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मूसिल के वीरान खंडहरों से पोप का संदेश : शांति में युद्ध से ज़्यादा ताक़त है

पोप फ़्रांसिस ने इराक़ की अपनी यात्रा के दौरान कहा है कि भाईचारा, जनसंहार से मज़बूत और शांति युद्ध से अधिक शक्तिशाली है।

शफ़क़ न्यूज़ वेबसाइट के अनुसार कैथोलिक ईसाईयों के सबसे बड़े धर्मगुरू पोप फ़्रांसिस ने रविवार को उत्तरी इराक़ के मूसिल की यात्रा के दौरान इस नगर में युद्ध की बची निशानियों के बारे में कहा कि बड़े खेद की बात है सभ्यताओं की धरती को आतंकवादियों की हिंसक कार्यवाहियों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि मूसिल और मध्यपूर्व में ईसाईयों की संख्या में कमी ने यहां के सामाजिक तानेबाने को प्रभावित किया। ईसाईयों के धर्मगुरू ने ईसाई परिवारों से मांग की है कि वे मूसिल वापस आकर अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

मूसिल की यात्रा के उपरांत पोप फ़्रांसिस इराक़ के नैनवा प्रांत के सबसे बड़े ईसाई नगर “क़रक़ूश” की यात्रा की। इस नगर में पोप फ़्रांसिस का भव्य स्वागत किया गया। इस रिपोर्ट के अनुसार रविवार को अरबील भी गए। कार्यक्रम के अनुसार ईसाईयों के वरिष्ठ धर्मगुरू पोप फ़्रांसिस सोमवार को इराक़ से वैटिकन वापस चले जाएंगे।

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