देश

किसान आंदोलन में लगातार सक्रिय रहे भाई करमजीत सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे!

Mirrorof Shailendra Birani

अब किसान आंदोलन में राजनैतिक मिलावट होने लगी हैं । नैतिक तौर पर देखा जाये तो राजनैतिक घृणित सोच से सरकारें बन सकती हैं तो किसान आंदोलन अपनी बात उन सरकारों से मनवाने के लिए उस सोच का इस्तेमाल कर सकता हैं । करीबन 3 माह सड़को पर आन्दोलन करने से उन्हें पता चल गया कि महात्मा गाँधी नहींं उनके सिद्धान्त भी मर चुके हैं ।
सबसे बडी़ बात इस राजनैतिक घालमेल में यदि गुजरात के पाटीदार वाला नोटो पर अपनी छाप लगाने का हथकंडा अपना लिया तो एक हफ्ते में पूरे देश की अर्थव्यवस्था बैठ जायेगी । यह सरकार नहीं अपितु सिस्टम के लिए आत्महत्या करने जैसा हो जायेगा ।

D.N.Yadav
@dnyadav

किसान आंदोलन में लगातार सक्रिय रहे भाई करमजीत सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे किसानी संघर्ष के लिए उनको हमेशा याद किया जाएगा।

Yogendra Yadav ·
‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के आह्वान पर आज ‘दमन प्रतिरोध दिवस’ मनाया गया, इसके तहत देशभर में सैंकड़ों स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किये गए। ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ और इससे जुड़े कई संगठनों द्वारा आज राष्ट्रपति को पत्र भेजे गए। राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में तालुका और जिला स्तर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों और उनके समर्थकों पर हो रहे अत्यचारों को खत्म करने की मांग की गई है।

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