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चित्रकूट जेल में हुई सैकड़ों राउंड फ़ायरिंग, अंशुल दीक्षित ने की मुक़ीम और मेराजुद्दीन की हत्या : मुख़्तार अंसारी को निशाना बनाने की साज़िश तो नहीं : वीडियो

गैंगस्टर मुकीम काला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का खूंखार अपराधी था।। सरकार बदलने के बाद काला का गैंग के खात्मे की शुरुआत हुई। अब उसका गैंग लीडर मारा गया। हत्या, लूट, रंगदारी, हत्या के प्रयास, फिरौती समेत काला पर 60 से अधिक आपराधिक केस दर्ज थे।

घर-घर लगवाए थे पोस्टर, रंगदारी दे जिंदगी बख्शता था
मुकीम काला शामली के कैराना का रहने वाला था। वह मुख्य रूप से लूट, डकैती और रंगदारी की वारदातों को अंजाम देता था। उसी दौरान वो हत्याएं करता था। उसने शामली व आसपास के जिलों में गांव गांव और शहरों में पोस्टर लगवाए थे। जिसमें उसने सीधे धमकी दी थी कि व्यापारियों को अगर जिंदा रहना है तो उसको रंगदारी देनी होगी। इससे लोग बेहद परेशान थे। एक विशेष धर्म के लोगों को अधिक प्रताड़ित करता था। इसी वजह से 2015-16 में कैराना से हिंदू पलायन करने लगे थे। यूपी विधानसभा चुनाव में ये बड़ा मुद्दा भाजपा ने बनाया था। जिसका लाभ भी मिला। कुल मिलाकर मुकीम कैराना से हिंदुओं के पलायन के पीछे का मुख्य खलनायक था।

photo – अंशुल दीक्षित

I.P. Singh
@IPSinghSp
चित्रकूट जेल के अंदर फ़ायरिंग हो रही है?

प्रदेश में व्याप्त जंगलराज का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा?

इतिहास के सबसे असफल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी क्या इसका भी विज्ञापन बनवाएँगे?

Ranvijay Singh
@ranvijaylive
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क्रोनोलॉजी समझिए

अंशू दीक्षित इसी हफ्ते सुल्तानपुर जेल से चित्रकूट जेल भेजा गया, विशेष निगरानी रखने की हिदायत के साथ.

ऐसी निगरानी रखी गई कि अंशू के पास हथियार पहुंच गया और उसने मुकीम काला और मेराजुद्दीन को गोली मार दी.

बाद में पुलिस फायरिंग में मारा गया.

तीन पुलिसकर्मियों की कर दी थी हत्या
मुकीम खाकी पर वार करता था। 5 जुलाई 2011 को शामली में सिपाही सचिन की हत्या की। 14 अक्तूबर 2011 सहारनपुर में सिपाही बलबीर को मौत के घाट उतारा था। पांच जून 2013 को सिपाही राहुल ढाका की कारबाइन लूटकर उसी को मार दिया था। कई बार लूट के बाद पुलिसकर्मियों पर गोलियां दाग चुका था। वो एके-47 भी रखता था। कई वारदातों को उसने इससे अंजाम दिया था।

ट्रैक्टर लूट से जरायम की दुनिया में रखा कदम
मुकीम का पिता मुस्तफा असलहा सप्लायर था। उसका भाई गैंगस्टर वसीम काला को एसटीएफ ने 28 सितंबर 2018 को एनकाउंटर में मार गिराया था। मुकीम राजमिस्त्री का काम करता था। 2010 में मुकीम ने हरियाणा में एक ट्रैक्टर लूटा था। इसके बाद से वो एक के बाद एक आपराधिक वारदातों को अंजाम देना शुरू किया जो सिलसिला लगातार जारी रहा। 2015 में सहारनपुर में तनिष्क के शोरूम में दस करोड़ की डकैती डाली थी। सबसे पहले मुकीम कग्गा के गैंग में शामिल हुआ था। 2011 में जब कग्गा का एनकाउंटर हुआ तब वो गैंग का सरगना बन गया।

भारत समाचार
@bstvlive
#Chitrakoot

➡चित्रकूट की जेल जंग का मैदान बनी

➡चित्रकूट जेल के भीतर सैकड़ों राउंड फायरिंग

➡2 गैंगेस्टर और पुलसि के बीच फायरिंग जारी

➡जेल के भीतर बड़ी तादाद में अवैध असलहा

➡बाहर मौजूद लोगों ने सैकड़ों राउंड फायरिंग सुनी

Uday Bharat Times
@UdayBharatTimes
उत्तर प्रदेश क्राइम : चित्रकूट की जेल में फायरिंग, अंशुल दीक्षित ने मुकीम काला और मिराज की हत्या की, पुलिस ने किया अंशुल का एनकाउंटर

