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अमरीकी जनता की सरकार को नसीहत, अब जंग नहीं चाहिए, विकास के कामों में ध्यान केन्द्रित करे सरकार : रिपोर्ट

अमरीकियों ने अपनी सरकार से कहा है कि वह अब युद्ध के कार्यक्रमों को निरस्त करके विकास के कामों में ध्यान केन्द्रित करे।

अमरीका में किये जाने वाले सर्वेक्षण दर्शाते हैं कि इस देश की जनता नहीं चाहती कि उनकी सरकार अब आगे भी युद्धों में भाग ले।

सर्वेक्षण के अनुसार ग्यारह सितंबर की घटना के बाद से ही अधिकांश अमरीकियों का यह मानना है कि जहां तक हो सके उनके देश को आतंकवाद के विरुद्ध अभियान में कम से कम भाग लेना चाहिए। सीबीएस और एक अन्य संस्था द्वारा कराए गए संयुक्त सर्वेक्षण के परिणाम बताते हैं कि अधिक्तर अमरीकी अब युद्ध के इच्छुक नहीं हैं।

इस संयुक्त सर्वेक्षण में लोगों से यह पूछा गया था कि आतंकी चुनौतियों का सामना करने के लिए अमरीका को विदेशों में जाकर अभियान चलाना चाहिए। 55 प्रतिशत लोगों का यह जवाब था कि अमरीका को इस प्रकार के अभियानों में कम से कम उपस्थित रहना चाहिए।

इससे पहले एसोसिएटेड प्रेस और नाॅर्क संस्था की ओर से कराए जाने वाले इसी प्रकार के सर्वेक्षण में कहा गया था कि एक तिहाई अमरीकी, अपने देश के भीतर आतंकी या अतिवादी चुनौतियों से बहुत चिंतित हैं।

तालेबान के डर से अफ़ग़ानिस्तान के पायलटों को भेजा जा रहा है यूएई

अफ़ग़ानिस्तान के पायलटों को तालेबान के डर से अब संयुक्त अरब इमारात भेजा जा रहा है।

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पर तालेबान के नियंत्रण के पश्चात इस देश के वे पायलेट जो भागकर उज़बेकिस्तान चले गए थे अब उनको संयुक्त अरब इमारात में एक अमरीकी सैन्य छावनी में स्थानांतरित किया जा रहा है।

अफ़ग़ानिस्तान की समाचार एजेन्सी आवा ने न्यूयार्क टाइम्स के हवाले से बताया है कि वे विमान चालक जिनको अमरीकियों ने प्रशिक्षित किया था उन सबको उनके परिवार के सदस्यों के साथ संयुक्त अरब इमारात में एक अमरीकी सैन्य छावनी में स्थानांतरित किया जा रहा है।

इन्ही पायलेटों में से एक ने रोएटर्ज़ समाचार एजेन्सी को बताया कि उनको यूएई भेजने का काम 12 सितंबर से आरंभ हुआ है। इस अफ़ग़ानी पायलेट का कहना था कि यह काम, अमरीका और उज़बेकिस्तान के बीच हुए समझौते का परिणाम है। वाॅल स्ट्रीट जरनल ने बताया है कि इन अफ़ग़ानी पायलटों और उनके परिवार वालों की कुल संख्या 585 है।

ज्ञात रहे कि हालिया कुछ वर्षों के दौरान अफ़ग़ानिस्तान की वायुसेना द्वारा तालेबान के ठिकानों पर हमलों में तालेबान को होने वाले जानी और माली नुक़सान की वजह से तालेबान ने एक गुट तैयार किया है जो अबतक अफ़ग़ानिस्तान के कई पायलटों की हत्या कर चुका है।

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