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बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफ़ान #यास बेहद रौद्र रूप धारण कर चुका है : लेटेस्ट अपडेट और वीडियो

बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान यास बेहद रौद्र रूप धारण कर चुका है। ओडिशा और पश्चिम बंगाल में यास तूफान के तांडव को देखते हुए बिहार समेत कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पश्चिम बंगाल और ओडिशा सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जोखिम वाले क्षेत्रों से 12 लाख से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। चक्रवात यास ओडिशा के दक्षिण में बालासोर के पास पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 9 बजे से लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान तेज हवाएं चल रही हैं, समंदर में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं और रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है।

ओडिशा में लैंडफॉल के बाद नावों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा
ओडिशा में लैंडफॉल के बाद नावों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा। पश्चिम बंगाल-ओडिशा सीमा के पास उदयपुर में हवा ने कई चेक पोस्ट बैरिकेड्स उड़ा दिए।

Boats and shops damaged after landfall of #CycloneYaas in Odisha. Check posts barricades blown away with the wind at Udaipur near the West Bengal-Odisha border. pic.twitter.com/lRQqHOMqSY
— ANI (@ANI) May 26, 2021

ममता बनर्जी 28 मई को पूर्वी मिदनापुर का दौरा करेंगी
चक्रवात यास के मद्देनजर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 28 मई को पूर्वी मिदनापुर का दौरा करेंगी।

West Bengal CM Mamata Banerjee to visit East Midnapore on May 28. #CycloneYaas

(file pic) pic.twitter.com/8h9cmaWFC0
— ANI (@ANI) May 26, 2021

सीएम ममता ने की बैठक
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नाबाना में चक्रवात ‘यास’ को देखते हुए जिलाधिकारियों, जिला प्रबंधन कमेटी और अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नाबाना में चक्रवात ‘यास’ को देखते हुए ज़िलाधिकारियों, ज़िला प्रबंधन कमेटी और अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। pic.twitter.com/Cn5hy9WqWO
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 26, 2021

पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में भरा पानी
चक्रवात यास के कारण नदियों में जलस्तर बढ़ने से पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना के कई इलाकों में बुधवार को पानी भर गया। नारियल के पेड़ों के शिखरों को छूतीं समुद्र की लहरें और बाढ़ के पानी में बहती कारें दिखाई दीं। अधिकारियों ने बताया कि बढ़ते जलस्तर के कारण दोनों तटीय जिलों में कई स्थानों पर तटबंध टूट गए, जिसके कारण कई गांव और छोटे कस्बे जलमग्न हो गए। विद्याधारी, हुगली और रूपनारायण समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।

ओडिशा : सड़क पर गिरे पेड़ हटाती ओडीआरएएफ की टीम
ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ओडीआरएएफ) की टीम ने जगतसिंह पुर के पारादीप नगर क्षेत्र में सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाया। ओडिशा पुलिस ने इसकी जानकारी दी।

ममता बनर्जी ने यास को बताया ‘बवंडर’
पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अधिकतर हिस्सों में रातभर बारिश हुई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कंट्रोल रुम में मौजूद हैं। वहां से तूफान की तबाही और उससे निपटने की रणनीति पर चर्चा कर रही हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस तूफान को ‘बवंडर’ बताया। बता दें कि पश्चिम बंगाल के हुगली और उत्तरी 24 परगना जिलों में मंगलवार को तूफान आने के बाद कम से कम दो व्यक्तियों की करंट लगने से मौत हो गई और करीब 80 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।

ओडिशा: 404 बचाव दल तैनात
ओडिशा के संवेदनशील जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 52 टीम, ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) की 60 टीम, अग्निशमन दल की 205 टीम और वन विभाग की लकड़ी काटने वाली 60 टीम समेत करीब 404 बचाव दलों को तैनात किया गया है। पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश ने भी आपदा राहत बल, पुलिस बल और अग्निशमन बल के कर्मी बड़ी संख्या में तैनात किए हैं।

बंगाल में 5 और ओडिशा के 4 उप मंडलों में पानी भरने की आशंका
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि पश्चिम बंगाल के पांच और ओडिशा के चार उप-मंडलों और ब्लॉक में पानी भरने की आशंका है। सबसे अधिक पानी भद्रक जिले में भरने की आशंका है। इतनी ऊंची लहरों वाले तूफान का एक कारण पूर्णिमा भी है।

तटीय इलाकों में भारी बारिश रहेगी जारी
आईएमडी डीजी मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि चक्रवात के कारण सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाली हवा बालेश्वर, भद्रक और पश्चिम बंगाल के मिदिनीपुर में चल रही है। ओडिशा के अंदर के जिलों में भी हवा की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी। ये सभी हवा की गति आज रात तक रहेगी, उसके बाद काफी हद तक कम हो जाएगी। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय में भारी से भारी बारिश होने की संभावना है।

ओडिशा के तट को पार कर रहा चक्रवात
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि तूफान बालेश्वर के दक्षिण में ओडिशा तट को पार कर रहा है। अभी इसके हवा की गति 130-140 किलोमीटर प्रति घंटे है। लैंडफॉल प्रक्रिया अभी चल रही है, जो 3 घंटे में पूरी होगी। इसके बाद ये कमजोर होकर उत्तर पश्चिम दिशा में गति करेगा। महापात्र ने बताया कि चक्रवात के कारण सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाली हवा बालेश्वर, भद्रक और पश्चिम बंगाल के मिदिनीपुर में चल रही है। ओडिशा के अंदर के जिलों में भी हवा की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी।

कल सुबह झारखंड में दस्तक देगा यास
मौसम विभाग के निदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि चक्रवात यास ओडिशा के बालासोर सीमा को पार गर गया। यास कल सुबह झारखंड पहुंचेगा, तब इसके हवा की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। पिछले 24 घंटों में ओडिशा में भारी से बेहद भारी बारिश हुई है। उत्तर ओडिशा और तटीय ओडिशा में आज भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है।

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