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लालकिला सरकार की संपत्ति नहीं है, सरकार ने लालकिला बेच दिया है!

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने हरियाणा के यमुनानगर में कहा कि तीन कृषि कानूनों के बाद केंद्र सरकार किसानों को पूरी तरह से बर्बाद करने के लिए कुछ और नए खतरनाक कानून बनाने की योजना पर काम कर रही है। सरकार नया बीज कानून बनाने के अलावा दूसरे देशों को दूध सप्लाई करने के एग्रीमेंट पर काम करने जा रही है।

सरकार के इस कदम से किसानों से जुड़ा डेयरी व्यवसाय भी पूरी तरह से तबाह हो जाएगा। शुरू में बाहर की कंपनियां 20 रुपये प्रति किलो के भाव पर दूध बेचेंगी और जब दो-तीन साल में डेयरी उद्योग खत्म हो जाएगा, तब तीन सौ रुपये प्रति किलो दूध दिया जाएगा। टिकैत ने लालकिला हिंसा के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि लालकिला सरकार की संपत्ति नहीं है। सरकार ने तो इसे बेच दिया। अब लालकिला का मालिक एफआईआर दर्ज करवाए।

राकेश टिकैत बुधवार को हिमाचल के पावंटा साहिब में आयोजित किसान महापंचायत में जाते समय कलानौर गांव में एक होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसान विरोधी कानूनों को लेकर लड़ाई आर-पार की है। सरकार किसान आंदोलन को शाहीन बाग समझने की भूल न करें। कोरोना की सभी गाइडलाइन के साथ आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि देशभर में किसान भाजपा के प्रत्येक नेताओं को अपने ही राज्य में सभा नहीं करने देंगे।

हरियाणा के मुख्यमंत्री को उनके प्रदेश में ही सभा नहीं करने दी गई, इसलिए वे अपने पद से इस्तीफा देने का काम करें। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरकार के साथ वार्ता का दौर बंद पड़ा है लेकिन हम सरकार से बातचीत के लिए कॉल नहीं करेंगे। यदि सरकार कॉल करती है तो उस पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार नवंबर दिसंबत तक किसानों की बात मान जाएगी। हालांकि किसान तो साल 2023 तक आंदोलन करने का मूड बनाकर बैठे हैं। दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना के सवाल पर टिकैत ने कहा कि लाल किले पर बवाल के लिए सरकार जिम्मेदार है। किसानों को सरकार व पुलिस वहां लेकर गई थी।

टिकैत ने तो यहां तक कह दिया कि लालकिला सरकार की संपत्ति नहीं है। सरकार ने तो लालकिला बेच दिया। अब लालकिला का मालिक एफआईआर दर्ज करवाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल होने वाले सभी लोगों का स्वागत है। हमें किसी के नाम पर कोई आपत्ति नहीं है। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष रतनमान, जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर समेत काफी संख्या में भाकियू पदाधिकारी मौजूद रहे।

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