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तालेबान को मान्यता देने या न देने का सवाल अभी प्रासंगिक नहीं, पड़ोसी देश में सरकार गठन को लेकर अभी स्पष्टता की कमी है : भारत

काबुल हवाई अड्डे के बाहर आत्मघाती हमले में 170 से अधिक लोगों की मौत के बाद भारत ने कहा कि उसका पूरा ध्यान अफ़ग़ानिस्तान से शेष भारतीयों को वापस लाने पर है।

भारत ने कहा कि तालेबान को मान्यता देने या न देने का सवाल अभी प्रासंगिक नहीं है क्योंकि पड़ोसी देश में सरकार गठन को लेकर अभी स्पष्टता की कमी है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि ख़राब होती सुरक्षा स्थिति के कारण बुधवार 25 अगस्त को काबुल हवाई अड्डे से भारत के लिए उड़ान भरने वाले विमान पर सवार होने के लिए लगभग 20 भारतीय और कई अफ़ग़ान शहरी नहीं पहुंच सके।

बागची ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान से अपने घर लौटने को इच्छुक अधिकांश भारतीय नागरिकों को वहां से बाहर निकाल लिया गया है और वह पड़ोसी देश की स्थिति पर सावधानीपूर्वक नज़र रखे हुए हैं।

भारत के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि ज़मीनी स्थिति अनिश्चित है। हमारी मुख्य चिंता अपने लोगों की सुरक्षा से जुड़ी है। अभी काबुल में किसी इकाई के सरकार बनाने को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है या स्पष्टता की कमी है, हम स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं।

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए बागची ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि अफ़ग़ानिस्तान के सिखों सहित वहां के कुछ नागरिक 25 अगस्त को काबुल हवाईअड्डे तक नहीं पहुंच सके, इसलिए हमारे विमान को उनके बिना ही आना पड़ा।

उन्होंने कहा कि कुछ भारतीय थे, जिनके बिना हमें आना पड़ा, मैं कहूंगा लगभग 20 भारतीय थे, लेकिन दोबारा कहता हूं कि मेरे पास सटीक आंकड़ा नहीं है, हम उन तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे थे, जैसा कि आपने भी देखा कि हवाई अड्डे पर अफ़रातफ़री का माहौल था, भारतीय नागरिक विमान तक नहीं पहुंच सके, इसलिए हमारे विमान को इनको छोड़कर ही आना पड़ा।

उनका कहना था कि देश का प्रमुख ध्यान भारतीयों को अफ़ग़ानिस्तान से निकालने पर रहेगा, लेकिन हम इसके साथ ही अफ़ग़ानिस्तान के उन लोगों के साथ भी खड़े हैं, जो भारतीयों के साथ खड़े रहे।

बागची ने कहा कि भारत सभी पक्षकारों के संपर्क में है और अफ़ग़ानिस्तान के ताज़ा घटनाक्रमों को लेकर वह सहयोगी देशों के संपर्क में बना रहेगा।

बागची ने कहा कि भारत शांतिपूर्ण, समृद्ध और लोकतांत्रिक अफगानिस्तान पर ज़ोर देता है।

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