सेहत

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गरम पानी से भाप कितनी देर और कितनी बार लेनी चाहिए, जानिये!

देश में कोरोना संक्रमण के मामले में एक बार फिर बड़ा उछाल आया है। पिछले तीन दिन से संक्रमण के मामले थोड़े कम आ रहे थे, लेकिन गुरुवार को एक बार फिर रिकॉर्ड 4.12 लाख से अधिक नए कोरोना मरीज मिले हैं, जबकि 3,900 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। देश भर के अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की किल्लत जारी है और इस वजह से सैकड़ों लोग बिना इलाज के ही दम तोड़ रहे हैं। हालांकि थोड़ी राहत की बात ये है कि लाखों लोग रोजाना संक्रमण से ठीक भी हो रहे हैं।

15 दिन से अगर 100 डिग्री बुखार है, लेकिन कोविड रिपोर्ट नेगेटिव है तो क्या करें?

लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, ‘ये एक तरह का पोस्ट कोविड सिंड्रोम है। इसे तीन भाग में बांट सकते हैं। पहला, अगर कोविड पॉजिटिव है और हल्के लक्षण के बाद मरीज ठीक हो गया है। ये तीन हफ्ते का समय होता है, इसे कोविड फेज कहते हैं। अगर तीन हफ्ते से लेकर तीन महीने तक कोई लक्षण हैं, तो इसे पोस्ट एक्यूट कोविड कहते हैं। उसके तीन महीने से आगे भी लक्षण होते हैं तो उसे पोस्ट क्रोनिक कोविड कहते हैं। इसमें अक्सर कमजोरी, थकान, चक्कर आना, घबराहट, पसीना निकलना, कभी-कभी बुखार होता है। इसमें ज्यादातर कई बार लक्षण साइकोलॉजिकल होते हैं, क्योंकि मरीज कोविड के बाद खौफ में रहता है। इसके अलावा कुछ हार्मोनल बदलाव होते हैं, इस वजह से भी ऐसे लक्षण आते हैं। कई लोगों में सांस लेने में भी परेशानी आती है। लेकिन घबराएं नहीं, कुछ दिन में खुद ठीक हो जाएंगे और अगर परेशानी ज्यादा है तो डॉक्टर को दिखाएं।’

गरम पानी से भाप कितनी देर और कितनी बार लेनी चाहिए?

डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, ‘ये लोगों को जानना सबसे ज्यादा जरूरी है, क्योंकि कई लोग इतना ज्यादा ले लेते हैं कि उनके गले में समस्या हो जाती है। इसलिए एक दिन में दो बार यानी सुबह-शाम भाप ले सकते हैं और वो भी पांच मिनट तक।’

देश में हो रहे सबसे बड़े कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम पर क्या कहेंगे?

डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, ‘एक मई से जब से 18+ वालों के लिए वैक्सीनेशन की शुरुआत हुई है, तब से युवाओं में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। करोड़ों लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं और जब युवा साथ आ गए हैं तो निश्चित ही कोरोना से जंग हम जीतेंगे। लोग भी अपनी जिम्मेदारी समझ रहे हैं, इसी वजह से भारत दुनिया में सबसे तेजी से वैक्सीन लगाने वाला देश बन गया है। लेकिन इस बीच सभी को ये नहीं भूलना है कि कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर (कोरोना से बचने के उपाय) का पालन करना है। तभी कोरोना से पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे।’

वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के बाद संक्रमण होने पर दूसरी डोज कब ले सकते हैं?

डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, ‘अगर वैक्सीन की पहली डोज के बाद संक्रमण हो गया है और दूसरी डोज दो हफ्ते के अंदर आ रही है तो उसे आगे बढ़ा सकते हैं। जैसे दो डोज के बीच का अंतर छह से आठ हफ्ते का है तो उसे आगे बढ़ा सकते हैं। जब आप निगेटिव और पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएं, उसके दो हफ्ते बाद ले सकते हैं। लेकिन दूसरी डोज को 12 हफ्ते के अंदर लगवाना है।’
अब जब सभी के लिए वैक्सीनेशन सेंटर खोल दिया गया है तो क्या दूसरी डोज वालों को प्राथमिकता दी जाएगी?

डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, ‘जी हां, अगर किसी ने पहली डोज लगवा ली है और उसे कोई समस्या नहीं है तो तय दिन पर ही दूसरी डोज लेनी है। उन्हें सेंटर पर भी प्राथमिकता मिलेगी, क्योंकि ऐसे लोगों को और देर नहीं कर सकते हैं। जल्द से जल्द देश में 80 प्रतिशत जनता को वैक्सीन की दोनों डोज लगानी है, जिससे हर्ड इम्यूनिटी बन सके। इसके अलावा अगर कोई दूसरे शहर में चला गया है तो तय दिन ही वो पहली डोज का प्रमाण पत्र लेकर दूसरे शहर में भी दूसरी डोज लगवा सकता है।’

 

कई समस्‍याओं का अचूक उपचार है भाप लेना

भाप लेने के हमारे स्वास्थ्य संबंधी अनेक लाभ हैं, भाप लेना न सिर्फ हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है, बल्कि यह आपकी त्वचा, बालों और कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत पाने में मदद करता है।

जब दवा काम नहीं आती, तब प्राकृतिक उपचार काम आते हैं। ऐसा ही एक अचूक उपचार है भाप लेना। सर्दी-जुकाम से राहत पानी हो या चेहरे का ग्‍लो बढ़ाना हो, भाप लेना हर बार आपके लिए फायदेमंद होता है। सिर्फ इतना ही नहीं एक बेहतरीन हेयर स्‍पा तब तक पूरा नहीं होता, जब तक बालों को भाप नहीं दी जाती। खासतौर से कड़कती ठंड के इस मौसम में भाप लेना आपको कई फायदे देता है।

सबसे पहले जानिए भाप लेने का सही तरीका

अगर आपके पास भाप लेने वाली मशीन नहीं है, तो एक बर्तन में 3 या 4 गिलास पानी डालकर ढ़क दें। इसे 5 से 8 मिनट तक गर्म होने दें। इसके बाद सिर पर एक कॉटन का टॉवेल ओढ़ लें और बर्तन का ढ़क्कन हटाकर 5 से 10 मिनट तक भाप लें। ऐसा हफ्ते में 3 या 4 बार कर सकते हैं। अगर आपको जुकाम हुआ है तो आपको दिन में दो बार ऐसा करना चाहिए।

1. त्वचा की गहराई से क्‍लींजिंग होती है

भाप आपकी त्वचा के छिद्रों को खोलती है और गहरी सफाई के लिए गंदगी के किसी भी निर्माण को ढीला करने में मदद करती है। आपके छिद्रों को खोलने से ब्लैकहेड्स भी नरम हो जाते हैं, जिससे उन्हें निकालना आसान हो जाता है।

2. स्किन में ब्‍ल्‍ड सर्कुलेशन बेहतर होता है

गर्म भाप और पसीने में वृद्धि का संयोजन, आपकी रक्त वाहिकाओं को पतला करता है और परिसंचरण को बढ़ावा देता है। रक्त प्रवाह में सुधार होने से आपकी त्वचा को पोषण मिलता है और ऑक्सीजन का संचार करता है। इसके परिणाम स्वरूप आपकी त्वचा को एक प्राकृतिक चमक मिलती है।

3. मुंहासों से राहत दिलाती है

भाप आपकी त्वचा के छिद्रों को खोलने का काम करती है। अपने छिद्रों को खोलने से त्वचा की मृत कोशिकाओं, बैक्टीरिया और अन्य अशुद्धियों को मुक्त करने की अनुमति मिलती है, जो छिद्रों को रोकते हैं और मुंहासों में योगदान करते हैं।

4. फंसे हुए सीबम को रिलीज करती है

यह स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होने वाला तेल आपकी त्वचा और बालों को चिकनाई देने के लिए आपकी वसामय ग्रंथियों द्वारा निर्मित होता है। जब सीबम आपकी त्वचा की सतह के नीचे फंस जाता है, तो यह बैक्टीरिया के लिए एक प्रजनन भूमि बनाता है और मुँहासे और ब्लैकहेड्स का कारण बनता है।

5. यह आपकी स्किन को हाइड्रेट करता है

स्टीम तेल उत्पादन को बढ़ाने में मदद करके त्वचा को हाइड्रेट करती है, जो प्राकृतिक रूप से चेहरे को मॉइस्चराइज़ करता है

6. स्किनकेयर उत्पादों को त्वचा में अवशोषित करने में मदद करता

भाप लेना आपकी त्वचा की एब्‍जॉर्ब करने की क्षमता को बढ़ाता है। जिससे यह सामयिक को बेहतर अवशोषित करने में सक्षम होता है। इसका मतलब है कि भाप लेने के बाद लगाए गए स्किनकेयर उत्पादों आपकी त्वचा में बेहतर तरीके से अवशोषित होते हैं, और आपकी त्वचा का बेहतर तरीके से ख्याल रखते हैं।

7. यह कोलेजन और इलास्टिन को बढ़ावा देता है

स्टीम फेशियल के दौरान बढ़ा हुआ रक्त प्रवाह कोलेजन और इलास्टिन उत्पादन को बढ़ावा देता है। यह आपकी त्वचा में एक प्राकृतिक चमक को जोड़ता है, साथ ही आपकी त्वचा को जवां बनाने में भी मदद करता है।

 

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