उत्तर प्रदेश राज्य

कानपूर : खांसी, बुख़ार आने पर बुजुर्ग को परिजनों ने सड़क पर फेंक गये : महान परम्परावादी समाज की गन्दी हरक़त!

कोरोना काल में मानवता भी मरती नजर आ रही है। कानपुर में खांसी, बुखार आने पर घर पर रह रहे एक बुजुर्ग को परिजनों ने सड़क पर फेंक दिया। जिसके दरवाजे फेंका उसने बुजुर्ग के दूसरे रिश्तेदार को बुलाया। उस रिश्तेदार ने भी बुजुर्ग को एक किलोमीटर दूर दुकान के बाहर छोड़ दिया।

पुलिस ने कार को ट्रेस कर रिश्तेदार को बुलाया और हिदायत देकर बुजुर्ग को उसके हवाले कर दिया। सुरेंद्र सिंह (52) की शादी नहीं हुई थी। वह 20 सालों से गुजैनी के ब्लॉक निवासी रिश्तेदार गौरव और सौरभ के यहां रह रहे थे।

दो दिन पूर्व उन्हें खांसी, जुकाम और बुखार आया। इस पर रिश्तेदारों ने उन्हें कोरोना के डर से घर से ही बाहर निकाल दिया। सोमवार को सुरेंद्र गुजैनी सब्जीमंडी में किसी के घर के बाहर लेट गए।
इस पर लोगों ने विरोध किया और उनके रिश्तेदारों को ले जाने को कहा। गुजैनी में ही रहने वाले सुरेंद्र के सगे भतीजे मुकेश को सूचना दी गई। मुकेश कार से वहां पहुंचा और बुजुर्ग को कार में लिटाकर करीब एक किमी दूर स्थित जैना पैलेस के अंदर एक दुकान के बाहर एक बिस्कुट का पैकेट थमाकर चला गया।

दुकानों की देखरेख करने वाले कर्मचारियों ने इसकी जानकारी रतनलाल नगर चौकी इंचार्ज अरविंद सिंह को दी। दरोगा ने कार के नंबर को ट्रेस कर दोबारा मुकेश को बुलाया और जमकर फटकार लगाई।

इस पर मुकेश ने बताया कि पहले वह अस्पताल गया था भर्ती न होने पर उन्हें यहां छोड़ा था। पुलिस कार्रवाई के डर से मुकेश सुरेंद्र को लेकर चला गया।

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