अंशू का आपराधिक इतिहास

छात्र नेताओं की हत्या से दहलाई थी राजधानी
अंशू दीक्षित सीतापुर जिले के मानकपुर कुड़रा बनी का रहने वाला था। लखनऊ विश्वविद्यालय से उसने पढ़ाई की और छात्र राजनीति में भी कदम रखा। 2007 में उसने लखनऊ विवि के पूर्व महामंत्री विनोद त्रिपाठी और छात्र नेता गौरव सिंह की हत्या कर सनसनी मचा दी थी। तब वो अचानक सुर्खियों में आ गया था। इसके बाद सीतापुर में पुलिसकर्मियों को जहरीला पदार्थ खिलाकर कस्टडी से फरार हो गया था। पूर्व सीएमओ विनोद आर्या हत्याकांड में भी अंशू शामिल था। लखनऊ में उसने मड़ियांव और महानगर थाना क्षेत्र में हत्याकांड को अंजाम दिया था। उस पर एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे। दस से अधिक हत्याएं कर चुका था।

ANI_HindiNews
@AHindinews
उत्तर प्रदेश: चित्रकूट की एक जेल में कैदियों के बीच फायरिंग हुई।

पुलिस अधीक्षक ने बताया, “जेल में कैदियों के बीच फायरिंग हुई, जिसमें मुकीम काला समेत 3 कैदी मारे गए। मुकीम काला ने NIA अफसर तंजील अहमद की दिन दहाड़े हत्या की थी। मुकीम काला पश्चिमी यूपी का गैंगस्टर था।”

The Lallantop
@TheLallantop
सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि हाल में सुल्तानपुर जेल से चित्रकूट जेल में शिफ्ट किए गए पूर्वांचल के बड़े गैंगस्टर अंशु दीक्षित ने 14 मई को दोपहर में फायरिंग की. #MukhtarAnsari #Chitrakoot

एसटीएफ पर किया था हमला
फरारी के दौरान एसटीएफ और पुलिस की टीम ने भोपाल में अंशू की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी। इस दौरान उसने टीम पर हमला कर दिया था। जिसमें एसटीएफ के दरोगा संदीप मिश्रा को दो गोलियां लगी थीं। वहीं क्राइम ब्रांच भोपाल के सिपाही राघवेंद्र को एक गोली लगी थी। गोरखपुर के पूर्व सभासद फैजी हत्याकांड में भी अंशू का नाम आया था। भोपाल से भी उस पर ईनाम था।

दोनों हाथों से करता था फायरिंग
अंशू शार्प शूटर था। बात बात पर गोली मारता था। पुलिस अफसर बताते हैं कि वो दोनों हाथों से असलहा चलाता था। उसको भी राजनीतिक संरक्षण मिला। यही वजह थी कि जेल में भी उसको पूरी सुविधाएं मिलती थी। जेल से वीडियो वायरल होना इसका सुबूत है।

मेराज का आपराधिक इतिहास

मुख्तार का गुर्गा था मेराज, मुन्ना बजरंगी का था करीबी
गैंगवार में मारा गया मेराज भी शातिर अपराधी रहा है। वो माफिया मुख्तार अंसारी का गुर्गा था। वो मुन्ना बजरंगी का बेहद खास था। मेराज मूलरूप से गाजीपुर का रहने वाला था। वो वाराणसी के जैतपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर था। पुलिस अफसरों के मुताबिक मेराज का मुख्य काम था गैंग और शूटरों को असलहा मुहैया करवाना। फर्जी दस्तावेजों पर शस्त्र लाइसेंस भी जारी करवाता था। अलग-अलग राज्यों में मेराज का नेटवर्क था। वहां से ये फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाता था। मेराज पर 14 आपराधिक केस दर्ज हैं। इसमें आर्म्स एक्ट, गैर इरादतन हत्या, गुंडा एक्ट, धोखाधड़ी फर्जीवाड़ा आदि केस शामिल हैं। उस पर 2004 में एनएसए भी लगा था।

Roshan Kumar Journalist
@cameraman_r
चित्रकूट की जिला जेल जंग का मैदान बनी
चित्रकूट जेल के भीतर सैकड़ों राउंड फायरिंग
चित्रकूट जिला जेल में शूटआउट से हड़कंप
जेल में मुकीम काला समेत 3 की मौत हुई
पश्चिमी यूपी के गैंगस्टर मुकीम काला की हत्या
गैंगस्टर मुकीम काला और मेराजुद्दीन की हत्या
@DgPrisons
@satyammlive

Roshan Kumar Journalist
@cameraman_r
चित्रकूट: जिला जेल में गैंगवार पर एसपी का बयान
जेल से करीब 9.30 बजे सूचना आई थी-SP
एक बंदी ने 6 बंदियों पर फायरिंग की-एसपी
पिस्टल लेकर फायरिंग की जा रही थी-एसपी
एक बंदी ने 2 बंदियों की हत्या की- एसपी
पुलिस पार्टी पर भी फायरिंग की गई-एसपी
पुलिस कार्रवाई में अंशुल की मौत हुए-एसपी

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