सेहत

ऐस्ट्राज़ेनेका कंपनी के जानलेवा टीके लगने से ख़ून के जमने की हुयी आधिकारिक रूप से पुष्टि!

, पश्चिम ने ज़रूरत से तीन गुना ज़्यादा कोरोना के टीके की की जमाख़ोरी

कोरोना वायरस का ऐस्ट्राज़ेनेका कंपनी के टीके लगने से ख़ून जमने के बीच संबंध की आधिकारिक रूप से पुष्टि हो गयी है।

मेडिकल एक्सप्रेस के मुताबिक़, योरोपीय संघ की मेडिसिन्स एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी मार्को कैवेलरी ने मंगलवार को इतालवी अख़बार मेसागेरो-II से इंटरव्यू में ऐस्ट्राज़ेनेका के टीके और ख़ून जमने के बीच संबंध होने की बात कही।

उन्होंने कहाः “मैं अब यह कह सकता हूं कि ऐस्ट्राज़ेनेका के टीके और ख़ून जमने के बीच संबंध है, हालांकि पहले यह बात स्पष्ट नहीं थी कि किस वजह से ऐसा रिएक्शन हो रहा है।”

ग़ौरतलब है कि ऐस्ट्राज़ेनेका कंपनी के कोरोना वायरस के टीके लगने और ख़ून जमने के बीच संबंध के बारे में योरोप की ओर से पहली अधिकारिक पुष्टि है।

दूसरी ओर रूसी बुद्धिजीवी ने पश्चिम में कोरोना के टीके की जमाख़ोरी को पूरी तरह अनैतिक कहा है।

रूस के अधीन तातारी गणराज्य की वैज्ञानिक अकैडमी के सदस्य व यूनिवर्सिटी में उस्ताद, वादिम ख़ोमन्कू ने कहा है कि कुछ पश्चिमी देशों की ओर से कोरोना के टीके की जमाख़ोरी, अनैतिक और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित मानवीय उसूलों के ख़िलाफ़ है। उन्होंने इरना से इंटरव्यू में कहा कि पूरी दुनिया में कोरोना के टीका की 60 फ़ीसदी डोज़ अमरीका और ब्रिटेन सहित पश्चिमी देशों के पास है, जो उनकी ज़रूरत से तीन गुना ज़्यादा है। यह ऐसी हालत में है कि पश्चिम मानवाधिकार की रक्षा करने और इस क्षेत्र में ख़ुद को चैंपियन कहता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *