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सरकार को सुप्रीम कोर्ट की सलाह : कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए दोबारा लॉकडाउन लगाया जाए!

भारत के उच्चतम न्यायालय ने इस देश की सरकार से कहा है कि वह देश में कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए दोबारा लॉकडाउन लगाने पर विचार करे।

भारत में इन दिनों कोरोना वायरस का संक्रमण भयानक ढंग से बढ़ रहा है और हर दिन लगभग चार लाख नए मामले सामने आ रहे हैं। देश के मौजूदा हालात से निपटने के लिए शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को कई अहम सुझाव दिए हैं जिनमें इस घातक वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाना प्रमुख है। इसके अलावा उच्चतम न्यायालय ने कोरोना वैक्सीन ख़रीदने की पॉलिसी पर पुनर्विचार करने को भी कहा है। कोर्ट ने कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो सार्वजनिक स्वास्थ्य के अधिकार में बाधा उत्पन्न होगी जो संविधान के अनुच्छेद 21 का एक अभिन्न अंग है।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, एल नागेश्वर राव और एस रवींद्र भट की बेंच ने यह भी कहा कि लॉकडाउन लगाने से पहले सरकार यह भी सुनिश्चित करे कि इसका सामाजिक और आर्थिक प्रभाव कम पड़े। अदालत के अनुसार जिन लोगों पर लॉकडाउन का असर पड़ सकता है उनके के लिए ख़ास इंतज़ाम किए जाएं। देशभर में इन दिनों हॉस्पिटल को लेकर मारामारी जैसे हालात है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को अस्पतालों में भर्ती के लिए दो हफ़्ते के अंदर राष्ट्रीय नीति बनाने की सलाह दी है। कोर्ट ने कहा है कि किसी को भी स्थानीय आवासीय प्रमाण या पहचान प्रमाण की कमी के कारण अस्पताल में भर्ती होने या आवश्यक दवाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

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