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गुमसुम है सांसें : भारतीय गणराज्य एक उदास गणराज्य है, इसके हुक्मरानों को गंगाजी में डूब मरना चाहिये शायद पाप धुल जाएँ?

मैंने पहले भी कहा है और आज भी कह रहा हूँ, कि मैं जितनी बातें लिख रहा हूँ, वो मेरी नहीं है, ये बातें’श्रीमदभागवत गीता और पवित्र बाईबल’ से लिया गया है, जो हज़ारों सालों से लोगों के पास रहा है;और उसी के आधार पर आने वाले भविष्य में कौन- सी घटनाएं घटेगी, उसका क्रमबद्ध रुप प्रस्तुत कर रहा हूँ:-1.एक विनाशकारी व्यक्ति का आगमन;2.उस समय संसार में मनुष्यों की स्थिति और विनाश का चिन्ह;3.वर्तमान सृष्टि का अंत;4.सृष्टि के विनाश के बाद, परमेश्वर के अंश का बादलों पर प्रत्यक्ष रूप में आना;5.इस पृथ्वी का नई प्रकृति के रूप में परिवर्तित हो जाना;6.वर्तमान सृष्टि के आरंभ से लेकर अंत तक के मृतकों का पुर्नजीवित हो जाना;7.पुर्नजीवित लोगों का न्याय होना;8.शैतानी ताकत को एक हज़ार साल तक बन्दी बनाया जाना;9.पुर्नजीवित लोगों का परमेश्वर के राज्य में, एक हज़ार साल तक राज्य करना! मनुष्यों की मृत्यु इस प्रकृति में भी है;10.एक हज़ार साल बाद, शैतान का पुनः आना;11.परमेश्वर का उस सृष्टि में आगमन;12.आकाश और पृथ्वी लुप्त हो जायेगी और मनुष्य रूपांतरित हो जायेंगे यानि द्वितीय पुनरूत्थान;13.जीवन-ग्रन्थ के आधार पर मनुष्यों का न्याय होगा… धर्मियों को अनन्त जीवन और विधर्मियों को अनन्त दण्ड मिलेगा यानि द्वितीय मृत्यु! ;14.एक नया आकाश और नई पृथ्वी स्वर्ग से उतरेगी;15.मनुष्यों को अनन्त जीवन प्राप्त होना;यानि मनुष्यों का अमर हो जाना, मनुष्य जीवन यात्रा की समाप्ति!*

