सेहत

#COVID19 संक्रमण से घर पर ही कैसे निपटें

 

हल्के प्रभाव वाले #COVID19 संक्रमण से घर पर ही कैसे निपटें?

1⃣ केवल डॉक्टर द्वारा बतायी गईं दवाइएं ही खाएं।
📍 कोविड-19 का खुद से ही इलाज न करें। लहसुन, कपूर और अजवाइन जैसी घरेलू चीजों से ऑक्सीजन लेवल में कोई सुधार नहीं होता है।
2⃣ अगर शरीर का तापमान बहुत अधिक हो, और दर्द हो तो हर चार से छह घंटे में पेरासिटामोल (500 मिलीग्राम) खाएं।
📍 ध्यान रहे, 24 घंटों में पेरासिटामोल की चार खुराक से ज्यादा न खाएं।
3⃣ शरीर में पानी की कमी न होने दें और अगर आपकों किसी चीज का स्वाद पता न भी चल रहा हो तो भी पौष्टिक भोजन करें। हालांकि, किसी भी तरह के खाने से कोविड-19 का उपचार की बात पता नहीं चली है, लेकिन पौष्टिक खाने से आपके शरीर को जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलेगी।
4⃣ पानी से भींगी हुई तौलिया या रुमाल अपने सिर (टेपिड स्पॉन्जिंग) पर रखें। लेकिन, इसके लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल न करें।


घबराएँ नहीं, शांत रहें और खुद को दूसरे लोगों से अलग कर लें।

घर पर रखते हुए #COVID19 संक्रमण से कैसे निपटे?
1⃣अगर संभव हो तो खुद को 10 दिनों के लिए ऐसे कमरे में आइसोलेट कर लें जिसमें शौचालय की अलग से व्यवस्था हो।
📍 आराम करें और दिमाग को शांत रखें।
📍 किताबें पढ़ें, टीवी शो देखें और अपने परिवार व दोस्तों के साथ वीडियो कॉल पर बातें करके खुद को व्यस्त रखें।
📍 अगर आप सहज महसूस कर रहे हैं, तो हल्के व्यायाम करें।
2⃣ आप जिस कमरे में रह रहे हैं, उसका दरवाजा खोलते वक्त नाक और मुंह को ढकने वाला मास्क पहनें रहें। आपके कमरे में आने वाले लोगों को भी मास्क पहनना अनिवार्य है।
3⃣ अगर संभव हो तो वेंटिलेशन के लिए कमरे की सभी खिड़कियां खुली रखें।
4⃣ अपने हाथों को साबुन से बार-बार धोते रहें। अपने कमरे को स्वयं कीटाणुनाशक या साबुन से साफ करें।

अगर आप अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो….

घबराएँ नहीं, शांत रहें। याद रखें कि #COVID19 से ज्यादातर लोग घर पर ही ठीक हो जाते हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरुरत नहीं पड़ती।
1⃣ खुद को घर के बाकी लोगों से अलग कर लें। जाँच या उसकी रिपोर्ट आने का इंतजार न करें।
2⃣ अगर आपकी साँसें बहुत तेज चल रही हैं, तो हर छह घंटे या उससे पहले ही, बार-बार अपने ऑक्सीजन लेवल की जांच करें। एक बार ऑक्सीजन लेवल की जांच करने के बाद छह मिनट टहलें और फिर इसकी जांच करें।
📍 अगर ऑक्सीमीटर पर ऑक्सीजन का लेवल 94% से कम हो, तो आपको तुरंत आपातकालीन चिकित्सीय देखभाल की जरुरत है।
3⃣ हर 6 घंटे में अपने शरीर के तापमान की जाँच करते रहें।
📍 अगर 101F (38C) से अधिक बुखार लगातार 3 दिनों तक बना रहता है, तो आपको तुरंत चिकित्सीय देखभाल की जरुरत है।
4⃣ यदि निम्न में से कोई भी लक्षण हो तो आपको आपातकालीन चिकित्सीय देखभाल की जरुरत है:
📍 अगर सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
📍 अगर होंठ या चेहरा नीला नज़र आ रहा है।
📍 अगर भ्रम जैसी स्थिति का अनुभव हो रहा है।
📍 अगर छाती में लगातार दर्द या दबाव का अनुभव हो रहा हो।
📍 अगर बोली अस्पष्ट हो रही हो या बोलने में परेशानी हो रही हो।
📍 खड़े होने में दिक्कत हो रही हो या नींद अधिक आ रही हो।

UNICEF India

 

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