दुनिया

सऊदी अरब के इतिहास में अब तक ऐसा कभी नहीं हुआ था…रिपोर्ट

सऊदी नरेश और क्राउन प्रिंस की तस्वीरों पर काला रंग पोत दिया गया है।

फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार अरफ़ा दिवस के अवसर पर सऊदी अरब में विरोध प्रदर्शन की अपील ज़ोर पकड़ रही है।

एक अरब न्यूज़ एजेन्सी का कहना है कि सऊदी नागरिकों ने दीवारों पर बनी शाह सलमान बिन सऊद और मुहम्मद बिन सलमान की तस्वीरों पर काला रंग पोतकर इस विरोध कम्पेन की शुरुआत कर दी है।

लोगों में सऊदी अरब की परंपराओं के विपरीत पश्चिमी सभ्यता के प्रचार व प्रसार और ग़ैर इस्लामी चाल चलन के विस्तार के संबंध में आले सऊद की कार्यवाहियों पर भी गहरा आक्रोश पाया जाता है।

नाइट क्लबों में बहुत ज़्यादा भीड़ और पवित्र नगर मक्के और मदीने में कोरोना के बहाने प्रतिबंधों पर भी सऊदी नागरिकों में आले सऊद के विरुद्ध बहुत ज़्यादा नाराज़गी पायी जाती है।

जनप्रदर्शनों की काल करने वाले लोग, सारे राजनैतिक बंदियों की रिहाई और नागरिकों के साथ अमानवीय बर्ताव को तुरंत समापव्त करने की मांग कर रहे हैं।

बताया जाता है कि पवित्र नगर मक्के में अरफ़े के दिन प्रदर्शनों के भय से सऊदी सुरक्षा बलों ने अपनी गश्त बढ़ा दी है।

सऊदी अरब के विरोधियों ने अरफ़े के दिन प्रदर्शनों की काल के बारे में बयान जारी किया है। इस बयान में कहा गया है कि सऊदी अधिकारियों ने धर्म को खिलवाड़ बना दिया है जबकि बड़े पैमाने पर देश में गिरफ़्तारियां हो रही हैं।

यमनी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्रदर्शनकारियों ने बिन सलमान का कार्यक्रम रुकवाने की मांग की है जिसमें धर्म को खिलवाड़ बनाए जाने और समाज की पहचान तबाह करने की बात कही गयी है।

हशदुश्शाबी पर हमला हमने नहीं किया, अमरीका ने दी सफ़ाई

कुछ संचार माध्यमों में यह खबर प्रकाशित हुई थी कि सीरियाई सीमा के निकट अमेरिका ने इराक के स्वंय सेवी बल हश्दुश्शाबी पर ड्रोन हमला किया था पर इस खबर के प्रकाशन के एक दिन बाद अब अमेरिका इस प्रकार के हमले का खंडन कर रहा है।

अमेरिकी गठबंधन के प्रवक्ता ने इस खबर को ग़लत बताया। सऊदी अरब के अलअरबी टीवी चैनल ने ह्यूमन राइट्स वाच के हवाले से दावा किया था कि जिस ट्रक पर हश्दुश्शाबी के लिए हथियार व दूसरे सामान थे उस पर ड्रोन से हमला किया गया।

इराक के पश्चिम में स्थित अलअंबार प्रांत में हश्दुश्शाबी के कमांडर क़ासिम मुसलेह ने इस खबर के विपरीत कहा है कि हश्दुश्शाबी का जो भाग उनके नेतृत्व में है वह पूरी तरह सुरक्षित है। सीरिया और इराक की सीमा पर या इराक के भीतर मरुस्थली क्षेत्रों में हमला हुआ है या नहीं इस बारे में उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों को जो सीमा की रखवाली और आतंकवादियों का पीछा कर रहे हैं, समर्थन प्राप्त है।

इस खबर के बारे में अमेरिकी नेतृत्व में काम करने वाले गठबंधन के प्रवक्ता ने कहा है कि हश्दुश्शाबी पर हमले की खबर ग़लत है और अमेरिकी नेतृत्व को बदनाम करने के लिए दुश्मनों की ओर से इस प्रकार का प्रचार किया गया है।

इराक के स्वंय सेवी बल हश्दुश्शाबी के वाहन पर ड्रोन हमले की खबर ऐसी स्थिति में की जा रही है जब अगले कुछ दिनों में इस देश के प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अलक़ाज़मी अमेरिका जाने वाले हैं ताकि इराक से शांतिपूर्ण ढंग से अमेरिकी सैनिकों के निष्कासन के बारे में अमेरिकी अधिकारियों से विचारों का आदान- प्रदान कर सकें

दुनिया भर में बढ़ती अशांति और ग़रीबी के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार: इस्लामी जागरूकता सभा

इस्लामी जागरूकता सभा के उप महासचिव ने कहा है कि अमेरिका दुनिया भर के देशों में बढ़ती अशांति और ग़रीबी के लिए मुख्य रूप से अमेरिका ज़िम्मेदार है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, इस्लामी जागरूकता सभा के उप महासचिव हुसैन अकबरी ने रविवार को एक बयान जारी करके कहा है कि दुनिया में फैलती अशांति और बढ़ती ग़रीबी के लिए मुख्य रूप से अमेरिका ज़िम्मेदार है। उन्होंने कहा कि, अफ़ग़ानिस्तान की जनता 20 वर्षों से अमेरिका से संघर्ष कर रहे हैं।

हुसैन अकबरी ने अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर स्थायी शांति और सुरक्षा के शीर्षक के तहत आयोजित होने वाले सम्मेलन के बारे में पत्रकारों को बताते हुए कहा कि चीन, रूस और क़ज़ाक़िस्तान सहित लगभग 40 देश इस सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि विभिन्न राष्ट्रों के प्रतिनिधियों द्वारा इस सम्मेलन में भाषण दिए जाएंगे ताकि इस कार्यक्रम के ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दों को सही तरह से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने रखा जा सके।

इस्लामी जागरूकता सभा के उप महासचिव ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने लंबे समय से मध्यस्थता की भूमिका निभाई है और हमेशा से चाहता है कि युद्ध बजाय बातचीत के ज़रिए सभी मतभेदों और समस्याओं का समाधान निकाला जाए। हुसैन अकबरी ने कहा कि, अमेरिकी आतंकवाद से मुक़ाबले का दावा करके अफ़ग़ानिस्तान में घुसे थे, लेकिन उनके अफ़ग़ानिस्तान में जाते ही जहां मादक पदार्थों के उत्पादन में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई वहीं आम लोगों की हत्याओं में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी हो गई। उन्होंने कहा कि तीन खरब डॉलर से भी अधिक अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान में ख़र्च किए हैं और उसके बाद वह अफ़ग़ानिस्तान को छोड़कर जा रहा है, यह कैसे संभव है, बल्कि अमेरिका छोड़कर नहीं एक तरह से वहां से भाग कर जा रहा है।

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