यही क्रमबद्ध घटनाएं हैं-जिसके साक्ष्य हमारे धर्म-ग्रन्थ में दर्ज हैं… इन सारी घटनाओं का साक्ष्य एक ‘POST’में देना संभव नहीं है… इसलिए क्रमबद्ध रूप में, अलग-अलग’POST’ में, इनके साक्ष्य हम देखेंगे! आज विनाशकारी-व्यक्ति के विषय में चर्चा करते हैं… जिसके विषय में लिखा हुआ है:-“देख, मैं इस देश में एक ऐसा चरवाहा उत्पन्न कर रहा हूँ, जो वध होनेवाली भेड़ों की न चिंता करेगा और न भटकी हुई भेड़ों को खोजेगा! वह न घायल भेड़ की मरहम-पट्टी करेगा और न भूखी भेड़ के सम्मुख चारा डालेगा;बल्कि वह मोटी-ताजी भेड़ का मांस खाएगा, वह उनके खुरों को भी नहीं छोड़ेगा! ‘धिक्कार है मेरे आलसी चरवाहे को, जो मेरे रेवड़ को त्यागता है! तलवार उसकी भुजा को काटे, उसकी दायीं आंख को फोड़े, उसकी भुजा पूर्णतः सूख जाए, उसकी दायीं आंख पूर्णतः फूट जाए! ‘”(नबी जकर्याह-11-15-17) यानि उस व्यक्ति के प्रबल होने से पहले उस पर प्रहार किया गया है… उसकी दायीं आंख फूटी हुई होगी… और हाथ सूखा हुआ होगा! इसी विषय में एक जगह और साक्ष्य है.. जैसा कि लिखा है:-“मैंने जिस पशु को देखा वह चीते के सदृश था, किन्तु उनके पैर भालू के पैरों जैसे थे और उसका मुंह, सिंह के मुंह जैसा था! पंखदार सर्प ने उसे अपना सामाथ्र्य, अपना सिंहासन और महान अधिकार प्रदान किया! ऐसा लग रहा था उसके एक सिर पर सांघातिक प्रहार किया गया था, किन्तु वह सांघातिक घाव अच्छा हो गया था! समस्त संसार आश्चर्य चकित होकर उस पशु के पीछे हो लिया!”(प्रकाशन-13-2-3) उस समय संसार में एक ऐसी घटना होगी… उस राजा की मूर्ति बनायी जायेगी… उस मूर्ति में प्राण पड़ जायेंगे और मूर्ति बोलने लगेगी! जैसा कि लिखा है:-“पशु के निरीक्षण में उसको जिन चमत्कारों को दिखाने की अनुमति मिली है, उन चमत्कारों के द्वारा वह पृथ्वी के निवासियों को बहकाता है! वह पृथ्वी के निवासियों के द्वारा, उस पशु के आदर में एक प्रतिमा बनवाता है, जो तलवार का प्रहार सहने पर भी जीवित है! उसे पशु की प्रतिमा में प्राण डालने की अनुमति मिली;जिसके फलस्वरूप प्रतिमा बोल सकी और उन सबको मरवा देती थी, जो पशु की प्रतिमा की आराधना नहीं करते थे! “(प्रकाशन-13-14-15) उस राष्ट्र और उस राजा के विषय में परमेश्वर कहता है:-” प्रभु दूर से, पृथ्वी के सीमांत से, एक राष्ट्र को तेरे विरुद्ध बाज की गति के सदृश वेगपूव्रक लाएगा! तू उस राष्ट्र की भाषा नहीं समझेगा! उस राष्ट्र के लोगों के कठोर चेहरे होंगे, जो न बूढों का सम्मान करेंगे और न बच्चों पर दया!”(व्यवस्था-विवरण-28-49-50) उन दिनों वो सारे ईश्वर प्रकट होंगे… जिन पर मनुष्यों ने विश्वास किया है! जैसा कि परमेश्वर कहता है:-“प्रभु यों कहता है, ‘मैं इस देश के निवासियों पर फिर दया नहीं करूँगा! मैं इनमें से प्रत्येक का पतन उसके ही चरवाहे के हाथ से कराऊंगा;उसके राजा के हाथ से ही कराऊंगा! “(नबी जकर्याह-11-6) वो पूरी दुनिया को रेगिस्तान में बदल देगा! जैसा कि लिखा है:-” तुझे देखने वाले, आंखें फाड़-फाड़कर तुझे ताकेंगे! तेरे विषय में यह सोचेंगे, ‘क्या यह वही सम्राट है, जिसने सारी पृथ्वी को कंपा दिया था, जिसने राज्यों को हिला दिया था? इसने ही दुनिया को रेगिस्तान बना दिया था! “(यशायाह-14-16-17) वह राजा शक्ति के नशे में चूर, स्वयं को ईश्वर घोषित कर देगा;जैसा कि लिखा है:-” वह राजा अपनी इच्छा के अनुसार कार्य करेगा! वह स्वयं को सब देवताओं के ऊपर प्रतिष्ठित करेगा और अपने आप को उनसे बड़ा बताएगा! वह ईश्वरों के ईश्वर, परमेश्वर के विरुद्ध भी अनोखी बातें बोलेगा! वह तब तक सफल होता रहेगा, जब तक कि उसके पाप का घड़ा न भर जाये!”(दानिएल-11-36) “उसने स्वर्ग की सेना के अध्यक्ष से भी अधिक, स्वयं को सवॏच्च घोषित कर दिया!” (दानिएल-8-11) उसकी सेना के विषय में लिखा है:-“वह अंधकार का, घोर अंधकार का दिन है! उस दिन बादल छा जाएंगे और सघन अंधकार फैल जायेगा! गहन कालिमा के सदृश, शक्तिशाली असंख्य टिड्डी-सेना पहाड़ी पर बिछी हैं! ऐसी सेना न प्राचीन काल में हुई थी, और न इसके आगामी पीढ़ियों में कभी होगी! सेना का अग्रिम दस्ता आग है, और पश्चिम दस्ता ज्वाला! टिड्डियों के सिर ऐसे दिखाई दे रहे हैं, मानों अश्व आ रहे हैं!”(नबी योएल-2-2-4) “उन टिड्डियों की आकृति युद्ध के लिए सुसज्जित अश्वों जैसी थी… ऐसा लग रहा था, उनके सिरों पर स्वणॆ-मुकुट थे! उनके मुख, मनुष्य के मुख के जैसे थे! उनके केश स्त्रियों के केश और दांत, सिंह के दातों के जैसे थे!” (प्रकाशन-9-7-8) “उनके विषय में खबर सुनकर, हमारे हाथ-पैर सुन्न पड़ गए! जैसे प्रसव-पीड़ित स्त्री दर्द से चीखती है, वैसे ही हम आतंक और डर से चीख रहे हैं!”(यिर्मयाह-6-24) ये परीक्षा की घड़ी होगी, इसलिए परमेश्वर ने पहले ही सावधान किया है! जैसा कि लिखा है:-” यदि तेरे मध्य किसी नबी अथवा स्वप्न-द्रष्टा का जन्म हो, वह तुझे चिन्ह अथवा आश्चर्य पूर्ण कार्य दिखाए और जिस चिन्ह अथवा आश्चर्य पूर्ण कार्य के विषय में वह बोला था, वह सच प्रमाणित हो जाये और वह यह कहे”आओ, हम दूसरे देवताओं का अनुसरण करें “जिसको तू नहीं जानता है और” आओ, हम उसकी आराधना करें “तो तू उस नबी अथवा स्वप्न-द्रष्टा की बातों को मत सुनना, क्योंकि तेरा प्रभु-परमेश्वर यह जानने के लिए तेरी परीक्षा ले रहा है, कि क्या तू अपने सम्पूर्ण ह्रदय, सम्पूर्ण प्राण से, अपने प्रभु-परमेश्वर को प्रेम करता है!” (व्यवस्था-विवरण-13-1-3) उस समय मनुष्यों की स्थिति क्या होगी? अगले’POST’ में!

Serina Khan
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गुमसुम है सांसें
ठहर जाती है लफ़्ज़ जुबां पे आते आते…
उलझन है ये कैसा
समझे किसी अपना इस बात पे जंग है…..
#__Serina_khan… ✍️

Mamta Joshi
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ये मास्क अभी मैंने 10 रुपये में खरीदा है । क्योंकि उस लड़के के पास कोई नहीं रुक रहा था , उसके बढ़े हाथ को नज़रअंदाज़ कर मैं भी चल दी थी तो कुछ कदम चल मैं लौट कर उसके पास गई और एक मास्क ले लिया । वहाँ खोल कर ठीक से नहीं देखा । सोचा 10 ही रुपये का तो है । अभी देखा तो देखा कि इसका बहुत सुंदर कपड़ा है । दोहरा और सॉफ्ट है । चेहरे पर बड़ा फिट और स्टाइलिश है । दर्ज़ी एक मामूली सिलाई लगाने के भी आजकल 25,30 रुपये ले लेता है । क्या बचा होगा उस लड़के को 10 रुपये में बेच कर ? हैरान हूँ । मैंने तो दया में खरीदा जैसा कि मेरी आदत है । अगर पता होता इतना अच्छा है तो चार पाँच ज़रूर खरीदती ।

उस लड़के की शक्ल याद आ रही है , सुंदर , सूनी सी नज़र और उदास । लोअर मिडिल क्लास का 17-18 वर्ष का लड़का ।

आज मुझे भिखारी भी बहुत दिखे ।
कोई भी हंसता चेहरा नहीं दिखा ।

भारतीय गणराज्य एक उदास गणराज्य है । इसके हुक्मरानों को गंगाजी में डूब मरना चाहिये । शायद पाप धुल जाएँ ?

 

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