विशेष

हिन्दू कितने खुशकिस्मत हैं, ‘गर्व से कहो हम हिन्दू हैं’…बस सांस नहीं ले पा रहा है!

vaia : Azhar Shameem
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*दीपक कुमार की फेसबुक वॉल से*
हिन्दू कितने खुशकिस्मत हैं
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आज जब हिन्दू सब जगह बेवजह मारे जा रहे हैं, दवा की कमी से, ऑक्सीजन की कमी से, अस्पताल की कमी से तब उनकी मदद के लिए
विश्व हिन्दू परिषद् घर घर जा रही है, अक्सीजन लेकर, दवा लेकर वो किसी हिन्दू को मरने नहीं दे रहे ! हिन्दू की रक्षा में सदैव तत्पर विश्वहिन्दू परिषद् !

बजरंग दल की तो जितनी तारीफ की जाए काम है, सड़कों पर रामनामी दुपट्टा डाले लड़के कितनी सेवा कर रहे हैं, कोई हिन्दू को कष्ट न हो, अस्पताल से लेकर शमशान तक सेवारत पूरी फ़ौज है इनकी !!

दुर्गा वाहिनी की महिलाये ‘फूल नहीं वाली’ ओह्हो बिलकुल चिंगारी की तरह जहाँ समस्या आयी, और ये हाजिर क्या मजाल की किसी हिन्दू महिला को, कोई परेशानी हो, हर जगह मौजूद, हाजिर, अपनी जान पर खेलकर सेवा कर रही चिंगारियां ।

और आरएसएस के तो कहने ही क्या है, कितना निस्वार्थ भाव से हर जगह, हमारी आज़ादी की लड़ाई से लेकर कोरोना तक गली गली मोहल्ले मोहल्ले हिन्दू रक्त की हर बूँद के लिए स्वयंसेवक न्योछावर है।

उन्हें जानकारी है न हर घर की, अभी थोड़े दिन पहले तो आये थे राम मंदिर का चन्दा लेने, जैसे चंदे के लिए आये थे, वैसे ही दवा, बिस्तर की व्यवस्था लिए घर घर पहुंच रहे हैं।
वो याद है ‘दूध मांगोगे खीर देंगे, कश्मीर मांगोगे चीर देंगे’ वाले, यहीं न वीर। इसलिए कहते है ‘गर्व से कहो हम हिन्दू हैं’

कोई बताओ भाई इन्हे हिन्दू मुश्किल में है और ‘वो गर्व करना चाहता है’

आपके कहे अनुसार जाग भी गया है ‘बस सांस नहीं ले पा रहा’।

वो जो सामान्य समय में हुंकार भरते थे, वो धर्म रक्षक आज कहीं नहीं हैं, कहीं नहीं।

CNN कह रहा है की टेस्ट हो जाए तो लगभग ५० करोड़ लोग संक्रमित है।

अस्पताल लूट रहे है

बाहर मेडिकल वाला लूट रहा है

टैक्सी वाला लूट रहा है

शमशान वाला लूट रहा है।

मर जाओ तो घर वाले छूने से डर रहे हैं।

संकट इतना भीषण है की बगल वाले मुल्ले दाह संस्कार कर रहे है।

ये है वो हिन्दू एकता जिसके लिए इस देश को पिछले दशक से रौदा जा रहा है !!

जब सड़क घर, अस्पताल सभी जगह हिन्दू खतरे मैं है तब वो कह रहे है की नहीं केवल बंगाल में खतरे में है !

जिस मोदी के लिए हम परिवार में, मित्रो से लड़े थे वो आज कहाँ है, धर्मरक्षक कहाँ है ?

कहीं नहीं हैं वो गली मोहल्ले ही आज काम आ रहे है, दौड़ रहे हैं।

अनगिनत कहानियां बन रही हैं रोज लोग एक दूसरे के लिए देवदूत बनकर आ रहे है !

सरदार “खालिस्तानियों“ के गुरूद्वारे सक्रिय हैं घर घर में जरूरी सामान, ऑक्सीजन, दवाईंयॉं पहुँचा रहे हैं। फ़्री अस्पताल चला रहे हैं।
किसान आंदोलन जो मोदी जी के खिलाफ षड़यंत्र था वो ऑक्सीजन का लंगर लगा रहे है।

व्हाट्सप्प यूनिवर्सिटी की बकवास झूठ है, और ब्लैक में बिकता बिस्तर, दवा हकीकत है, जो किसी धार्मिक एकता के नाम पर ढंकी नहीं जा सकती।

हिन्दू या मुस्लिम होना एक संयोग है, कोई हमसे पूछा थोड़े ही गया था, किन्तु ‘संयोगों’ पर गर्व वही करते है जिन्हे ये पता होता है कि उनके कर्म गर्व करने लायक नहीं हैं।

आसपास देखिये इस विकट संकट में साथ वही खड़े है जिनके बारे में दिन रात बताया गया की इनसे आपको ख़तरा है।

गर्व करना है तो पूर्वजों के बनाये ऐसे समाज पर गर्व करिये जिसे तोड़ने वालों काआप साथ देते हैं फिर भी संकट में ये आपके लिए आ खड़ा होता है
चाहेंगे तो

उम्मीद की किरण यही से निकलेगी

साथ चलने का इरादा जब जवान हो जाएगा

आदमी मिल आदमी से कारवाँ हो जाएगा

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