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कोरोना को लेकर हो रही मोदी सरकार की आलोचना : भारत सरकार ने आलोचनात्मक ट्वीट्स हटवा दिए!

भारत सरकार ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्वीटर से कहा है कि वह देश में कोरोना वायरस की महामारी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए सरकार के कामकाज पर टिप्पणी पर आधारित ट्वीट्स हटा दे।

रोयटर्ज़ के अनुसार भारत सरकार ने सांसदों और आम नागरिकों के वह ट्वीट्स हटाने की मांग की है जिनमें सरकार के निकम्मेपन की आलोचना की गई है।

कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार की क़ानूनी मांग के बाद कंपनी ने कुछ ट्वीट्स हटा दिए हैं।

हारवर्ड युनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम ल्युमैन डेटाबेस पर ट्वीटर ने ख़ुलासा किया कि सरकार ने ट्वीट्स को सेंसर करने का आपात आदेश दिया है। सरकार ने 23 अप्रैल की अपनी मांग में 21 ट्वीट्स हटाने के लिए कहा है।

जिन लोगों को ट्वीट्स हटाई गई हैं उनमें सांसद रवीनाथ रेड्डी, बंगाल के मंत्री मोले घटक और फ़िल्म निर्माता अविनाश दास शामिल हैं।

सरकार की अपील में इंफ़ार्मेशन टेक्नालोजी एक्ट 2000 का उल्लेख किया गया है।

ट्वीटर के प्रवक्ता ने ईमेल के ज़रिए जारी बयान में कहा है कि जब हमें कोई क़ानूनी मांग मिलती है तो हम ट्वीटर के उसूलों और स्थानीय क़ानूनों दोनों के तहत उसकी समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर वह सामग्री ट्वीटर के क़ानूनों का उल्लंघन करती है तो उसे सरविस से हटा दिया जाएगा और अगर यह किसी ख़ास दायरे में क़ानून के ख़िलाफ़ होता है लेकिन ट्वीटर के नियमों के ख़िलाफ़ नहीं है तो हम केवल भारत में मौजूद सामग्री तक पहुंच को रोक सकते हैं।

ग़ौरतलब है कि भारत में कोरोना वायरस के मामलों में बेतहाशा तेज़ी आई है जिसके बाद वहां अस्पतालों में आक्सीजन की सप्लाई बहुत मुश्किल में पड़ गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस स्थिति को सोनामी का नाम दिया है।

भारत में कोरोना के मरीज़ों की संख्या 1 करोड़ 66 लाख से अधिक हो गई है जबकि अब तक 1 लाख 89 हज़ार 544 लोग अपनी जान गवां चुके हैं।

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