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दुनिया में आ गई कोरोना की तीसरी लहर : देश में 8 फ़ीसदी से भी कम लोगों को लगी दोनों डोज़ : रिपोर्ट

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर पिछले कई दिनों से कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या आएगी तीसरी लहर? कब आएगी तीसरी लहर? अब कोरोना थर्ड वेव को लेकर जो खबर आ रही है उसके बाद बेहद सतर्क हो जाने की जरूरत है। विश्व के कई देशों में तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। पिछले एक हफ्ते में कोरोना के 16 फीसदी मामले बढ़े हैं। इस खतरे को देख भारत की ओर से भी कहा जा रहा है कि अगले 100 दिन बेहद खास हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसको लेकर आगाह कर चुके हैं। आखिर अगले 100 से 125 दिन भारत के लिए क्यों खास है-

दुनिया में आ गई तीसरी लहर!
कई देशों में बड़ी तेजी के साथ कोरोना के मामले बढ़े हैं। विश्व में इस हफ्ते 33.76 लाख कोरोना के केस सामने आए। पिछले हफ्ते 29.22 लाख मामले सामने आए थे। इस हिसाब से देखा जाए तो 16 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। कोरोना की रफ्तार कोई सामान्य नहीं है। स्पेन में तो कोरोना के मामलों ने डरा दिया है। यहां एक हफ्ते के भीतर ही कोरोना वायरस मामलों की संख्या में 64 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। वहीं नीदरलैंड में 300 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी है। दक्षिण अफ्रीका में 50 फीसदी मामले बढ़े हैं। इंडोनेशिया, बांग्लादेश, थाईलैंड में एक ही बार में अचानक मामले तेजी से बढ़े हैं। भारत में मामले कम हुए हैं लेकिन अब इसके नीचे जाने की रफ्तार कम हो गई है ऐसे में तीसरी लहर का खतरा हम पर भी है। पीएम मोदी ऐसे ही नहीं लोगों को सतर्क रहने के लिए कह रहे हैं।

8 फीसदी से भी कम लोगों को लगी दोनों डोज
देश में कोरोना टीकाकरण अभियान को शुरू हुए आज छह महीने हो गए हैं। सरकार का कहना है कि देश में हर वयस्क नागरिक का टीकाकरण दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। फिलहाल आज की जो स्थिति है उस हिसाब से इस लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल लग रहा है। इन 6 महीनों में कुल 40 करोड़ के करीब डोज लगाई गई है। इसमें कोरोना की पहली और दूसरी दोनों डोज शामिल है। सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में 3 करोड़ 95 लाख से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगा है। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र और उसके बाद गुजरात का नंबर है। बच्चों के लिए वैक्सीन का ट्रायल अभी चल रहा है। जिन लोगों को दोनों टीका लग गया उनका प्रतिशत अभी कम है। ऐसे लोगों की संख्या देश में 8 फीसदी से भी कम है। ऐसे में सतर्कता जरूरी है।

राज्य कोरोना टीका
यूपी – 3,95,20,085
महाराष्ट्र – 3,82,68,323
गुजरात – 2,87,62,502
राजस्थान – 2,75,00,622
कर्नाटक – 2,66,14,608

दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई और बढ़ गई लापरवाही
देश के कई हिस्‍सों में कोविड-19 से जुड़े नियमों को ताक पर रख दिया गया है। हिल स्‍टेशंस से लेकर बाजारों में खासी भीड़ उमड़ रही है और सावधानियों का पालन भी नहीं हो रहा है। केंद्र सरकार ने कहा है कि कि लोग तीसरी लहर से जुड़ी बातों को मौसम की अपडेट की तरह देख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को इस मसले पर बोलना पड़ा। दूसरी तरफ, एक शीर्ष वैज्ञानिक का कहना है कि भारत में तीसरी लहर 4 जुलाई से शुरू हो चुकी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने एक बयान में कहा कि तीसरी लहर बस आने ही वाली है। कोरोना की अब तक दूसरी लहर भी नहीं खत्म हुई है और शायद लोग इस बात को भूल रहे हैं। कोरोना नियमों में ढील देने के बाद लोगों की लापरवाही भी बढ़ी है।

कोरोना के मामलों में कमी के रफ्तार पर ब्रेक
कोरोना के मामले कम हुए हैं लेकिन कम होने की रफ्तार अब कम हो गई है। देश में जुलाई 5-11 के बीच 2 लाख 90 हजार कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए। कोरोना केस की रफ्तार में गिरावट का धीमा होना चिंताजनक है क्योंकि भारत में अभी भी प्रति दिन 40,000 से अधिक मामलों का औसत है। पिछले सप्ताह का औसत 41,256 था जबकि पिछले सप्ताह यह 43,668 था। केरल के मामले को देखकर चिंता बढ़ी है जहां पिछले सप्ताह राज्य में कुल 91 हजार 652 मामले सामने आए। यहां कोरोना मामलों में 8.1% का इजाफा देखने को मिला।

राज्य में बढ़ते मामलों का यह लगातार दूसरा सप्ताह था। कोल्हापुर, सांगली और सतारा जैसे जिलों में महामारी के नए केंद्र के रूप में उभरने के साथ, महाराष्ट्र में भी बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं देश के पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश में 5-11 जुलाई के दौरान मामलों में 43.8% की वृद्धि हुई, इसके बाद मिजोरम में 42.9% की वृद्धि हुई। मणिपुर में संक्रमण में 26.6% की वृद्धि हुई, जबकि त्रिपुरा में 7.9% की वृद्धि देखी गई।

देश में अभी हर्ड इम्युनिटी बनने में वक्त लगेगा
कोरोना के खिलाफ भारत अभी तक हर्ड इम्युनिटी हासिल नहीं कर पाया है। ऐसे में कोरोना के संक्रमण के तेजी से फैलने की आशंकाओं को खारिज नहीं किया जा सकता है। हर्ड इम्युनिटी एक ऐसी स्थिति है जब संक्रमण के अनियंत्रित प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त लोगों ने टीकाकरण या पिछले संक्रमण से प्रतिरक्षा हासिल कर ली हो। नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने भी कहा कि हमें संक्रमण को फैलने से रोकने की जरूरत है और यह कोविड-अप्रोपिएट बिहेवियर अपनाकर ही संभव है।

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