उत्तर प्रदेश राज्य

अलीगढ़ : ज़हरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत, 12 लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं : रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक बार फिर से जहरीली शराब ने कहर बरपाया है। दो थाना इलाकों में दो ट्रक ड्राइवर समेत 11 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 12 लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से कई की आंखों की रोशनी जाने की बात सामने आ रही है। वहीं, सीएम ने मामले का संज्ञान लिया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस बीच अलीगढ़ प्रकरण में आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई प्रचलित की है। निलंबित किए गए अधिकारियों के नाम धीरज शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी, राजेश कुमार यादव, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-3, अलीगढ़ और अशोक कुमार, प्रधान आबकारी सिपाही क्षेत्र-3 अलीगढ़ हैं।

बता दें कि मामला अलीगढ़ जिले के लोधा थाना इलाके के करसुआ, निमाना, हैवतपुर और अंडला गांव का है। बताया जा रहा है कि जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर आईओसी का गैस बोटलिंग प्लांट है। प्लांट के ठीक सामने करसुआ और अंडला गांव हैं। दोनों गांवों में एक ही ठेकेदार के दो छोटे ठेके हैं। गुरुवार को लोगों ने यहां से शराब खरीदकर पी थी। शराब पीने के बाद अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। जिससे अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमें दो ट्रक ड्राइवर शामिल हैं।

शराब पीने से करीब पांच लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। जबकि 11 लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। वहीं, अलीगढ़ के ही जवां थाना इलाके के गांव छेरत में भी तीन लोगों की मौत हो गई है। पुलिस मौके पर पहुंच गई है और जांच में जुटी है। वहीं, हैवतपुर और अंडला गांव में घटना के बाद से ग्रामीणों में खासा रोष है। घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक सिटी और जिलाधिकारी समेत एसडीएम रंजीत सिंह, जिला आबकारी अधिकारी व वन अधिकारी भी पहुंचे।

ग्रामीणों की मौत की खबर मिलने पर डीआईजी अलीगढ़ घटनास्थल पर पहुंचे। अधीनस्थ अधिकारियों और ग्रामीणों से वार्ता कर घटना की जानकारी ली। इसके अलावा एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी जिला अस्पताल पहुंचे यहां उन्होंने इलाज के लिए लाए गए लोगों का हालचाल जाना।

पुलिस की टीमों को तीन चार ऐसे पाउच मिले हैं जो कि शराब के थे। इनकी सरकारी रिकॉर्ड से मैचिंग नहीं हो सकी है। इस मामले में डीएम को अंदेशा है कि यह ठेकेदारों की मिलीभगत से काम हो रहा है। साथ ही इस मामले में यह भी बात सामने आ रही है कि पंचायत चुनाव के दौरान अवैध शराब की तस्करी हुई। पंचायत चुनाव में खपत के बाद जो शराब बच गई उसे अब ठेकों पर बेचा जा रहा है।

जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह का कहना है कि दो थाना इलाकों में शराब से 11 लोगों की मौत हुई है। लोधा थाना इलाके में आठ और जवां थाना इलाके में तीन लोगों की मौत हुई है। डीएम ने कहा कि जिन मृतकों के पोस्टमार्टम हो रहा है उनकी मौत ही शराब कांड में गिनी जाएगी। एडीएम प्रशासन मजिस्ट्रेट जांच करेंगे। शाम तक बड़ी कार्रवाई होगी, शासन के सम्पर्क में हैं। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि शराब की दुकान के लाइसेंस के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो रहा है। उत्तर प्रदेश के गृह विभाग को लगातार इसकी अपडेट दी जा रही है।

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि घटना स्थल का मुआयना कर पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण/अपराध के नेतृत्व में 6 टीम गठित की गईं। इन टीमों ने 3 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसमें करसुआ शराब ठेके के सेल्समैन और जिले का बड़ा शराब कारोबारी शामिल है। शराब कारोबारी अनिल चौधरी रालोद से जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था। शराब कारोबारी पर पहले भी शराब तस्करी के आरोप लगे हैं।

घटना के बाद सीएम योगी सख्त
शराब से मौत मामले का मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लिया है। सीएम योगी ने आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आबकारी और गृह विभाग के अधिकारियों को तलब किया है। सीएम का कहना है कि अगर सरकारी ठेके से शराब खरीदी है तो ठेका सीज किया जाएगा। दोषियों की संपत्ति जब्त कर नीलामी होगी और उससे मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा दिया जाएगा। इसके साथ ही घायलों को हर संभव इलाज देने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं।

source : amaar ujala

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