देश

कड़वा सच…?…क्या इनके लिए कोई क़ानून, कोई आयोग, कोई पार्टी है?

Farid Bharti
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कड़वा सच…?
शरजील इमाम – 439 दिन+
मीरान हैदर – 376 दिन+
आसिफ सुल्तान – 331 दिन+
खालिद सैफी। – 408 दिन+
इशरत जहां – 408 दिन+
उमर खालिद – 211 दिन+
गुल्फिशा। – 251 दिन+
शाहरुख। – 408 दिन+


यूएपीए कानून के सेक्शन 43डी (2) के तहत पुलिस हिरासत के समय को दोगुना तक बढ़ा सकती है, इसके तहत 30 दिन की पुलिस हिरासत मिल सकती है, वहीं, न्यायिक हिरासत 90 दिन तक की हो सकती है, जबकि अन्य कानून के तहत हिरासत केवल 60 दिन की होती है, इतना ही नहीं यूएपीए कानून के तहत केस दर्ज होने पर अग्रिम जमानत नहीं मिलती है, यूएपीए कानून के सेक्शन 43डी (5) के तहत अगर प्रथमदृष्टया उस पर केस बनता है तो अदालत भी उसे जमानत नहीं दे सकती, इसमें सात साल की सजा से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है, साथ ही आरोपी की संपत्ति जब्त भी की जा सकती है.
क्या इनके लिए कोई कानून, कोई आयोग, कोई पार्टी है…?

Farid Bharti
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करप्शन पर 37 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, किया है सस्पेंड…?
ख़बर एनबीटीवी इंडिया

बुलंदशहर मैं यूपी सरकार की भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति को एसएसपी संतोष कुमार सिंह लगातार मज़बूती के साथ लागू कर रहे हैं, भ्रष्टाचार के मामले में कभी भी कार्यवाही करने से नहीं चूकते, अपने पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्यवाही ही क्यूं ना करनी पड़े करते हैं, एसएसपी (SSP) ने अब तक 37 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई को अंजाम दिया है, यह कार्रवाई छोटी बड़ी सभी गलतियों पर की गई है, करप्शन के मामलों में घिरे पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही की गई है, पुलिसकर्मी घूसख़ोरी मैं कैसे भी शामिल हो या सीधे रिश्वतखोरी में लिप्त हो वो बख़्शा नहीं गया, बहुत से पुलिसकर्मियों की वीडियो भी वायरल हुई थी, एसएसपी ने घूसखोर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर यह संदेश दिया कि हमारी पुलिस में करप्शन का कोई स्थान नहीं.

बुलंदशहर एस एस पी श्री संतोष कुमार का कार्यकाल ज़िले में 2 साल से अधिक हो चुका है, इस दौरान एसएसपी के पास पुलिसकर्मियों के गलत आचरण की शिकायतों के साथ करप्शन की बहुत सी शिकायतें भी पहुंची, आमजन के साथ गलत आचरण की शिकायत पर एसएसपी ने अनेक सिपाहियों व दरोगाओं को लाइन हाजिर ही नहीं किया, बल्कि जनपद में 37 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई भी की, जो पुलिस की प्राथमिक जांच में सीधे-सीधे भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए थे.

अक्सर पुलिस के बड़े अधिकारी भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मामले में अधीनस्थ कर्मचारियों को बचाने का प्रयास करते हैं, मगर बुलंदशहर एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने दोषियों को बचाने की जगह उन पर दंडात्मक कार्रवाई कर यह संदेश दिया कि योगी राज की पुलिस में भ्रष्टाचार नहीं चलने वाला.

हमेशा ही जन सुनवाई के दौरान एसएसपी को यह कहते हुए सुना गया है कि उनकी पोस्टिंग थाना अध्यक्षों को कमवाने के लिए नहीं की गई है, बल्कि वो गरीब को न्याय दिलाने के लिए तैनात किए गए हैं, उनकी प्राथमिकता जनपद में स्मार्ट पुलिस सेवा पैदा करना है, वारदातो का अनावरण के साथ पुलिस के भ्रष्टाचार को भी खत्म करना है.

आपको बता दें कि आईपीएस संतोष कुमार सिंह को शासन ने 4 अगस्त वर्ष 2019 को चंदौली से स्थानांतरित कर बुलंदशहर का एसएसपी तैनात किया था, एसएसपी बुलंदशहर संतोष कुमार सिंह का कार्यकाल अब तक जितने भी एसएसपी बुलंदशहर में आए हैं उनमें सबसे अधिक हो चुका है, इसके पीछे का कारण पुलिसिंग में पकड़ और उनकी ईमानदारी की कार्यशैली बतायी जाती है.

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