धर्म

#Ibn Al Haytham के नाम से मशहूर साइंसदा जिसे दुनिया #Father of Optics के नाम से जानती है!

Syed Faizan Siddiqui
=================
🕛 6 मार्च 1039 ई०
#HeroOfWorld
#HeroOfScience
#FatherOfModernOptics

वेस्टर्न वर्ल्ड में Alhazen और अरब की सरजमी़ पर Ibn Al Haytham के नाम से मशहूर साइंस दा जिसे दुनिया Father of Optics के नाम से जानती है, Ibn Al Haytham ने अपना Contribution सिर्फ Physics तक महदूद नहीं रखा बल्कि उन्होंने Mathematics, Astronomy के फील्ड में भी अपना नाम रौशन किया ! Ibn Al Haytham दुनिया का पहला साइंस दा था जिसने ये बताया और अपने Experiment से साबित किया कि लाइट Straight Line में Travel करती है, Al Haytham ही पहला साइंस दा था जिसने Inertia और Momentum के Concept को डेवलप किया जो बाद में डेवलप होती हुई Newton First and Second Law of Motion के रूप में दुनिया के सामने आई ! Ibn Al Haytham ईराक़ के थे और वहाँ के शाही हुकूमत में मुलाजमत करते थे लेकिन उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया जब मिस्र के राजा ने उन्हें नील नदी पर बाँध बनाने का प्रस्ताव दिया, मिस्र नील नदी में आने वाले बाढ़ से परेशान था, इस आफर को Al Haytham ने कबूल कर लिया और अपनी सारी दौलत नील नदी के उपर बाँध बनाने में लगा दी लेकिन Al Haytham बुरी तरह नाकाम हुए ! नाकामी और बादशाह के डर ने Al Haytham को गुमनामी में जिंदगी बिताने पर मजबूर कर दिया , ये गुमनामी की मुद्दत लगभग दस साल की थी , इसी मुद्दत में Al Haytham ने अपनी बेहतरीन किताब Books of Optics लिख डाली , ये किताब बाद में लैटिन जबान में टरांसलेट हुई ! Al Haytham ने दो सौ से ज्यादा किताबें लिखी लेकिन अफ़सोस का मुकाम है उनकी ज्यादातर किताबें ज़ाय हो गई, लेकिन ये Al Haytham की ही रिसर्च थी जिसके जरिए दुनिया Microscope और Telescope से आशना हुई ! Al Haytham ने ही दुनिया को Sum of Fourth Power के Formula से दुनिया को आशना कराया ! Al Haytham का सबसे खास Student सुरखाब था जो सीरिया का रहने वाला था, जब सुरखाब ने Haytham से पढ़ाने की request की तो Haytham ने काफी महँगा फीस बताया , सुरखाब ने किसी तरह फीस अदा करके तीन साल तक पढ़ाई की जब सुरखाब जाने लगा तो Haytham ने उसके सारे पैसे वापस कर दिए और कहा कि मैं सिर्फ तुम्हारी Sincerity चेक करना चाहता था, ये मुनासिब नही कि किसी अच्छे काम के बदले रिशवत या गिफट लिया जाए !

Ibn Al Haytham के बारे में The Biographical Dictionary of Scientists में लिखा जाता है ” He was probably the greatest scientist of the middle ages and his work remain unsurpassed for nearly 600 years until the time of Kepler. Ibn Al Haytham ने जिंदगी में कई सफर किए, वो ईराक से मिस्र सीरिया स्पेन तक गये और आखिर में वो मिस्र आ गए और 6 March 1039 को इस दुनिया से अलविदा कह गए मगर आज भी उसके रिसर्च और Studies, Science के फील्ड में अपनी खुशबू आज भी बिखेरे हुए है ।

Al Haytham की कई किताबें आज भी Oxford University के लाइब्रेरी की शान बढ़ा रही है ।
Abdur R Ibrahim

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *