इतिहास

यह बहुत पुरानी मस्जिद है जिसका नाम लोधी वंश के शासक सुल्तान ईबराहीम लोदी के नाम पर रखा गया था

Wasim Akram Tyagi

============
.
यह एक बहुत पुरानी मस्जिद है जिसका नाम लोधी वंश के शासक सुल्तान ईबराहीम लोदी के नाम पर रखा गया था और इस मस्जिद का निर्माणकर्ता सुल्तान इब्राहीम लोधी को माना जाता है। इस मस्जिद का निर्माण सन 1536 ईसवी के आस-पास हुआ था। ये ऐतिहासिक मस्जिद गया ज़िला मुख्यालय से मात्र 25 किलोमीटर दूरी पर स्थित है और गया-पटना मार्ग के क़रीब है। ये मस्जिद गया ज़िला के खिजरसराय ब्लॉक के कुंडवा गांव के करीब है। गांव से पच्छिम जानिब तकरीबन एक किलोमीटर की दूरी पर फल्गु नदी के किनारे बनी हुई है इस मस्जिद की बनावट काफी खूबसूरत है । नदी के पश्चिम साइड में लोधीपूर गाँव है जिसे आम बोलचाल में लोदपुर गांव कहा जाता है जबकि पूरब साइड में कुंडवा गांव है। कुंडवां गांव के लोग इस मस्जिद में ईद, बकरीद की नमाज़ अदा करते हैं।

आप इन तस्वीरों को देखिए तो खुद अंदाज़ा लग जाएगा की ये ऐतिहासिक धरोहर किस तरह से बदहाली का शिकार है। न तो बिहार सरकार इसकी देखभाल कर रही है और न ही पुरातत्व विभाग ही इस ऐतिहासिक धरोहर की कोई सुध ले रहा है। रखरखाव की इसी अनदेखी के कारण ये मस्जिद अब खंडहर में तब्दील होती जा रही है। इस मस्जिद के आसपास जो ज़मीन है उस पर कुछ लोग अवैध रूप से क़ब्ज़ा भी कर रहे हैं लेकिन न तो वक़्फ़ बोर्ड और न ही शासन-प्रशासन इस पर कोई संज्ञान ले रहा है। इस मस्जिद में न तो अज़ान होती है और ना ही इस की देखभाल के लिए कोई आदमी रखा गया है। इस मस्जिद में बस ईद और बक़रीद की नमाज़ होती है।

दोस्तों, इस पोस्ट का मक़सद शासन, प्रशासन और वक़्फ़ बोर्ड का ध्यान इस मस्जिद की ओर आकर्षित करना है। अगर आप इस पोस्ट को शेयर कर दें या इसे कॉपी करके अपनी वॉल पर पोस्ट कर दें तो शायद शासन, प्रशासन और वक़्फ़ बोर्ड इस मस्जिद की सुध ले और इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की मुहिम शुरू हो जाए।

✍️ मोहम्मद ख़ालिद हुसैन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *