्वीट को देश के अस्थिर करने के प्रयास से जोड़ना बड़ी चुनौती है.

Shubham Sharma
@shubhpilot
जब एक मिनिस्टर, ऐसे विचारधारा के साथ लोगो का प्रतिनिधित्व करेगा,

तो अंधभक्त तो सड़को पर बवाल करेंगे ही।

#दिशा_रवि

डिस्क्लेमर : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. लेख सोशल मीडिया फेसबुक पर वायरल है, इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति तीसरी जंग हिंदी उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार तीसरी जंग हिंदी के नहीं हैं, तथा तीसरी जंग हिंदी उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है

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