विशेष

इसके हर मानक में ट्रांसजेंडर फ़िट बैठता है : एक क्षत्रिय आत्महत्या करे, यह संभव नहीं लगता!

Satyendra PS
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अगर ट्रांसजेंडर यानी हिजड़ा वर्ग को फायदा पहुंचाना मकसद है तो उसके लिए ईडब्ल्यूएस कोटा बेस्ट है। इसके हर मानक में ट्रांसजेंडर फिट बैठता है। वह गरीब भी हैं। किसी जाति के भी नहीं हैं। किसी जाति के कोटे में आरक्षण भी नहीं मिलता है। साथ ही ईडब्ल्यूएस की मेरिट भी अनुसूचित जाति जनजाति से नीचे जा रही है।

मैं शुरू से कहता रहा हूँ कि बेस्ट तरीका यह है कि ट्रांसजेंडर बच्चा अगर कोई घर से निकालता है तो उसके लिए सजा का प्रावधान होना चाहिए। साथ ही ट्रांसजेंडर के लिए 100 प्रतिशत जॉब्स के इंतजाम सरकार करे। वह न तो जनसंख्या बढ़ाते हैं न किसी ”अपने” बेटा बेटी का उन्हें लगाव होगा। लेकिन सरकार को ट्रांसजेंडर की समस्या से कोई मतलब ही नहीं है!

नरेंद्र मोदी सरकार ने ट्रांसजेंडर के वर्ग की पहचान कर ली है। अन्य पिछड़ा वर्ग बेसिकली वर्ण व्यवस्था का ट्रांसजेंडर है। न वह उच्च वर्ग है न निम्न वर्ग है। उसे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसकी जमीन छीन ली जाए, नौकरियां छीन ली जाएं। यह वर्ग इस छिनैती पर ताली बजा सकता है, या गुस्सा आने पर कपड़े खोलकर नाच सकता है। अपने को किसी राजा रजवाड़े की औलाद घोषित कर सकता है। किसी उच्च जाति के राजा रहे व्यक्ति को जबरी अपना बाप बना सकता है कि हम उसी के खानदान के हैं। इससे ज्यादा ओबीसी की औकात नहीं है। इसलिए सरकार ने ओबीसी को हिजड़ा मानते हुए हिजड़ों को उनके वर्ग में आरक्षण में डाल दिया। 52% ओबीसी आबादी को 27% आरक्षण मिलता है, इसी में हिजड़ा भी सही, किसे फर्क पड़ता है?
ओबीसी वर्ग को मुबारक हो।

उत्तर प्रदेश में अखिलेश भैया अहीर मीयां समीकरण बनाने में लगे हैं। उनको इस मसले से कोई मतलब नहीं है। बहन जी को ओबीसी वोट चाहिए ही नहीं, दलित ब्राह्मण मिलकर उनको मुख्यमंत्री बना देंगे। ओबीसी नामक हिजड़े इसी में खुश रहें औरजय श्रीराम, भारत माता की जय के नारे लगाकर कांवड़ डांस करें। जब तक यूपी नहीं बोलेगा, इस मसले पर कुछ होना भी नहीं है।
#भवतु_सब्ब_मंगलम

Satyendra PS
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क्षत्रिय कुलभूषण संत शिरोमणि, राजर्षि, श्री श्री 1008 श्री स्वामी नरेंद्र गिरि जी महाराज की हत्या/आत्महत्या किसी भी हालत में हिन्दू समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता।

एक क्षत्रिय आत्महत्या करे, यह संभव नहीं लगता। महाराणा प्रताप घास चरकर जीवित रहे और उन्होंने अकबर का मुकाबला किया था।
इस मामले की जांच हो और जिन तत्वों ने उन्हें बदनाम करने, उनके बचे खुचे चरित्र का हनन करने की कवायद की, उन्हें सजा दिलाई जाए। क्षत्रिय समाज को शस्त्र उठाने के लिए विवश न किया जाए। ब्राह्मणों का तभी तक सम्मान है जब तक वह अपने धर्मानुकूल हदों में रहें 👿
करणी सेना की जय।

#भवतु_सब्ब_मंगलम

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