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हम ख़ुशख़बरी हैं, इस्राईल डूब रहा है : सीरिया के मिसाईल हमले के बाद, इस समय इस्राईली सैनिकों में भय और आतंक का माहौल है : रिपोर्ट

तेज़ी से संभल रहा है सीरिया

जब एक मिसाइल इस्राईल के डिमोना परमाणु केन्द्र के परिसर में पहुंच गया और केन्द्र की हिफ़ाज़त पर तैनात आधुनिक मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम उसका रास्ता नहीं रोक पाए तो इसका साफ़ मतलब यह है कि इस्राईली प्रतिरोधक शक्ति क्षीण होती जा रही है और इस समय इस्राईली सैनिकों और आम ज़ायोनियों के बीच भय और आतंक का जो माहौल है वह और भी भीषण रूप धारण करने वाला है।

कहा जाता है कि जब किसी भी घटना के बारे में इस्राईली प्रतिक्रिया की हक़ीक़त समझना हो तो आप बस यह देखिए कि सेना की ओर से इस्राईली मीडिया पर किसी तरह की बंदिश लगाई गई है। डिमोना मिसाइल के मामले में यही चीज़ देखने में आ रही है कि सेना की ओर से मीडिया पर भारी दबाव है कि वह ख़बरें न छापे।

यह बात देखने में आई कि सारे इस्राईली अख़बार और टीवी चैनल इसी तरह सामरिक मामलों के टीकाकार किसी ने भी इस मिसाइल की सिरे से कोई बात ही नहीं की और न इस बारे में कुछ बताया कि इस मिसाइल से क्या नुक़सान पहुंचा है। इसका मतलब यह है कि सेना ने इस मामले में मीडिया की नकेल कस दी कि कहीं से कोई ख़बर सामने न आए। कारण यह है कि ईरान के नेतृत्व वाले प्रतिरोधक मोर्चे की लगातार बढ़ती ताक़त के सामने इस्राईल कमज़ोर होता जा रहा है जिससे इस्राईलियों में पहले से ही काफ़ी भय फैला हुआ है अब अगर डिमोना घटना की ख़बरें इस्राईली मीडिया में आएंगी तो निश्चित रूप से चारों तरफ़ अफ़रा तफ़री का माहौल पैदा हो जाएगा। समुद्र में इस्राईली नौकाओं और जहाज़ों पर लगातार मिसाइल हमले हुए और इस्राईली सेना कुछ नहीं कर पायी।

वियेना में देखा जाए तो ईरान ने अमरीकियों को अपनी शर्तें मानने पर मजबूर कर दिया है। यहीं से इस्राईल और अमरीका की जो बाइडन सरकार के संबंध भी ख़राब होने लगे हैं।

ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाने, विदेशों में ईरान की सील रक़म रिलीज़ करने और ईरान के तेल निर्यात पर लगी रोक समाप्त करने का सीधा मतलब यह है कि ईरान ने विजय हासिल कर ली और ईरान के ख़ज़ाने की ओर सैकड़ों अरब डालर की रक़म का बहाव शुरू हो जाएगा। इसके नतीजे में ईरान अपनी रक्षा शक्ति का भी विस्तार करेगा और अपने घटकों की मदद भी करेगा। इससे पूरे इलाक़े में शक्ति का संतुलन ईरान की ओर झुक जाएगा। इस्राईल पहले अपने आधुनिक युद्धक विमानों से जंग जीत लिया करता था मगर अब तो मिसाइल और ड्रोन विमान युद्धों का फ़ैसला कर रहे हैं यानी इस्राईल की सुपरमेसी को बट्टा लग चुका है।

सीरिया ने इस्राईल के युद्धक विमानों के हमले के जवाब में मिसाइल से हमला किया और मिसाइल इस्राईल के भीतर गिरा है तो इसका मतलब यह है कि अब लड़ाई का मोर्चा इस्राईल के भीतर बनेगा।

इस्राईल जो आनन फ़ानन में अपनी जंग निपटा लिया करता था अकतूबर 1973 के बाद से एक भी जंग जीत नहीं सका है। अब सीरियाई मिसाइल ने इस्राईली मिसाइल ढाल व्यवस्था आयरन डोम को नाकाम साबित करके लड़ाई का नया चरण शुरू कर दिया है।

सीरिया, ईरान, इराक़, गज़्ज़ा पट्टी और लेबनान ने साबित कर दिया है कि वह इस्राईल के बहुत सारे हमलों का सामना कर सकते हैं मगर इस्राईल एक बैलिस्टिक मिसाइल के सामने बुरी तरह दहल जाता है। इस्राईल का ज़माना गुज़र चुका है। अब इस्राईल के हमलों का मुंहतोड़ ही नहीं इस्राईल को मिटा देने वाला जवाब सामने आने का दौर शुरू हो चुका है।

अब्दुल बारी अतवान

अरब जगत के विख्यात लेखक व टीकाकार

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